भिवानी। साहब, 15 दिन से पानी नहीं आया है। कॉलोनी में बूस्टर है, फिर भी पानी नहीं मिल रहा। अवैध कनेक्शनों की भरमार है और वे 800 रुपये का टैंकर मंगवाकर प्यास बुझा रहे हैं। इसका समाधान किया जाए। यह गुहार डीसी कॉलोनी निवासी अधिवक्ता अमरजीत सिंह ने मंगलवार को पंचायत भवन में लगे खुले दरबार में अधिकारियों को समक्ष लगाई।
शिकायत के बाद कमेटी अध्यक्ष व एसडीओ जनस्वास्थ्य विभाग प्रवीण कुमार ने कहा कि इस पर सख्त कदम उठाते हुए अवैध कनेक्शन काटे जाएंगे। मंगलवार को वार्ड एक से 10 तक की समस्याओं के समाधान के लिए लगे खुले दरबार में 40 शिकायतें रखीं गईं। इनमें ज्यादातर बिजली, पानी की किल्लत, ठप सीवर लाइन, गली निर्माण, सफाई से संबंधित रहीं।
जिला प्रशासन की ओर से शहरवासियों की समस्याओं का तुरंत समाधान करने के लिए योजना बनाई है। इसके तहत पंचायत भवन में खुला दरबार लगाया जाएगा। इसमें 10-10 करके वार्डों के लोगों को बुलाया जाएगा। कोई भी व्यक्ति अपनी पानी, सीवर, सड़क, बिजली, सफाई या अन्य किसी विभाग से संबंधित शिकायत रख सकता है। जिसका संबंधित विभाग अधिकारी और जिला प्रशासनिक अधिकारी मौके पर निरीक्षण कर समाधान करवाएंगे।
वार्ड एक से दस तक के लोगों के लिए लगे पहले खुले दरबार का समय सुबह 10 बजे तय किया था। पहली दफा अधिकारी तो समय पर पहुंचे, मगर आमजन नहीं। 10 से 11 बजे तक के पहले एक घंटे में महज दो ही शिकायतकर्ता पहुंचे। अगले एक घंटे में छह से सात अन्य शिकायतकर्ता पहुंचे। अधिकारी शाम चार बजे तक पंचायत भवन में बैठे शिकायतकर्ताओं का इंतजार करते रहे। दिनभर में कुल 40 शिकायतें आईं। खुले दरबार में सीवरेज से संबंधित एसडीओ सूरज प्रकाश जैन, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ शशांक कुमार, बिजली निगम से एसडीओ अनुराग, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से जेई करुण कुमार, नगर परिषद से जेई अर्जुन नाथ व सफाई निरीक्षक संजय कुमार मौजूद रहे।
वार्ड 11 से 20 के लिए खुला दरबार 12 को
अब अगला खुला दरबार 12 अप्रैल को पंचायत भवन में ही लगेगा। इसजिमें वार्ड नंबर 11 से 20 तक के लोगों की समस्याएं सुनी जाएंगी।
पेयजल किल्लत आरै सफाई नहीं होने से परेशान हैं लोग
40 में से 12 समस्याएं पेयजल और 13 सीवर लाइन जाम से संबंधित थीं। इसके अलावा पांच समस्याएं सफाई व्यवस्था को लेकर थीं। सेक्टर 13-23, विकास नगर, शांति नगर और भारत नगर से लोगों ने सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने, पानी की सही निकासी की मांग की। इसी प्रकार से सेक्टर 13 से लोगों ने पानी की निकासी की मांग रखी। सेक्टर 23 से लोगों ने सेक्टर के अंदर की सड़कों का नवनिर्माण करवाने की मांग रखी। फ्रेंड्स कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, न्यू भारत नगर आदि क्षेत्र के लोगों ने पेयजल से संबंधित समस्याएं अधिकारियों को दीं। बैंक कॉलोनी, भारत नगर, विकास नगर व कीर्ति नगर से लोगों ने सीवर लाइन की सफाई करवाने की मांग की।
मूलभूत सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं
शिकायत लेकर पहुंचे सिटी कॉलोनी, सिटी रेलवे स्टेशन लाइन पार निवासी राकेश, मोहित, सुभाष ने बताया कि हमारी कॉलोनी में सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है। यहां न पीने के लिए पानी है, न पक्की गलियां, न सीवर लाइन, न बिजली की उचित व्यवस्था। गांव से भी बदतर हालात हैं।
सेक्टर और फ्रेंड्स कॉलोनी में समस्याओं का अंबार
दी भिवानी रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान रामकिशन शर्मा ने शिकायत रखते हुए कहा कि देवनगर, फ्रेंड्स कॉलोनी में पानी की सप्लाई एक साथ आती है, जिससे आखिरी मकानों तक पानी नहीं पहुंचता। इसका वॉल्व सिस्टम अलग से किया जाए। वहीं फ्रेंड्स कॉलोनी में गली नंबर-12 के पास बड़ का पेड़ है, जिसकी जड़े गली तक फैल चुकी हैं। जिससे आनेजाने में दिक्कत होती है। पेड़ को छंटवाया जाए। सेक्टर-13 के वीकर सेक्शन में पेयजल की समस्या गंभीर है। सेक्टर-13 में सड़क का लेवल सही नहीं होने पर जलभराव होता है। भगत सिंह चौक से सिटी स्टेशन तक सड़क के बीच में बिजली के खंभे हैं। इनको हटवाया जाए।
सप्लाई में आ रहा ट्यूबवेल का पानी
फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी चंद्रभान ने बताया कि गली नंबर 12 में पेयजल सप्लाई में ट्यूबवेल का पानी दिया जाता है, जो खारा होने के कारण पीने में प्रयोग नहीं किया जा सकता। इसके अलावा यहां न बिजली के पोल हैं न तार। इस कारण काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों ने सभी लोगों का समस्याओं के उचित समाधान का आश्वासन दिया।
शिकायतों की जांच कर होगा उचित समाधान
उपायुक्त के निर्देश पर शहर वासियों की समस्याओं के समाधान के लिए खुला दरबार लगाया गया है। पानी संबंधित समस्याएं आई हैं, जिसका मुख्य कारण है अवैध कनेक्शन और लोगों का मोटरों का अत्यधिक प्रयोग है। लोग 10 साल से ज्यादा पुराने कनेक्शन की जांच कर रिपेयरिंग करवाएं। इनकी लीकेज से दूषित जलापूर्ति होती है। शिकायतों की जांच कर उचित समाधान किया जाएगा।
- प्रवीण कुमार, अध्यक्ष कमेटी एवं उप मंडल अभियंता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।