भिवानी। जिला मुख्यालय की मंडी में सरकार के निर्देशों के बाद शनिवार को बाजरा की खरीद आरंभ हो गई। पहले दिन मंडी में मात्र सात किसानों के 295 क्विंटल बाजरा की सरकारी खरीद कराई गई। जबकि मंडी में शनिवार को 40 किसानों ने 855 क्विंटल बाजरा बिक्री का गेट पास कटवाया था।
अधिकांश किसानों की फसल में साफ सफाई नहीं होने और नमी अधिक होने का हवाला देकर खरीद से किनारा किया। जबकि शनिवार दोपहर को हुई बारिश में मंडी पहुंचे किसानों के बाजरे की ढेरियां भी भीग गई। इसकी वजह से किसानों का करीब ढाई सौ से तीन सौ क्विंटल बाजरा खराब होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि बारिश से पहले ही खरीद एजेंसी हैफेड अधिकारियों ने ढेरियों की बोली करा दी थी। किसानों का आरोप था कि अधिकारियों व आढ़तियों ने मंडी में बारिश से बचाव के लिए भी कोई पर्याप्त प्रबंध नहीं किया।
सरकार ने एक अक्तूबर से बाजरा की खरीद शुरू किए जाने की घोषणा की थी, मगर किसानों की फसल मंडी पहुंच रही थी। जिसे देखते हुए सरकार ने पहले ही जिला मुख्यालय की मंडी में बाजरा की खरीद शुरू करा दी। शनिवार को भिवानी मंडी में 40 रजिस्टर्ड किसानों ने अपना गेट पास कटवाया और करीब 855 क्विंटल बाजरा बिक्री के लिए मंडी में डाल दिया। अधिकांश किसानों को प्लेटफार्म के बाहर अपना बाजरा उतारना पड़ा या फिर उन्हें खुले प्लेटफार्म पर ही बाजरे की ट्रैक्टर-ट्राॅली खाली करनी पड़ी। शनिवार दोपहर अचानक मौसम बिगड़ा और बारिश शुरू हो गई। खुले में पड़ा किसानों का बाजरा भी बारिश में भीग गया। आढ़तियों ने हलके तिरपाल बाजरा पर तान दिए, मगर तेज हवा में ये तिरपाल भी तितर बितर हो गए। वहीं बाजरा की ढेरियों के पास भी जलभराव हो गया।
मैं मंडी में अपनी कपास और बाजरा की फसल मंडी में आया हूं। मैंने दस क्विंटल बाजरा का मेरी फसल मेरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन भी कराया था। भावांतर न एमएसपी में कोई राहत किसानों को मिल रही है, क्योंकि अधिकारी बाजरा की खरीद ही नहीं कर रहे हैं। उनकी फसल में कमी बताकर ढेरी को देख आगे बढ़ गए। मौसम भी खराब है। ऐसे में बाजरा प्राइवेट तौर पर ही बेचकर घर लौटना पड़ेगा।
-नित्यानंद, नीमड़ीवाली का किसान।
मेरी कपास की तो मिलर खरीद कर रहे हैं, लेकिन बाजरा की ढेरी को अधिकारी देखकर आगे बढ़ गए हैं। पहले दिन सरकारी खरीद तो शुरू हुई हैं, मगर अधिकांश किसानों का बाजरा मंडी में खुले में ही पड़ा है। कई ढेरियां तो बारिश में भी भीग चुकी हैं। अब उनका बाजरा बिकेगा या खराब होगा कोई गारंटी नहीं है। केवल कुछ किसानों की ढेरियां को खरीदा गया है।
-जगबीर, किसान।
सोमवार से होगी जिले की अन्य मंडियों में बाजरा खरीद
शनिवार को भिवानी जिला मुख्यालय की मंडी में ही किसानों का बाजरा खरीदा गया, जबकि सोमवार से हैफेड और सीडब्ल्यूसी के अधिकारी जिले की निर्धारित 11 मंडियों में बाजरा की खरीद शुरू कराएंगे। ग्रामीण क्षेत्र की मंडियों में बाजरा की खरीद शुरू होने से किसानों को भिवानी अपनी फसल लेकर नहीं आना पड़ेगा।
शनिवार से भिवानी मंडी में बाजरा की सरकारी खरीद हैफेड ने शुरू कराई है। पहले दिन मंडी में 295 क्विंटल बाजरा किसानों से हैफेड ने खरीद किया है। जबकि अन्य किसानों को अपनी ढेरियों की सफाई कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। सोमवार से ग्रामीण क्षेत्र की मंडियों में भी गेहूं की सरकारी खरीद शुरू की जाएगी।
-योगेश कुमार शर्मा, मंडी सुपरवाइजर, हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड, भिवानी।