लोहारू/बहल। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत पशुधन विकास बोर्ड हरियाणा द्वारा वर्ष 2022-23 के दौरान राशि 87.60 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा है। कृषि एवं पशुपालन मंत्री जेपी दलाल के प्रयासों से विभाग द्वारा इस प्रस्ताव के अेतर्गत संयुक्त टीकों के भंडारण के लिए विभाग की सभी पशु चिकित्सा संस्थाओं में खास तरह के आइस लाइन्ड रेफ्रिजरेटर, जो कि बिजली की आपूर्ति बंद होने के बाद भी दो से तीन दिन तक उचित तापमान बनाए रखते हैं। जिसकी व्यवस्था बनाने के लिए 40.80 करोड़ की राशि को स्वीकृति प्रदान की गई है। भारत सरकार द्वारा इस वित्त वर्ष के दौरान पहली किश्त के रूप में 10.20 करोड़ की राशि कोल्ड चेन मेंटेनेंस हेतु हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड पंचकूला को जारी की जा चुकी है।
इस प्रस्ताव के तहत चार से आठ डिग्री सेंटीग्रेड तापमान पर टीके के भंडारण के लिए कोल्ड चेन मेंटेनेंस हेतु विभिन्न प्रकार के उपकरणों की खरीद की जानी है। पशुधन विकास बोर्ड हरियाणा के चेयरमैन रणधीर सिंह गोलन भी पशुधन को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत हैं। पशुधन विकास बोर्ड के एमडी डॉ. एसके बागोरिया ने बताया कि मंजूर की गई राशि से राज्य की दो हजार पशु चिकित्सा संस्थाओं में 200/300 आइस लाइनर्स खास तरह के आइस लाइन्ड रेफ्रिजरेटर की खरीद की जाएगी। ये रेफ्रिजरेटर बिजली की आपूर्ति बंद होने के बाद भी दो से तीन दिन तक उचित तापमान बनाए रखते हैं। इसके लिए भारत सरकार से 34 करोड़ रुपये की मांग की गई थी।
बागोरिया ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में एक-एक (कुल 22) कोल्ड रूम का निर्माण करवाया जाएगा, जिसके अन्तर्गत भारत सरकार से 2.20 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। इसी प्रकार से कोल्ड चेन मेंटेनेंस के अंतर्गत 280 एक्टिव कोल्ड बॉक्स (प्रत्येक ब्लॉक में 2) की भी खरीद की जाएगी। इन एक्टिव कोल्ड बॉक्स का प्रयोग वैक्सीन को अन्य स्थानों पर सुरक्षित ले जाने हेतु किया जाता है। इस खरीद हेतु भारत सरकार से 2.80 करोड़ रुपये की मांग की गई थी।
उन्होंने बताया कि टीकाकरण अभियान के दौरान टीके को पशुपालक के घर-घर तक सुरक्षित ले जाने के लिए वैक्सीन कैरियर की आवश्यकता पड़ती है। प्रदेश भर में टीकाकरण अभियान के लिए दो हजार वैक्सीन कैरियर्स की खरीद की जाएगी, जिसके लिए भारत सरकार से 40 लाख रुपये की मांग की गई है। इसी प्रकार से वैक्सीन के सुरक्षित भंडारण के लिए प्रदेश की राजकीय पशु चिकित्सा संस्थाओं में 280 डीप फ्रिजर्स (प्रत्येक ब्लॉक में 2) भी उपलब्ध करवाए जाएंगे, जिनके लिए विभाग द्वारा भारत सरकार से 1.40 करोड़ रुपये की मांग की गई थी।