भिवानी। मौसम में बदलाव के कारण त्वचा संबंधी रोगों के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। शहर के पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के ओपीडी विभाग में पहले प्रतिदिन 60-70 मरीज आते थे जबकि अब यह आंकड़ा 100 से अधिक हो गया है। खुजली, मुंहासे और त्वचा संक्रमण जैसी समस्याओं के साथ अधिक रोगी पहुंच रहे हैं।
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. जनश्रुति ने बताया कि गर्मी के मौसम में पसीना अधिक आता है जिससे फंगल संक्रमण होने की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। धूप में निकलते समय शरीर को अच्छे से ढकें और सूती कपड़े पहनें। जिन मरीजों को पहले से दाद-खुजली की समस्या है उन्हें अधिक धूप से बचना चाहिए।
डॉ. जनश्रुति ने यह भी कहा कि शरीर में पानी की कमी न होने दें और प्राकृतिक जूस का सेवन करें। किसी संक्रमित व्यक्ति के कपड़े, तौलिया या अन्य सामान का साझा उपयोग न करें। साथ ही मरीजों को दवा के साथ संतुलित खान-पान का पालन करने की सलाह भी दी जा रही है।
ये हैं लक्षण
त्वचा रोग में त्वचा पर कई तरह की समस्याएं दिखाई देती हैं। इसमें खुजली, लालिमा, सूजन, दाने, फोड़े या फफोले बन सकते हैं। कभी-कभी त्वचा पर पपड़ी या छाले लग जाते हैं। त्वचा का रंग बदल सकता है या वह रूखी और फटी दिखाई दे सकती है। कुछ रोगों में जलन, दर्द या झुर्रियां भी दिखाई देती हैं। फंगल या बैक्टीरियल संक्रमण के कारण छोटे दाने और छाले भी बन सकते हैं। गंभीर मामलों में बुखार, थकान या संक्रमण के अन्य लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। त्वचा रोग जल्दी पहचान कर इलाज करवाना जरूरी होता है।