भिवानी। शहर के औद्योगिक सेक्टर 21 और 26 में मुख्य सड़कें छह स्थानों पर धंस गई हैं और कई जगहों पर सड़क की ऊपरी परत उखड़ चुकी है। सीवर मैनहोल भी क्षतिग्रस्त पड़े हैं। सीएम विंडो में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा संज्ञान नहीं लिया गया है। वारंटी अवधि समाप्त होने का हवाला दिया जा रहा है जबकि भारी वाहन सड़कों पर हिचकोले खा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से वर्ष 2022 में करीब 35 करोड़ रुपये के बजट से औद्योगिक सेक्टर 21 और 26 में बड़े स्तर पर विकास कार्य कराए गए थे। इस बजट से दोनों सेक्टरों में पानी और सीवर लाइनों का सुदृढ़ीकरण किया गया था। साथ ही आरसीसी पैटर्न पर सड़कें बनाई गई थीं और सेक्टरों के पार्कों का भी नवीनीकरण कराया गया था।
आरसीसी पैटर्न पर बनी सड़कें चार साल भी नहीं टिक सकीं और कई स्थानों पर गड्ढों में तब्दील हो गईं। कई जगह सड़क की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ चुकी है जिससे नुकीली रोड़ियां बाहर आ गई हैं। अचानक बने गड्ढों से वाहनों का संतुलन बिगड़ने का खतरा बना हुआ है और हादसों की आशंका भी जताई जा रही है।
औद्योगिक सेक्टर के उद्योगपतियों का कहना है कि करीब 35 करोड़ रुपये से किए गए कार्य 25 से 30 साल की आवश्यकता को ध्यान में रखकर कराए गए थे, लेकिन चार साल भी पूरे नहीं हुए और सड़कों की स्थिति अव्यवस्थित हो गई है। जिस एजेंसी ने सड़क निर्माण किया था, उसकी तीन साल की वारंटी थी लेकिन अब कंपनी गायब हो चुकी है। इसके चलते अधिकारी जीर्णोद्धार कराने में हिलाहवाली कर रहे हैं।
भिवानी उद्योग संघ की तरफ से सीएम विंडो में सड़कों की खराब हालत की शिकायत दर्ज कराई गई थी। सड़क निर्माण कराने वाली एजेंसी गायब हो चुकी है अधिकारी वारंटी खत्म होने का हवाला देकर इसके जीर्णोंद्धार में बहानेबाजी कर रहे हैं। औद्योगिक सेक्टरों के अंदर उद्योगों की सुविधा के लिए सरकार ने करोड़ों का बजट सिर्फ इसलिए लगाया था कि यहां के उद्योगों को फायदा मिले, मगर अब ये काम सुविधा के बजाए दुविधा बन गए हैं। -शैलेंद्र जैन अध्यक्ष भिवानी उद्योग संघ।
एचएसवीपी की तरफ से औद्योगिक सेक्टर 21 और 26 में काफी विकास के काम कराए गए हैं। फिलहाल कोई नया काम नहीं कराया जा रहा है। दोनों ही सेक्टरों को एचएसआईडीसी विभाग में स्थानांतरित किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। जिसके बाद ये दोनों सेक्टर एचएसवीपी के पास से दूसरे विभाग में चले जाएंगे, जिनका रखरखाव भी वही विभाग करेगा। जो कुछ खामियां मिल रही हैं, उन्हें फिलहाल दूर कराया जा रहा है। -भूपेंद्र सिंह कार्यकारी अभियंता एचएसवीपी भिवानी।