भिवानी। अब पूरे शहर में जल संकट से पार पाने के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने 40 लाख से खाका तैयार किया है। इसके तहत मित्ताथल हेड पर अब जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अपने लिफ्टिंग स्टेशन पर पंपों की क्षमता और स्टोरेज टैंक को भी डेढ़ गुना बड़ा बनाएगा।
इससे नहरों में लगातार 16 दिनों तक पानी मिलने से निनान और महम रोड के पुराने जलघर के टैंकों को भरना आसान होगा। फिलहाल जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग नहरों में पानी मिलने पर भी पुराने जलघर के दो नए टैंकों को हर बार नहीं भर पाता है। यही वजह है कि भीषण गर्मी में पूरा शहर को मात्र 15 दिन भी नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं मिल पाती और जल संकट से घिर जाता है।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का मित्ताथल हेड पर लिफ्टिंग स्टेशन है। जहां मित्ताथल हेड पर नहर से पानी को बड़ी मोटरों से लिफ्ट कर जलघर टैंकों तक आने वाले भूमिगत चैनलों के अंदर डाला जाता है। मित्ताथल हेड से जलघर टैंकों तक करीब 10 किलोमीटर से अधिक लंबी भूमिगत पाइप लाइन डाली गई है। जो टैंकों को नहरी पानी की आपूर्ति कराने का एकमात्र जरिया है। फिलहाल पंपिंग स्टेशन पर मोटरों की क्षमता इतनी नहीं है कि वे नहर में कम पानी होने या फिर पुराने जलघर में 18 फूट ऊंचाई तक बनाई गए दो नए टैंकों को पानी से लबालब कर पाए।
ऐसे में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने मित्ताथल हेड पर अपने लिफ्टिंग स्टेशन पर पंपों की क्षमता भी दोगुनी करने के मसौदे का खाका तैयार किया है। इस पर करीब 40 लाख रुपये की लागत आएगी। इसमें हेड पर ढाई सौ एचपी की दो नई मोटरें लगाई जाएंगी। जबकि वहां पहले से करीब दो लाख लीटर पानी भंडारण का स्टोरेज टैंक हैं, जिसे भी अब बढ़ाकर करीब साढ़े तीन लाख लीटर पानी भंडारण क्षमता का किया जाएगा। इसके बाद इन बड़ी मोटरों से पानी का इतना प्रेशर पैदा होगा जो 18 फीट ऊंचाई के दो नए टैंकों को तो भरने में सक्षम होगा ही साथ ही एक ही समय में निनान और पुराना जलघर के सभी टैंकों को नहर में पानी रहते लबालब कर देगा।
भिवानी में तीन जलघरों की यह है पानी भंडारण क्षमता
भिवानी में तीन मुख्य जलघर हैं। जो करीब साढ़े चार लाख की आबादी की भीषण गर्मी में प्यास बुझाने से पहले ही खाली हो जाते हैं। जलघर एक व दो की पानी भंडारण क्षमता एक करोड़, 17 लाख 66 हजार 750 गैलन व तीसरे जलघर की क्षमता 98 लाख 28 हजार गैलन है। नहरी शेड्यूल के हिसाब से प्रत्येक नहर में आठ दिन पानी मिलता है और 32 दिन नहर बंद रहती है। भिवानी शहर को जूई फीडर, मित्ताथल फीडर और निगाना फीडर से भी नहरी पानी मिल रहा है। इसके अलावा निनान जलघर और महम रोड जलघर तक जाने वाले चैनल से एक दूसरे जलघर में बूस्टर को सीधी पेयजल आपूर्ति का भी डबल सर्किट बना रखा है। इसके बावजूद भी शहर हर बार गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से जूझने पर मजबूर होता है।
शहर को मिलती रहेगी नियमित पेयजल आपूर्ति, टैंकों में भी पानी भरता रहेगा
मित्ताथल हेड पर जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा अपना सिस्टम अपग्रेड करने के बाद पूरा महीना शहर को पेयजल आपूर्ति मिलती रहेगी और नहरों में पानी उपलब्ध होने के दौरान जलघर टैंकों को भी साथ-साथ भरा जा सकेगा। मित्ताथल हेड पर एक ही पाइप लाइन से निनान और महम रोड पुराना जलघर टैंकों को पानी की आपूर्ति होती है। एक ही वॉल्व को नहर चलने के दौरान खुला रखा जाएगा और तेज प्रेशर से दोनों जलघर टैंकों में भी पानी मुहैया होगा।
मित्ताथल हेड पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का पंपिंग स्टेशन बना है जहां से नहर में पानी को लिफ्ट कर चैनल के जरिए निनान और महम रोड पुराना जलघर तक पहुंचाया जाता है। करीब 40 लाख के बजट से पंपिंग स्टेशन को अपग्रेड किया जाएगा। जिसमें ढाई सौ एचपी क्षमता की दो नई मोटरें लगेंगी वहीं पहले से बने स्टोरेज टैंक को भी डेढ़ गुना बड़ा किया जाएगा। जिसके बाद पानी का प्रेशर टैंकों तक पर्याप्त पानी की आपूर्ति कराने में मददगार होगा।
- ताजदीन, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।