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हालात : सरकारी खाते में 20 फीसदी गेहूं, कई मंडियों में नहीं खुला खाता

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नई अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे फर्श पर लगी गेहूं की ढ़ेरियां। संवाद - फोटो : Bhiwani
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संजय वर्मा
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भिवानी। सरसों तेल की धार के आगे इस बार किसानों का पीला सोना फीका पड़ गया। यही वजह है कि सरसों की प्राइवेट खरीद में सरकारी खजाना मालामाल हो गया, लेकिन गेहूं की सरकारी खरीद में मंडियां सीजन से पहले ही सिमटने लगी हैं। पिछले साल अब तक जिले में 35 लाख गेहूं के कट्टों की खरीद हो चुकी थी, लेकिन फिलहाल अब तक जिले में सिर्फ साढ़े सात लाख गेहूं कट्टों की खरीद हुई है। सरकारी एजेंसियां 15 मई तक किसानों की फसल एमएसपी पर खरीदेगी, लेकिन इससे पहले ही मंडियों में शायद सन्नाटा छा जाएगा, क्योंकि इस बार गेहूं की काफी कम आवक और प्राइवेट खरीद का सीधा असर पड़ा है। कई मंडियां तो ऐसी भी हैं जिनमें सरकारी खरीद का खाता ही नहीं खुला है।
जिले में पिछले रबी सीजन में जिले भर की 11 मंडियों में करीब 54 लाख गेहूं कट्टों की खरीद हुई थी, जबकि अब तक इस सीजन सिर्फ साढ़े सात लाख कट्टे ही खरीदे गए हैं यानी पिछले सीजन के मुकाबले सिर्फ 20 फीसदी के करीब। यह सीजन दस से 15 दिन भी चला तो भी करीब पांच से सात लाख कट्टे ही खरीद हो पाएंगे। इसके बाद आंकड़ा शायद 15 लाख कट्टों के आसपास ही सिमटकर रह जाएगा। अप्रैल तक तो खरीद एजेंसियों ने अधिकतर किसानों का गेहूं खरीद भी कर लिया है। इस बार गेहूं की प्राइवेट खरीद भी कुछ कम नहीं हैं, क्योंकि गेहूं के एमएसपी के मुकाबले मार्केट में ज्यादा रेट था, इस वजह से भी प्राइवेट एजेंसियों न किसानों का गेहूं खरीद इसका निजी भंडारण भी किया, जबकि सरकारी खाते में भी किसानों का काफी गेहूं आया। कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार इस बार गेहूं की बिजाई और पैदावार भी काफी कम हुई है। जिसका सीधा असर भी खरीद पर पड़ा है।
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सरसों की आई 84 लाख 50 हजार मार्केट फीस
भिवानी मार्केटिंग बोर्ड की अगर बात करें तो इस बार सरसों सीजन में 84 लाख 50 हजार रुपये की मार्केट फीस अब तक सरकारी खजाने में आ चुकी है, जबकि रोजाना ही करीब 500 क्विंटल सरसों की आवक अभी भी मंडी में है। अकेले भिवानी मंडी में एक लाख 30 हजार क्विंटल सरसों की प्राइवेट खरीद हो चुकी है। मंडी सुपरवाइजर योगेश कुमार शर्मा का कहना है कि इस बार सरसों की वजह से मार्केट फीस बेहतर रही है, जिससे सरकारी खजाने में काफी पैसा गया है। जबकि सरसों की आवक अभी भी बनी है।
कृषि मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में नहीं हुई गेहूं की खरीद
कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल के विधानसभा क्षेत्र की मंडियों में भी गेहूं की सरकारी खरीद नहीं हुई। इनमें लोहारू मंडी, बहल मंडी, ढिगावामंडी शामिल है। इसके अलावा कई ऐसी मंडी हैं, जहां मात्र कुछ क्विंटल खरीद ही हुई है। जबकि इन मंडियों में भी गेहूं की खरीद का शेड्यूल सरकार की तरफ से जारी किया हुआ है। पिछले सीजन इन मंडियों में लाखों क्विंटल गेहूं खरीद हुआ था, मगर इस सीजन इन मंडियों में गेहूं का एक दाना भी नहीं खरीदा गया है।
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इन मंडियों में अब तक ये हुई खरीद(मीट्रिक टन)
भिवानी मंडी 6354
खरककलां 3153
चांग मंडी 5432
बवानीखेड़ा 14666
धनाना मंडी 7087
सिवानीमंडी 122
तोशाम मंडी 316
जूई मंडी 113
कुल 37250
पिछले सीजन के मुकाबले इस बार गेहूं की मंडियों में आवक बहुत कम है। जिले की 11 मंडियों में गेहूं की सरकारी खरीद की जा रही है। 15 मई तक खरीद जारी रहेगी। लेकिन इस सीजन काफी कम गेहूं हैं। पिछले साल करीब 54 लाख गेहूं कट्टों की सरकारी खरीद हुई थी, लेकिन इस बार अब तक सिर्फ साढ़े सात लाख कट्टे खरीद हुई है। -अनिल कालरा, नोडल अधिकारी एवं जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक भिवानी।
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