गांव काकड़ौली हुक्मी स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का रिजल्ट 24 प्रतिशत आने और शिक्षकों के खाली पड़े पदों के विरोध में छात्राओं ने अनूठा तरीका अपनाया। प्राचार्य को साथ लेकर छात्राएं नारे लगाते हुए गांव से 10 किमी दूर स्थित बीईओ दफ्तर पहुंचीं। बीईओ के सामने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और धरना दिया। डिप्टी डीईओ और बीईओ के सभी रिक्त पदों पर नियुक्ति का आश्वासन मिलने के बाद छात्राओं ने आंदोलन खत्म किया।
बृहस्पतिवार सुबह प्रार्थना सभा के बाद काकड़ौली हुक्मी स्कूल की छात्राएं सड़क पर आ गईं। रोष मार्च की शक्ल में छात्राएं मुख्य क्रांतिकारी चौक पर पहुंचीं और वहां नारेबाजी कर बीईओ कार्यालय के मुख्य द्वार पर जाकर नारेबाजी आरंभ कर दी। छात्राओं का आरोप था कि उनके विद्यालय में स्वीकृत पदों में शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। उन्होंने मई माह में रोड जाम किया तो मात्र दो दिन में शिक्षकों की कमी पूरी करने का आश्वासन मिला था। अभी तक भी शिक्षक स्कूल को नहीं मिले हैं, इससे छात्राओं में रोष है। नए सत्र तक मौजूदा छह में से तीन शिक्षक भेजने के आश्वासन पर आंदोलन खत्म करने के लिए छात्राओं को मनाया। छात्राओं ने दो सप्ताह में तीन शिक्षकों की नियुक्ति करवाने की बात पर आंदोलन खत्म किया।
इन विषयों के नहीं हैं अध्यापक
इस स्कूल में विज्ञान, हिंदी, संस्कृत, सामाजिक विज्ञान और खेल प्रशिक्षक के रज अरसे से रिक्त हैं। इस समस्या को लेकर छात्राओं ने बीते मई महीने में रोड जाम भी किया था।