भिवानी। नगर परिषद में घोटाले लगातार सामने आ रहे हैं। अब शौचालय की जगह दुकानें बनाने का मामला प्रकाश में आया है। अप्रैल माह में दी शिकायत पर पुलिस ने अब कार्रवाई करते हुए तत्कालीन प्रधान, उप प्रधान समेत सात नामजद व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। नगर परिषद में मार्च माह से ही घोटाले पर घोटाले उजागर हो रहे हैं। पहले चेक घोटाला सामने आया। इसमें तत्कालीन नप चेयरमैन रण सिंह यादव, अकाउंटेंट सुरेश कुमार, संजय बंसल, बैंक मैनेजर समेत अन्य के नाम आए। इसके बाद रसीद घोटाला, जमीन घोटाला सामने आया।
ये हैं आरोप
शहर के सार्वजनिक शौचालयों का स्वरूप बदल उनकी जगह दुकानें बना दी गई। इनमें पतराम गेट बाबा कानदास के घेर पर दो दुकानें महाबीर टीकला के मकान के साथ, जमना दास पूर्व एमसी के मकान के सामने, हनुमान गेट लखीराम के साथ चार दुकानें बना ली गई। इनके अलावा कुछ संदिग्ध स्थान है। इनमें रविदास मंदिर के साथ, बावड़ी गेट , न्यूज हाउससिंग बोर्ड दादरी गेट के पास, देवसर चुंगी पर रेलवे ओवरब्रिज के नीचे, लिटिल हार्ट स्कूल के पास वाल्मीकि मोहल्ला शेखावत डेयरी के पास, सरकारी अस्पताल के सामने नजदीक गर्ल्स स्कूल के पास शौचालय थे, जो अब नहीं है।
इन पर दर्ज हुआ केस
मामले में तत्कालीन चेयरमैन रण सिंह, तत्कालीन उप प्रधान मामनचंद, गली धानकान पतराम गेट वासी राजेश कुमार, मनीष, कपिस, रवींद्र, मीना देवी व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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नगर परिषद में बड़े स्तर पर घोटाले हुए है। शौचालयों की जगह दुकाने बनाकर कब्जा कर लिया। हमने पुलिस को सूची भी सौंपी है। अब मामले की जांच के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस निष्पक्ष जांच करें तो बड़े स्तर पर घोटाले मिलेंगे।
सुशील वर्मा, शिकायतकर्ता
वर्जन :::
शिकायत के आधार पर सात नामजद व अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।मामले की जांच की जा रही है।
- इंस्पेक्टर हरिओम, इंचार्ज, शहर थाना।