लोहारू। संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा उपमंडल परिसर में चल रहे अनिश्चितकालीन महापड़ाव के 223वें दिन धरने को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान रामफल देशवाल ने प्राइवेट बस संचालकों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बस संचालक परिवहन विभाग के निर्देशों को नकारते हुए वरिष्ठ नागरिकों से पूरा किराया वसूल रहे हैं। विरोध करने या छूट की मांग करने पर उनके साथ बदसलूकी की जाती है और बस से नीचे उतारने तक की नौबत आ जाती है। उन्होंने उपायुक्त और आरटीओ की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों से ठोस कार्रवाई की मांग की।
मास्टर उमराव सिंह ने संशोधित बिजली कानून 2025 और बीज कानून 2025 को वापस लेने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर योजना किसानों, मजदूरों और आम उपभोक्ताओं की कमर तोड़ देगी और इससे केवल पूंजीपतियों को लाभ होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि छह महीने बीत जाने के बावजूद हरियाणा सरकार सैकड़ों किसानों के खेतों से पानी की निकासी नहीं करवा सकी है, जिससे रबी फसल की बिजाई प्रभावित हुई है। उन्होंने मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों में स्पेशल गिरदावरी करवाई जाए और प्रति एकड़ 50 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए।
राजेन्द्र शेखावत ने वर्ष 2023 की कपास बीमा क्लेम राशि 350 करोड़ रुपये तुरंत जारी करने की मांग करते हुए कहा कि यदि किसानों की मांगें नहीं मानी गईं तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी।