ग्राउंड रिपोर्ट: प्रदेश भर में 2.35 लाख इंतकाल अटके, पटवारी और आम लोग बेहाल
- राजस्व विभाग में पटवारियों की ऑनलाइन वीसी से खुला लंबित इंतकाल का राज
संवाद न्यूज एजेंसी
भिवानी। प्रदेश में राजस्व विभाग का डिजिटल ढांचा लड़खड़ा गया है। डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस के दावों के बीच करीब चार माह पहले लॉन्च किया गया नया सॉफ्टवेयर आम जनता और राजस्व कर्मचारियों के लिए सिरदर्द बन चुका है। गलत रिकॉर्ड दर्ज होने से जमीन मालिकों को अपने रिकॉर्ड दुरुस्त कराने के लिए तहसील और पटवार भवनों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। आलम यह है कि पूरे प्रदेश में 2,35,644 इंतकाल लंबित पड़े हैं।
सॉफ्टवेयर की सुस्त रफ्तार के कारण बीते शुक्रवार को पूरे राज्य में महज दो फीसदी इंतकाल ही दर्ज हो सके। बीते सात दिनों में पूरे प्रदेश में केवल 25 फीसदी इंतकाल ही निपटाए जा सके हैं। राजस्व विभाग के ऑनलाइन पोर्टल की स्पीड इतनी धीमी है कि पटवारी और कानूनगो एक-एक एंट्री के लिए घंटों इंतजार करते रहे। सबसे बड़ी लापरवाही ऑनलाइन रिकॉर्ड की फीडिंग में सामने आई है। सॉफ्टवेयर में खसरा नंबर और किला नंबर तक गलत दर्ज कर दिए गए हैं। एक इंतकाल 3-4 बार दर्ज करने के बावजूद उसका प्रिंट गलत बन रहा है। कभी खेवट का हिस्सा कम-ज्यादा हो रहा है तो कभी खेवट से मालिकों के नाम गायब हो रहे हैं। न तो पर्याप्त मात्रा में कंप्यूटर उपलब्ध हैं और न ही प्रिंटर हैं। ऐसे में राजस्व विभाग में बिना संसाधनों के समय से भूमि संबंधी काम निपटाना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
अभी काम सामान्य नहीं हुआ : एसोसिएशन
सॉफ्टवेयर में आईं तकनीकी खामियों, सर्वर डाउन रहने और काम के बढ़ते दबाव के विरोध में दी रेवेन्यू कानूनगो एवं पटवारी एसोसिएशन राज्य प्रधान जयवीर चहल के नेतृत्व में पहले ही सरकार के खिलाफ धरना दे चुकी है। राज्य प्रधान का कहना है कि ऑनलाइन सिस्टम में भारी दिक्कतें हैं जिसका खामियाजा कर्मचारियों और आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। एसोसिएशन ने सरकार से सॉफ्टवेयर की कमियों को जल्द दूर करने और ऑनलाइन रिकॉर्ड व्यवस्था को सरल बनाने की मांग की है।
भिवानी में सात दिन में सिर्फ 10 फीसदी इंतकाल दर्ज
सॉफ्टवेयर में दिक्कत के कारण भिवानी जिले में इंतकाल दर्ज करने का काम धीमी गति से चल रहा है। भिवानी में 10,508 इंतकाल लंबित हैं। शुक्रवार कोसिर्फ दस फीसदी इंतकाल ही दर्ज हो सके। इस समस्या के कारण किसानों और जमीन मालिकों को अपने जमीन संबंधी रिकॉर्ड ठीक करवाने में परेशानी हो रही है। इंतकाल लंबित रहने से जमीन की खरीद-बिक्री, विरासत और अन्य राजस्व कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकार को सॉफ्टवेयर की खामियों को जल्द दूर कर ऑनलाइन व्यवस्था को सुचारू करना चाहिए। ज
पटवारियों की ऑनलाइन वीसी में बताई व्यावहारिक दिक्कतें
मुख्यालय के अधिकारियों के साथ पटवारियों की शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हुई। पटवारियों ने सॉफ्टवेयर में इंतकाल दर्ज करने में आ रहीं व्यावहारिक दिक्कतों का जिक्र करते हुए लंबित इंतकाल के बारे में बताया। इस पर अधिकारियों ने पटवारियों की समस्याओं को चिह्नित कर सॉफ्टवेयर में सोमवार से सुधार का आश्वासन दिया।
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सॉफ्टवेयर में सुधार का काम लगातार जारी है। जल्द ही समस्याओं का समाधान किया जाएगा। पटवारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अधिकारियों ने इसका आश्वासन दिया है। सोमवार से इंतकाल दर्ज करने के काम में और अधिक तेजी लाई जाएगी। - जयवीर सिंह, तहसीलदार, भिवानी तहसील।
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पोर्टल में बदलाव की प्रक्रिया जारी है। हर रोज सुधार हो रहा है। राज्य में लंबित इंतकाल में बहुत इजाफा हो गया है और इससे पटवारियों एवं कानूनगो का काम अधिक हो गया है। हम अपना शत प्रतिशत दे रहे हैं। निश्चित रूप से जल्द ही लंबित मामले कम होंगे। - विकास राठी, पटवारी, राज्य उप प्रधान, दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा।