भिवानी। चहारदीवारी टूटने के साथ ही विद्यार्थियों व स्कूल की सुरक्षा का दायरा भी टूट गया है। बच्चे जान जोखिम में डालकर सड़क पार कर प्यास बुझाने पर मजबूर हैं। दरअसल, हम यहां बात कर रहे हैं गांव बापोड़ा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की। इसकी चहारदीवारी टूट चुकी है। इसकी वजह से स्कूल परिसर में पानी की टंकी की टोंटियां भी चोरी हो चुकी हैं।
वहीं लावारिस पशुओं व बाहरी तत्वों का भी जमावड़ा लगा रहता है। मजबूरी में बच्चे भी अपनी प्यास बुझाने स्कूल से 300 मीटर दूर सड़क पार कर वाटर कूलर से पानी पीने जाते हैं। इसकी वजह से उनकी जान का भी जोखिम बना है। वहीं स्कूल प्राचार्य का कहना है कि विद्यालय परिसर की बाहरी दीवार टूट चुकी है। इसकी वजह से स्कूल में चोरी की वारदातें भी हो चुकी हैं। वहीं बाहरी तत्व व लावारिस पशु भी दिनभर परिसर में ही डेरा डाले रहते हैं।
गांव बापोड़ा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में इस समय करीब चार सौ से अधिक विद्यार्थी कक्षा छठी से बारहवीं तक की पढ़ाई कर रहे हैं। स्कूल में विद्यार्थियों को शिक्षक शैक्षणिक माहौल देने का पूरा प्रयास कर रहे हैं, मगर ढांचागत सुविधाओं का अभाव है। हालांकि बापोड़ा में नया स्कूल भवन भी तैयार हो रहा है। मगर पुरानी बिल्डिंग की सुरक्षा के लिए बनाई गई चहारदीवारी अब टूट चुकी है।
इसकी वजह से कोई भी बाहरी व्यक्ति अंदर आसानी से आ सकता है। स्कूल परिसर में ही विद्यार्थियों के पीने के लिए पानी की टंकी भी बनी हैं, मगर टोंटियां गायब हैं। स्कूल प्राचार्य का कहना है कि टोंटियां शरारती तत्वों ने तोड़ दी है और चोरी भी कर ली गई हैं। ऐसे में विद्यार्थी स्कूल में पीने के पानी का प्रबंध होने पर भी अपनी प्यास नहीं बुझा पा रहे हैं।
उन्हें स्कूल से करीब 300 मीटर दूर सड़क किनारे लगाए गए वाटर कूलर तक प्यास बुझाने के लिए जाना पड़ता है। तोशाम रोड पर दिनभर भारी वाहन चलते हैं। ऐसे में बच्चों के झुंड पानी पीने के लिए वाटर कूलर तक जाते हैं। इन बच्चों की भी तोशाम रोड के ट्रैफिक की वजह से जान जोखिम में है।
विद्यालय में करीब 400 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। विद्यालय परिसर में ही विद्यार्थियों के लिए समुचित व्यवस्थाएं की गई हैं। स्कूल परिसर की बाहरी दीवार टूटी हुई है। इस कारण विद्यालय में चोरी की घटनाएं भी हो चुकी हैं। चहारदीवारी के निर्माण का बजट भी आया हुआ है। इसके टेंडर कराकर काम शुरू कराया जाना है। इस संबंध में अधिकारियों से भी पत्राचार किया जा चुका है।
- राजेश कौशिक, प्राचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बापोड़ा।