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अघोषित बिजली कट से बिगड़ा लघु उद्योगों में उत्पादन का शेड्यूल

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पावर सब स्टेशन पर रखा बिजली टांसफॉर्मर। संवाद - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। थर्मल पावर प्लाटों में यूनिट ठप होने का सीधा असर भिवानी के लघु उद्योगों पर भी पड़ा है। जहां आम लोग बिजली के लंबी कटौती झेल रहे हैं वहीं भिवानी के छोटे उद्योगों का भी अघोषित बिजली कटों से उत्पादन का शेड्यूल बिगड़ गया है। भिवानी उद्योग संघ पदाधिकारियों ने निगम सर्कल महाप्रबंधक को पत्र लिखकर पर्याप्त बिजली आपूर्ति की मांग की है।
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उद्योग मालिकों का तर्क है कि एक बार की बिजली कटौती से उनका चौबीसों घंटे बिजली उत्पादन का शेड्यूल बिगड़ गया है। यानी एक बार लगने वाले कट से छह से आठ घंटे बाद उनके उत्पादन की प्रक्रिया फिर से शुरू होने में लग जाते हैं। इससे उद्योगों पर अब आर्थिक मार भी पड़ने लगी है। थर्मल पावर प्लाट में यूनिट ठप होने की वजह से भिवानी के औद्योगिक सेक्टर-21 के लघु उद्योगों में अन शेड्यूल कट लग रहे हैं। भिवानी के औद्योगिक सेक्टर में करीब 350 लघु उद्योगों की इकाइयां हैं। इनमें से कुछ तो स्थायी तौर पर बंद पड़ी हैं, जो चालू हालत में हैं उनकी हालत भी बिजली कटौती ने बिगाड़ दी है। यहां ज्यादातर प्लास्टिक दाना, सर्जिकल आइटम, नॉन वुवेन कपड़ा बनाने के लघु उद्योग हैं। इन उद्योगों में चौबीसों घंटे कर्मचारियों की शिफ्ट काम करती हैं। इसके बाद कहीं जाकर उत्पादन हो पाता है। बिजली कटौती की वजह से कर्मचारियों की सभी शिफ्ट चला पाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में एक बार बिजली गुल हुई तो फिर डेढ़ से दो घंटे या फिर सीधे चार घंटे बाद ही आती है। रात के समय तो और भी बुरा हाल है। रात में सिर्फ दो से तीन घंटे ही बिजली किस्तों में उद्योगों को मिल रही है।
पेयजल सप्लाई के समय बिजली कट, लोग परेशान
बिजली कटों के साथ शहर वासी पेयजल को भी तरस गए है। दरअसल पेयजल सप्लाई के समय बिजली कट लग रहे है। जिस कारण लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। बैंक कॉलोनी में सुबह छह से सात बजे तक पेयजल सप्लाई का समय है और इसी दौरान बिजली कट लग रहा है। ऐसा ही शहर की अधिकतर कॉलोनियों में है। जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों का कहना है कि उन्हें बिजली कटों की जानकारी नहीं होती है और बिजली निगम अधिकारियों का कहना है कि अन शेड्यूल कट है।
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औद्योगिक सेक्टर-21 और 26 में ज्यादातर लघु उद्योग हैं। इनमें रेगुलर प्रोसेस में काम होता है। एक घंटे भी बिजली कट लग जाए तो उन्हें दोबारा से प्रोसेस में आने में छह से 8 घंटे लग जाते हैं। हमारे एरिया सेक्टर-21 और 26 में 132केवी सब स्टेशन है। इसमें 95 फीसदी फैक्टरी रेगुलर प्रोसेस की है। इसलिए हमें बिजली कट से राहत दिलाई जाए ताकि सभी फैक्टरियां अपना नियमित उत्पादन कर सकें। - शैलेंद्र जैन, अध्यक्ष, जिला उद्योग संघ भिवानी
थर्मल पावर प्लांटों में बिजली उत्पादन में दिक्कतें चल रही हैं, इसी का असर हमारे यहां के उद्योगों पर भी पड़ा है। उद्योगों में अन शेड्यूल कट लग रहे हैं। जैसे ही हालात सामान्य होंगे, पहले की तरह उद्योगों को 24 घंटे नियमित रूप से बिजली आपूर्ति मिलना शुरू हो जाएगी। - रणबीर सिंह, महाप्रबंधक, भिवानी सर्कल दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम
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