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रण सिंह और संजय बंसल ने घोटाले की राशि से खरीदे मकान व प्लॉट

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नगर परिषद कार्यालय की फोटो। संवाद - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। नगर परिषद में हुए करोड़ों के घोटाले के मामले में आरोपी निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह, अकाउंटेंट संजय बंसल, तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी संजय यादव से कुबूलनामे के बावजूद रिकवरी नहीं हो पाई है। इस कारण आरोपों में घिरी विजिलेंस टीम अब आरोपियों की बेनामी संपत्ति की जानकारी जुटाने में लगी है। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि उन्होंने अपने हिस्से की राशि जमीन खरीदने में इन्वेस्ट कर दी है।
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ऐसे में अब विजिलेंस एसआईटी ने शहरी निकाय निदेशालय के मुख्य प्रशासक को पत्र लिखकर इनकी बेनामी संपत्ति की जानकारी मांगी है। यह जानकारी मिलने के बाद ही प्रॉपर्टी अटैच या अन्य कार्रवाई की जाएगी। वहीं मामले में आरोपी अकाउंटेंट सुरेश कुमार से विजिलेंस टीम ने ढाई लाख रुपये बरामद किए है। दोनों अकाउंटेंट संजय बंसल और सुरेश कुमार को रिमांड के बाद सोमवार को जेल भेज दिया गया।
नगर परिषद में सामने हुए चेक घोटाले में पुलिस अब तक 14.71 करोड़ रुपये के गबन का खुलासा कर चुकी है। आरोपी रण सिंह यादव और तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी संजय यादव से चार दिन के रिमांड के दौरान भी कोई रिकवरी नहीं हुई। बयानों में रण सिंह ने 10.50 करोड़ दिल्ली में अपने एक दोस्त के पास रखने की बात कुबूली थी। आरोपी अकाउंटेंट संजय बंसल ने कुबूल किया था कि घोटाले की राशि में 60 फीसदी शेयर रण सिंह यादव का था और बाकी 20 प्रतिशत अकाउंटेंट का और 20 प्रतिशत फर्जी फर्मों व अन्य का।
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मामले में अब तक छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और सभी आरोपियों को रिमांड के बाद जेल भेजा जा चुका है। मामले की जांच के लिए गठित विजिलेंस की एसआईटी की नजर अब इन आरोपियों की बेनामी संपत्ति पर है। क्योंकि रण सिंह यादव, संजय यादव, संजय बंसल ने रिमांड के दौरान कुबूल किया कि उन्होंने अपनी राशि इन्वेस्ट कर दी है। रण सिंह यादव ने मकान बनाने, प्लॉट खरीदने, अपनी पत्नी के नाम करने में अपने हिस्से की राशि का प्रयोग किया है। इसी तरह संजय बंसल ने भी अपनी राशि प्लॉट खरीदने में लगाई और कुछ रिश्तेदारों के नाम कर दी है। विजिलेंस टीम ने अब शहरी निकाय निदेशालय के मुख्य प्रशासक को पत्र लिखकर इनकी बेनामी संपत्ति की जानकारी मांगी है। जिसके बाद ही पता लगेगा कि इन पांच सालों के दौरान इनकी संपत्ति कितनी बढ़ गई है।
किसी ने मकान बनाये तो किसी ने प्लॉट खरीदे
करोड़ों के घोटाले में आरोपी रातोंरात मालामाल हो गए। घोटाले की राशि से किसी ने मकान बना लिया तो किसी ने प्लॉट खरीद लिऐ। किसी ने नए बिजनेस में भी पैसा लगा दिया। कुछ ने अपने दोस्तों, रिश्तेदारों को मालामाल कर दिया। जांच में सामने आया है कि रण सिंह यादव, संजय बंसल, बैंक मैनेजर नितेश, व्यापारी विनोद ने अपनी संपत्ति को काफी बढ़ाया। अब इनकी संपत्ति की जानकारी जुटाई जा रही है।
संपत्ति की जानकारी मांगी है
आरोपी रण सिंह यादव, अकाउंटेंट संजय बंसल ने अपने हिस्से की राशि इन्वेस्ट कर दी है। अब शहरी निकाय निदेशालय के मुख्य प्रशासक को पत्र लिखकर इनकी बेनामी संपत्ति की जानकारी मांगी गई है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी विनोद और तत्कालीन सचिव राजेश महता की गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है। प्रयास किए जा रहे हैं।
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-कमलजीत सिंह, डीएसपी विजिलेंस, इंचार्ज एसआईटी।
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