रेलवे रोड स्थित नगर परिषद कार्यालय में वीरवार को नगर परिषद हाउस की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। बैठक करीब 15 मिनट ही चली थी कि पार्षदों का गुस्सा फूट पड़ा और फिर सभी ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। पार्षदों ने ईओ सहित कई अधिकारियों के खाली पड़े पदों की वजह से कामकाज ठप होने के साथ साथ पीएमएवाई के लाभार्थियों को पैसा न मिलने पर नाराजगी जताई।
सत्तारूढ़ भाजपा समर्थक नगर परिषद चेयरमैन रणसिंह यादव व वाइस चेयरमैन मामनचंद ने भी आक्रोशित पार्षदों का साथ दिया और फिर सभी ने मिलकर नगर परिषद के मुख्य गेट पर ताला जड़कर अर्धनग्न होकर विरोध प्रदर्शन किया। पार्षदों ने वहीं पर धरना देकर जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पार्षदों ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन भी नगर परिषद के एजेंडों पर बेरुखी दिखा रहा है। जुलाई माह में हुई नप की बैठक के एजेंडों को अभी तक डीसी कार्यालय में ही रोका हुआ है, जिस पर कोई आगामी कार्रवाई नहीं हुई। पार्षदों ने शहर की सफाई व्यवस्था न होने पर भी रोष जताया।
दो माह से नहीं ईओ, दो साल से खाली पड़ा बीआई का पद
आक्रोशित पार्षदों ने आरोप लगाया कि पिछले दो माह से नगर परिषद के पास कोई ईओ नहीं है और पिछले दो साल से बीआई का पद खाली पड़ा है। लोग अपने कामकाज के लिए चक्कर लगा रहे हैं, मगर अधिकारी नहीं होने की वजह से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। चरखी दादरी के ईओ को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा था, मगर वह यहां आते ही नहीं। इससे सारा कामकाज प्रभावित हो रहा है।
नप के सफाई व अन्य कार्यों के टेंडर फाइलों में अटके, डीसी की मंजूरी का इंतजार
वाइस चेयरमैन मामनचंद व पार्षद ईश्वर सिंह मान, पन्नू मस्ता, रेघा राघव, नरेंद्र तंवर, पवन सैनी प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि नप सदन की बैठक में जिन एजेंडों को पास किया गया था, उनको अब तक मंजूरी नहीं मिली है। मामला डीसी कार्यालय में अटका हुआ है। शहर की सफाई के टेंडर नहीं हो पाए हैं। इसी तरह अन्य कार्यों के टेंडर भी अधिकारियों की वजह से अटके पड़े हैं। पहले नप की बैठक में मंजूर मसौदे पर डीसी कार्यालय की कोई अनुमति की शर्त नहीं थी, लेकिन अब डीसी कार्यालय में पिछली बैठक के एजेंडा ही लंबित पड़े हैं।
टेंट लगाकर धरने पर बैठे, मांग पूरी होने तक कामकाज न करने की चेतावनी
पार्षद वीरवार दोपहर को नप कार्यालय के बाहर ही टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठे पार्षदों ने अपनी मांगें पूरी होने तक कामकाज न करने की भी चेतावनी दी। पार्षदों के धरने पर नगर परिषद के सफाई कर्मचारी भी समर्थन में बैठ गए।
ये अटके पड़े हैं काम
नगर परिषद के दायरे में आने वाले अधिकांश वार्डों में सफाई ठेके के टेंडर नहीं हुए हैं। इसी तरह स्ट्रीट लाइटों की रिपेयरिंग, नई गलियों के निर्माण, स्ट्रीट लाइट कनेक्शनों पर मीटर लगवाने सहित विकास कार्य अटके पड़े हैं। इसके अलावा नगर परिषद की आमदनी बढ़ाने के लिए हाउस टैक्स वसूली का काम भी बीआई नहीं होने से अटका हुआ है।
वर्जन-
नगर परिषद के सभी कामकाज पूरी तरह से ठप पड़े हैं। मेरी डीसी से फोन पर बात हुई हैं, उन्होंने पीएमएवाई के मामलों को जल्द निपटाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। ईओ व अन्य कर्मचारियों के खाली पदों पर भी जल्द व्यवस्था बनाने का आश्वासन दिया है। पिछली बैठक के एजेंडें भी अभी तक लंबित हैं और कोई टेंडर नहीं खोले गए हैं। इस कारण सफाई सहित अन्य विकास कार्य भी ठप हैं।
- रणसिंह यादव, चेयरमैन, नगर परिषद, भिवानी
नगर परिषद का 90 करोड़ का बजट मंजूर हुआ है। नप के खाते में 20 करोड़ 62 लाख रुपये पड़े हैं, फिर भी पीएमएवाई लाभार्थी को पैसा नहीं मिला है। प्रशासन नगर परिषद के कार्यों में कोई रुचि नहीं ले रहा है। अधिकारियों के पद खाली पड़े हैं। गरीब लोग आत्महत्या के लिए मजबूर हो रहे हैं, उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक पार्षद धरना जारी रखेंगे।
- मामनचंद, वाइस चेयरमैन, नगर परिषद, भिवानी
नगर परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला लगाते पार्षद व उपप्रधान मामनचंद। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : Bhiwani
नगर परिषद हाउस की बैठक में हंगामा करते पार्षद व नगर परिषद उपप्रधान मामनचंद। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : Bhiwani