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Bhiwani News: जंक फूड के बढ़ते चलन से बच्चों और युवाओं में बढ़ रहा फैटी लीवर का खतरा

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मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक कक्ष के बाहर खड़े मरीज
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भिवानी। बदलती जीवनशैली और खान-पान में बदलाव के कारण लोगों का स्वास्थ्य लगातार प्रभावित हो रहा है। बच्चों और युवाओं में जंक फूड तथा पैकेट बंद खाद्य पदार्थों का सेवन बढ़ रहा है। फैटी लीवर की बीमारी अब स्कूली बच्चों को भी अपनी चपेट में ले रही है।
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पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पेट दर्द, गैस और कब्ज के मरीज बढ़ रहे हैं। प्रतिदिन 25 से 30 मरीज लीवर की समस्या से परेशान होकर आ रहे हैं। इनमें अधिकतर मरीज बच्चे और युवा हैं। बच्चों के टिफिन और शाम के स्नैक्स में पिज्जा, बर्गर, चाउमीन, चिप्स और अन्य जंक फूड शामिल हो गए हैं। इन खाद्य पदार्थों में ट्रांस फैट और रसायनों की मात्रा बहुत अधिक होती है।

फैटी लीवर के लक्षण और खतरे
मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. यतिन गुप्ता ने फास्ट फूड को मीठा जहर बताया है। इसके लगातार सेवन से लीवर की कोशिकाओं में वसा जमने लगती है। इससे लीवर का आकार बढ़ जाता है। शुरुआती दौर में बच्चे केवल पेट दर्द या सुस्ती की शिकायत करते हैं। माता-पिता इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। अल्ट्रासाउंड या अन्य जांचों में फैटी लीवर के लक्षण साफ दिखाई देते हैं। यदि समय रहते खान-पान नहीं सुधारा गया, तो यह लीवर सिरोसिस जैसी जानलेवा बीमारी का रूप ले सकता है।
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बचाव और सावधानियां
डॉ. गुप्ता ने नियमित व्यायाम और योग से बीमारियों से छुटकारा पाने की सलाह दी है। अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। लगातार पेट दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अपनी मर्जी से कोई दवा न लें। नजदीकी चिकित्सक से परामर्श कर जांच अवश्य करवाएं।
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