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Bhiwani News: फर्जीवाड़ा कर 20 करोड़ की संपत्ति की प्रॉपर्टी आईडी लगाकर औद्योगिक सेक्टर में कराई प्लाॅट की रजिस्ट्री

Fri, 28 Feb 2025 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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शिकायत दिखाता सुरेश कुमार।
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भिवानी। फर्जीवाड़ा कर शहर के अंदर करीब 20 करोड़ कीमत की संपत्ति की प्रॉपर्टी आईडी लगाकर औद्योगिक सेक्टर 26 में प्लाॅट बिक्री का गड़बड़झाला सामने आया है। इस फर्जीवाड़ा की पोल तब खुली जब प्रॉपर्टी का असल मालिक अपनी संपत्ति का नगर परिषद कार्यालय में टैक्स जमा कराने पहुंच गया। जब टैक्स ब्रांच में कर्मचारी ने बताया कि वह तो इस संपत्ति का मालिक ही नहीं है, यह सुनकर तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने जब इसकी तहकीकात की तो पता चला कि उसकी प्रॉपर्टी आईडी से औद्योगिक सेक्टर 26 में एक प्लाॅट बिक्री हुआ है, जिसके बाद से ही उसकी पीआईडी में मालिक भी बदल गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए असल मालिक ने मामले की शिकायत समाधान शिविर में उपायुक्त के समक्ष लगाई। जिसके बाद नगर परिषद ने इस गलती से अपना पल्ला झाड़ राजस्व विभाग की गलती बताई है। इस संबंध में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ने बाकायदा उपायुक्त के नाम पत्र जारी कर पीआईडी में असल मालिक का नाम दर्ज करने की अनुशंसा भी की है।
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शहर के रोहतक गेट हालुवासिया स्कूल के साथ मुख्य रोड पर 72 वर्षीय सुरेश कुमार की परशुराम नगर में 380 वर्गगज भूमि पर दुकानें बनी हुई हैं। जिसकी मौजूदा कीमत करीब 20 करोड़ से अधिक आंकी जा रही है। सुरेश कुमार ने बताया कि 16 दिसंबर को वह नगर परिषद कार्यालय में अपनी प्रॉपर्टी का टैक्स जमा कराने गया था। वहां नप कर्मचारी ने उसे बताया कि ये संपत्ति तो कांता और पंकज के नाम से दर्ज है। यह सुनकर सुरेश कुमार ने काफी दलीलें दी कि ये भूमि तो उनके पूर्वजों की 1962 से उन्हीं के नाम चली आ रही है। फिर उसने तहकीकात की तो पता चला कि रोहतक रोड औद्योगिक सेक्टर 26 में 399 वर्गगज प्लॉट की जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय द्वारा 9 अक्तूबर 2023 को 37 लाख रुपये में भूमि की रजिस्ट्री की गई है। इस भूमि की रजिस्ट्री में दो लाख 22 हजार का स्टांप भी लगा है। औद्योगिक सेक्टर के प्लाॅट बिक्री में उसकी रोहतक गेट परशुराम नगर की भूमि की प्रॉपर्टी आईडी का गलत तरीके से प्रयोग किया गया है।
इसी के बाद से नगर परिषद और जिला राजस्व विभाग के रिकाॅर्ड में असल मालिक सुरेश कुमार की जगह कांता और पंकज नए मालिक बना दिए हैं। करोड़ों कीमत की भूमि के असल मालिक को हक से वंचित कर रिकाॅर्ड में हेराफेरी मामले की सुरेश कुमार ने 16 दिसंबर को समाधान शिविर में शिकायत लगा दी। जिसकी सुनवाई के दौरान डीसी ने इस संबंध में अधिकारियों को भी निर्देश दिए। डीसी के आदेश के बाद नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ने 22 जनवरी को उपायुक्त के नाम पत्र लिखकर पीआईडी में गलत नाम दर्ज किए जाने पर असल मालिक का नाम दर्ज करने की अनुशंसा कर दी।
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इस शिकायत को भी नगर परिषद अधिकारियों ने दफ्तर में दाखिल कर डाला। लेकिन रिकॉर्ड में प्रॉपर्टी उसके नाम नहीं दुरुस्त की तो सुरेश 13 फरवरी को फिर से समाधान शिविर में पहुंचा। इसमें नगर परिषद ने अपना पल्ला झाड़ ये राजस्व विभाग की गलती बताई। अब सुरेश नगर परिषद और राजस्व विभाग के चक्कर काट खुद की संपत्ति का मालिक साबित करने की जद्दोजहद में जुटा है, मगर इस मामले में गंभीर लापरवाही या फिर किसी गलत मंशा से ऐसा कराने वाले पर कार्रवाई के बजाय उसे ही चक्कर काटने पर मजबूर कर रहे हैं। संवाद

पहले भी उजागर हो चुके हैं नप में प्रॉपर्टी आईडी में गड़बड़ी के मामले : बृजपाल परमार
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने बताया कि पहले भी नगर परिषद में प्रॉपर्टी आईडी से छेड़छाड़, गलत नाम दर्ज करने के मामले उजागर हो चुके हैं। अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से नगर परिषद में कुछ भी संभव है। सुरेश कुमार को तो पता ही नहीं था उसकी संपत्ति नगर परिषद और राजस्व विभाग में किसी महिला व अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज कर दी गई है। जबकि वह अपनी पुश्तैनी संपत्ति पर आज भी काबिज है। ये काम नप अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। इसी गलत प्रॉपर्टी आईडी का प्रयोग कर महिला और दूसरे व्यक्ति को राजस्व विभाग के रिकाॅर्ड में भी मालिक बनाया गया है। जबकि जिस संपत्ति की रजिस्ट्री डीआरओ ने की है, वह औद्योगिक सेक्टर में है और पीआईडी परशुराम नगर की संपत्ति की लगाई गई है। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच हो तो घोटाला सामने आएगा।

सुरेश कुमार के नाम से परशुराम नगर में प्रॉपर्टी है। जिसका पीआईडी नंबर भी उसी के नाम है। नगर परिषद के पीआईडी रिकॉर्ड में कोई तब्दीली नहीं है। राजस्व विभाग के पोर्टल पर 10 अक्तूबर 2023 को मालिक बदला गया है। इस संबंध में उपायुक्त को पत्र लिखा जा चुका है।
-राजाराम कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद भिवानी।

मेरे संज्ञान में अभी तक ऐसा कोई मामला नहीं है। अगर समाधान शिविर से कोई शिकायत कार्यालय में आई है तो उसकी संबंधित रिकॉर्ड के मुताबिक जांच कराकर समाधान कराया जाएगा।
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-सुरेश कुमार जिला राजस्व अधिकारी भिवानी।
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