भिवानी। ढाणा रोड मिनी बाईपास और कोंट रोड स्थित लक्ष्मी नगर कॉलोनी में बंदरों के उत्पात और मूलभूत सुविधाओं के अभाव ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। क्षेत्र की कई गलियां अब भी कच्ची पड़ी हैं जिनमें बारिश के बाद फिसलन बढ़ जाती है। वहीं बंदरों के डर से लोग घरों की छतों पर भी नहीं जा पाते।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बंदर घरों में घुसकर फ्रीज और रसोई से खाना चुरा ले जाते हैं, कपड़े फाड़ते हैं और कई बार बच्चों व बुजुर्गों को चोटिल भी कर चुके हैं। शिकायतों के बावजूद नगर परिषद की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। दादरी गेट, कोंट रोड, लक्ष्मी नगर और ढाणा रोड क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है, सीवर लाइन बंद है और पेयजल संकट बना हुआ है। लोगों का कहना है कि बंदरों का आतंक बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा बन गया है और घर के अंदर भी वे सुरक्षित महसूस नहीं करते।
नगर परिषद बंदरों के उत्पात से जल्द दिलाए निजात
कोंट रोड लक्ष्मी नगर गली नंबर 13 निवासी राधिका ने बताया कि पिछले कुछ समय से बंदरों के झुंड ने मोहल्ले के लोगों को परेशान कर रखा है। बंदर घरों में घुसकर खाने-पीने का सामान चुरा लेते हैं और कपड़े व अन्य सामान फाड़ देते हैं। उनकी वजह से बच्चों और बुजुर्गों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया है क्योंकि वे हमला कर देते हैं। कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं। राधिका ने कहा कि इस आतंक से इलाके में डर और असुरक्षा का माहौल है और नगर परिषद से जल्द समाधान की मांग की।
ढाणा रोड पर मुख्य सड़क पक्की कर दी गई थी लेकिन कुछ गलियां अब भी कच्ची हैं। मुख्य सड़कों के किनारे गंदगी का नियमित उठान नहीं हो पा रहा। कच्ची गलियों को पक्का किया जाए और ठप पड़ी सीवर व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। -पुष्पा देवी, स्थानीय निवासी।
कोंट रोड दादरी गेट क्षेत्र में पानी की भारी समस्या है। बंदरों के कारण घरों की छतों पर जाना भी मुश्किल हो गया है और बच्चे घर में भी सुरक्षित नहीं हैं। नगर परिषद जल्द से जल्द बंदरों से निजात दिलाए। -नीलम देवी, स्थानीय निवासी।
ढाणा रोड और कोंट रोड क्षेत्र के लोग सीवर, पेयजल और सफाई की कमी से परेशान हैं। बारिश के दौरान कच्ची गलियों में फिसलन हो जाती है और प्रशासन को यहां मूलभूत सुविधाएं मुहैया करानी चाहिए। -बिजेंद्र, स्थानीय निवासी।
शहर में लावारिस पशु और बंदरों की समस्या बढ़ती जा रही है। नगर परिषद को बंदरों को सुरक्षित स्थान पर छोड़ने और कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कदम उठाने चाहिए। -बलबीर जांगड़ा, स्थानीय निवासी।