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Bhiwani News: जिले के 35 गांवों में बनेंगी स्मार्ट स्ट्रीट, सीसीटीवी से होगी निगरानी

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गांव चांग की गली।
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भिवानी। जिले के सातों खंडों के 35 गांवों में स्मार्ट स्ट्रीट का निर्माण किया जाएगा। पंचायत विभाग की ओर से प्रत्येक खंड के सबसे अधिक जनसंख्या वाले पांच गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों में एक-एक गली को स्मार्ट स्ट्रीट के रूप में विकसित किया जाएगा जहां स्ट्रीट लाइट, इंटरलॉकिंग टाइल, पानी निकासी के लिए नाला और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की व्यवस्था होगी।
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जिले के 35 गांवों में स्मार्ट स्ट्रीट का निर्माण पंचायत विभाग कराएगा। प्रत्येक खंड में पांच गांवों का चयन किया गया है जिसकी जनसंख्या उस खंड में सबसे अधिक आंकी गई है। इन बड़े गांवों में एक-एक गली को स्मार्ट स्ट्रीट का लुक दिया जाएगा। गली के भीतर स्ट्रीट लाइट की रोशनी होगी और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी।
स्मार्ट स्ट्रीट निर्माण के तहत गली को इंटरलॉकिंग टाइल से तैयार किया जाएगा। इसके दोनों ओर पानी निकासी के लिए अलग से नाला बनाया जाएगा। इसके साथ ही स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की जाएगी और सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। पंचायती राज तकनीकी विंग इन गांवों की गलियों को स्मार्ट स्ट्रीट बनाने के लिए एस्टीमेट तैयार करने में जुटा है। एक पखवाड़े बाद इन गलियों के एस्टीमेट सरकार को भेजे जाएंगे।
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प्रत्येक गांव की एक स्मार्ट स्ट्रीट पर करीब 25 से 30 लाख रुपये की अनुमानित लागत आएगी। जिले में कुल सात खंड हैं, जिनमें भिवानी, तोशाम, लोहारू, कैरू, सिवानी, बहल और बवानीखेड़ा शामिल हैं। प्रत्येक खंड के पांच गांवों को स्मार्ट स्ट्रीट योजना में शामिल किया गया है। ग्राम पंचायत अपने गांव की एक गली का चयन कर उसका प्रस्ताव पंचायती राज विभाग को भेजेगी। इसके बाद पंचायती राज तकनीकी विंग की ओर से विकास कार्य कराया जाएगा। स्मार्ट स्ट्रीट बनने के बाद इन गलियों की साफ-सफाई की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होगी। पंचायती राज तकनीकी विभाग ने प्रत्येक खंड में सबसे अधिक जनसंख्या वाले गांवों का चयन वरीयता के आधार पर किया है। इस तरह जिले के कुल 35 गांवों में स्मार्ट स्ट्रीट तैयार की जाएंगी, जो किसी आधुनिक शहर की तर्ज पर नजर आएंगी।

स्मार्ट स्ट्रीट के लिए ये गांव किए गए हैं चिह्नित
पंचायती राज तकनीकी विभाग की तरफ से जिले के सात खंडों में कुल 35 गांवों का स्मार्ट स्ट्रीट के लिए चयन किया गया है। इनमें बवानीखेड़ा खंड के गांव बलियाली, पुर, जाटूलुहारी, बड़सी, प्रेमनगर हैं। भिवानी खंड के गांव तिगड़ाना, चांग, धनाना, कलिंगा शामिल हैं। इसी तरह बहल खंड के गांव बहल, मंढोलीकलां, चहड़कलां, बिधनोई, पातवान शामिल हैं। लोहारू खंड के गांव सोहांसड़ा, सिंघानी, ढिगावा जाटान, खरकड़ी, कुडल शामिल हैं। सिवानी खंड के गांव बडवा, गुरेरा, मंढोली खुर्द, बिधवान, नलोई को शामिल किया गया है। कैरू खंड के गांव लोहानी, देवराला, कैरू प्रथम, कैरू द्वितीय, सुंगरपुर शामिल हैं। तोशाम खंड के गांव तोशाम, खानक, संडवा, ढाणीमाहू, सागवान शामिल किए गए हैं।

ग्राम पंचायतें की तरफ से किया गया है चिह्नित
स्मार्ट स्ट्रीट के लिए गली का चिह्नांकन ग्राम पंचायतों की तरफ से किया गया है। इसका प्रस्ताव भी पारित हो चुका है। इन गांवों की गलियों के अंदर स्ट्रीट लाइट, इंटरलॉकिंग से पक्की गली बनाने और सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए ड्राइंग तैयार की जाएगी। इसके बाद इन गलियों के एस्टीमेट मुख्यालय भेजकर कार्य कराने के लिए बजट मांगा जाएगा। प्रत्येक गांव की गली पर 25 से 30 लाख रुपये की अनुमानित लागत आएगी।


जिले के 35 गांवों में स्मार्ट स्ट्रीट तैयार की जाएंगी। इसके लिए प्रत्येक खंड में सबसे अधिक आबादी वाले गांवों का वरीयता के अनुसार चयन किया जा चुका है। इन गांवों में कौन सी गली को स्मार्ट गली बनाया जाएगा इसका प्रस्ताव भी ग्राम पंचायतों की तरफ से दिया गया है। फिलहाल विभाग इनके एस्टीमेट तैयार करने में लगा है। करीब एक पखवाड़े बाद इनके एस्टीमेट मुख्यालय को भेज दिए जाएंगे। गली को शहरी तर्ज पर बनाया जाएगा और इसके अंदर स्ट्रीट लाइटें व सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। -संभव जैन, कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज तकनीकी विंग, भिवानी।
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