भिवानी। लाइनपार क्षेत्र स्थित ब्रह्मा कॉलोनी, एमसी कॉलोनी व दुर्गा कॉलोनी में पिछले कई माह से पेयजल की भारी किल्लत बनी हुई है। इन क्षेत्रों की कुछ गलियों में पेयजल की सप्लाई होती है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में जो भी सप्लाई होती है, वह पूरी तरह से दूषित होती है। दूषित पेयजल सप्लाई के विरोध में शनिवार को क्षेत्रवासियों का गुस्सा फूटा तथा उन्होंने संबंधित विभाग व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
वार्ड नंबर 19 के पार्षद शिवकुमार गोठवाल ने बताया कि लाइनपार क्षेत्र में पिछले काफी दिनों से पेयजल में सीवरेज का गंदा पानी मिक्स होकर आता है, जिसके चलते नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यही नहीं यहां पर पानी आने का भी कोई समय तय नहीं है, कभी सुबह, कभी दोपहर, कभी शाम को पानी आता है। कई बार तो स्थिति ऐसी बन जाती है कि दो-दो दिन तक पानी नहीं आता। ब्रह्मा कॉलोनी में पिछले 20 दिनों से पानी की बूंद भी सप्लाई नहीं आई है। इसके चलते स्थानीय नागरिकों की परेशानियां बढ़ती जा रही है।
पार्षद शिवकुमार गोठवाल ने कहा कि पेयजल संबंधी समस्या इस वार्ड में एक-दो माह से नहीं करीबन वर्ष भर से बनी हुई है। वे संबंधित विभाग के एक्सईन, जेई व एसडीओ को कई बार अवगत करवा चुके हैं, लेकिन आज समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिसके चलते नागरिकों की परेशानियां दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
रेल अंडरपास महापंचायत जीतूवाला के संयोजक रोहताश वर्मा ने कहा कि स्वच्छ पेयजल बहुत जरूरी है, लेकिन इस क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल की बहुत कमी बनी हुई है। यदि पेयजल कम मात्रा में मिले तो भी क्षेत्रवासी उसमें संतोष कर सकते हैं, लेकिन लाइनपार क्षेत्र में जो पानी मिल रहा है, वह न केवल कम है, बल्कि दूषित भी है। इसके चलते लोग यहां बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
ऐसे में वे प्रशासन से मांग करते है कि उनकी पेयजल संबंधी समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यदि दो-चार दिनों में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्रवासियों को मजबूरन प्रदर्शन करना पड़ेगा। इस अवसर पर कुलदीप तंवर, श्याम बाग के प्रधान राधे कृष्ण चावला मौजूद रहे।
-
एमसी कॉलोनी व दुर्गा कॉलोनी में बूस्टर काफी छोटा : गोठवाल
पार्षद शिवकुमार गोठवाल ने कहा कि एमसी कॉलोनी व दुर्गा कॉलोनी में पानी सप्लाई के लिए बनाया गया बूस्टर काफी छोटा है, जिसके कारण यह समस्या गंभीर बनी हुई है। इस समस्या को नगर परिषद की हाउस मीटिंग में भी उठाया गया था तथा इस क्षेत्र में वाटर स्टोरेज डिग्गी बनाए जाने की मांग की गई थी। जिसका एजेंडा भी पास हो गया है। जनस्वास्थ्य विभाग ने स्थान भी चिह्नित कर लिया तथा अब यह विभाग पर निर्भर करता है कि वह डिग्गी का निर्माण करता है, उसके बाद ही इस क्षेत्र में पेयजल की कमी को दूर किया जा सकेंगा।