प्रशासन की बेरुखी और खाली पड़े ईओ के पद को लेकर भड़के पार्षदों का धरना शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। पार्षदों के आंदोलन में नगरपालिका सफाई कर्मचारी भी कूद पड़े और शुक्रवार सुबह पूरे शहर में कूड़े का उठान नहीं हुआ। इससे शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लग गए।
पार्षदों के धरने पर पीएमएवाई के पात्र परिवारों ने भी बैठकर जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पार्षदों के कड़े तेवर देखकर प्रशासन भी हरकत में आया और दोपहर बाद हांसी के ईओ भिवानी नगर परिषद कार्यालय में पहुंचे। ईओ ने करीब डेढ़ करोड़ के पे बिल साइन किए, वहीं जून माह से अधर में लटके करीब 35 लाख रुपये के टेंडर भी खुलवाए। आंदोलन पर बैठे नप पार्षदों से धरना समाप्त कराने के लिए भी बातचीत चलती रही, मगर धरना समाप्त नहीं हुआ। शनिवार को भी धरना जारी रहेगा।
दूसरे दिन वाइस चेयरमैन ने की धरने की अगुवाई
पार्षदों के धरने की अगुवाई नप के वाइस चेयरमैन मामनचंद ने की। मामनचंद ने कहा कि प्रशासन की बेरुखी की वजह से पीएमएवाई के लाभ पात्रों को बकाया किस्तों का भुगतान नहीं हो रहा है। ईओ का पद खाली पड़ा हैं, जिससे नगर परिषद में हाउस टैक्स से लेकर कर्मचारियों के वेतन भुगतान तक का मामला अटका पड़ा है। वहीं, रोजाना अपने कामकाज के लिए नगर परिषद में आने वाले लोग भी इधर-उधर भटक रहे हैं। प्रशासन पार्षदों की मांग पर शहरवासियों के अटके कार्यों पर भी कोई सुध नहीं ले रहा था, इसलिए मजबूरन नप कार्यालय को ताला लगाकर आंदोलन करना पड़ा। तीन बार प्रशासन के समक्ष नगर परिषद के वर्तमान हालात रखे गए, मगर कोई समाधान नहीं निकाला। धरने पर पहुंचे नगर परिषद के चेयरमैन रणसिंह यादव ने जिला प्रशासन द्वारा हांसी के ईओ को अतिरिक्त कार्यभार सौंपते हुए रुके हुए कार्य निपटाने के संबंध में जानकारी दी, लेकिन इसके बाद भी पार्षद अपने धरने को समाप्त करने पर राजी नहीं हुए। उनकी पुरजोर मांग थी कि पीएमएवाई के सभी मामलों का निपटान होना चाहिए।
नप के गेट पर टेंट लगाकर चले दो धरने, तैनात रहा पुलिस बल
नप कार्यालय के गेट के बाहर दो तरफ धरने चल रहे थे। एक तरफ के धरने पर पार्षद बैठे थे, जबकि दूसरी तरफ धरने पर नगरपालिका सफाई कर्मचारी बैठे। वहीं इन दोनों धरनों के बीच पीएमएवाई के लाभ पात्र भी आंदोलन की कड़ी बने। रेलवे स्टेशन रोड पर वैश्य महाविद्यालय चौक तक पुलिस बल तैनात किया गया। नगरपालिका सफाई कर्मचारी यूनियन सदस्यों ने भी अपनी मांगों के समर्थन में पार्षदों का साथ दिया और नप में खाली पड़े अधिकारियों के पद भरने की मांग उठाई। नगरपालिका यूनियन प्रधान विजय कुमार, पुरुषोत्तम दानव, सुरेश, प्रवीण बागड़ी, दीपक, तेजपाल चौहान ने कहा कि शुक्रवार सुबह नगर परिषद कर्मचारियों ने धरना दिया और शहर में सफाई नहीं की। दोपहर बाद ईओ ने उनके अधिकांश मामलों का निपटारा कर दिया है, इसलिए शनिवार सुबह से सफाई का काम सुचारु रूप से किया जाएगा।
हांसी के ईओ ने आते ही निपटाए ये काम
हांसी से अतिरिक्त कार्यभार पर भिवानी नगर परिषद पहुंचे ईओ राजेश वर्मा ने कर्मचारियों के करीब डेढ़ करोड़ के वेतन भुगतान के पे बिल साइन किए। उन्होंने पार्कों में रखने के लिए स्टील के डस्टबिन के 10 लाख के टेंडर खोले। वहीं, पार्कों में लगाई जाने वाली जिम के 25 लाख के टेंडर भी खोले। ये सभी टेंडर जून में लगाए गए थे। मगर ईओ नहीं होने की वजह से नहीं खुले थे। उन्होंने नप अधिकारियों की बैठक लेकर भी जरूरी काम जल्द निपटान के निर्देश दिए। उन्होंने पार्षदों से भी अनुरोध किया कि कोई भी जरूरी काम नहीं रुकने दिया जाएगा और स्थानीय अधिकारी भी किसी कार्य में अड़चन नहीं बनेंगे।
वर्जन
शुक्रवार दोपहर बाद हांसी से ईओ आए हैं और कुछ मामले भी निपटाए हैं। कर्मचारियों के तीन एक्सग्रेसिया केस भी निपटाए हैं। मगर पीएमएवाई के सभी लाभार्थियों के मामले अभी नहीं निपटे हैं, जब तक सभी पात्र परिवारों को राशि भुगतान के केस नहीं निपटते, तब तक आंदोलन और धरना जारी रखेंगे।
-मामनचंद, उपाध्यक्ष, नगर परिषद भिवानी
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वर्जन
उपायुक्त के निर्देश पर हांसी के ईओ को भिवानी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। ईओ ने आते ही टेंडर खोले और एक्सग्रेसिया सहित कुछ मामले निपटा दिए हैं। पिछले काफी अर्से से नगर परिषद का कामकाज रुका हुआ था, जो अब सिरे चढ़ा है।
-रणसिंह यादव, चेयरमैन, नगर परिषद भिवानी
16 साल बाद नप में एक्सग्रेसिया के तहत चार सफाईकर्मी नियुक्त
भिवानी नगर परिषद में करीब 16 साल बाद चार सफाई कर्मियों को एक्सग्रेसिया नीति के तहत नियुक्त पत्र मिला। इस मौके पर नप चेयरमैन रणसिंह यादव, वाइस चेयरमैन मामनचंद, नगर पालिका सफाई कर्मचारी यूनियन प्रधान विजय कुमार व पुरुषोत्तम आदि मौजूद थे।
पुरुषोत्तम ने बताया कि वर्ष 2004 के बाद सरकार ने नगर परिषद में कोई सफाई कर्मचारियों की भर्ती नहीं की थी। मृतक सफाई कर्मचारियों के आश्रितों के एक्सग्रेसिया के मामले काफी सालों से लंबित पड़े थे। इस मांग को लेकर कई बार आंदोलन भी हुए, मगर सरकार की तरफ से हर बार आश्वासन मिलते रहे। पार्षदों के आंदोलन के साथ ही सफाई कर्मचारी भी आंदोलन कर रहे थे। इसी के संघर्ष स्वरूप चार मृतक सफाई कर्मचारी के आश्रित जितेंद्र की पत्नी रानी, संजय के पुत्र तुषार, वेदपाल के बेटे मंजीत व मसाणिया की पत्नी सुनीता को हांसी के ईओ राजेश वर्मा ने नियुक्ति पत्र सौंपा। यूनियन नेता पुरुषोत्तम व प्रधान विजय कुमार ने बताया कि कर्मचारी आंदोलन की जीत हुई है।
11 फोटो अपनी मांगों को लेकर नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे पार्षद व अन्य रोष व्यक्त करते ह?- फोटो : Bhiwani