कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन व डेयरी, मत्स्य पालन मंत्री जय प्रकाश दलाल ने कहा कि प्रदेश में हजारों करोड़ की लागत से चार विश्व स्तरीय मंडियों की स्थापना की जाएगी। ये मंडियां किसानों की फसलों के सही दाम दिलवाने व कृषि क्षेत्र में रोजगार के नए साधन सृजित करने में अहम होंगी। पर्याप्त मात्रा में नहरी पानी मुहैया कराने के लिए मिले डब्ल्यूजेसी सिस्टम को अपग्रेड किया जाएगा। जिससे दक्षिण हरियाणा के भिवानी सहित समूचे प्रदेश को नहरी पानी मिलेगा। इसके लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। लोहारू में ऊन श्रेणीकरण केंद्र को अपग्रेड किया जाएगा।
यह बातें मंत्री दलाल ने शनिवार को लोक निर्माण विश्राम गृह में पत्रकार वार्ता में कहीं। उन्होंने कहा कि सब्जी और फलों की बिक्री के लिए करीब 400 एकड़ भूखंड पर गन्नौर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की मंडी का निर्माण करवाया जा रहा है। इसके लिए 400 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। पिंजौर में सेब की और गुरुग्राम में फलों की, सोनीपत में मसालों की विश्वस्तरीय मंडियों का निर्माण करवाया जा रहा है। इन मंडियों में किसानों व बागवानों की उपज की बिक्री के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में युवाओं को रोजगार देने के लिए विभाग द्वारा कौशल विकास के कोर्स करवाकर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे वे सरकारी नौकरियों के पीछे न भागकर स्वरोजगार व दूसरे देशों में रोजगार प्राप्त कर सकें।
कृषि मंत्री ने कहा कि पर्याप्त मात्रा में नहरी पानी उपलब्ध करवाने के लिए डब्ल्यूजेसी सिस्टम को अपग्रेड किया जाएगा। इस पर लगभग तीन हजार करोड़ रुपये खर्च आएगा। पूरे सिस्टम को रिमॉडलिंग किया जाएगा। पंप हाउसों में पुराने सिस्टम की मरम्मत करवाई जाएगी। इससे डब्ल्यूजेसी की क्षमता 17 हजार से बढ़कर 23 हजार क्यूसेक हो जाएगी। इससे पूरे हरियाणा प्रदेश की नहरों में पर्याप्त मात्रा में नहरी पानी मिल सकेगा। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे पानी के संरक्षण पर ध्यान दें और ड्रिप व सूक्षम सिंचाई के माध्यम से ही खेती करें। प्रत्येक जिले में किसानों को उत्तम किस्म के बीज, कीटनाशक दवाइयां और उर्वरकों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रत्येक जिले में एक प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी। जिससे किसानों को गुणवत्ता युक्त बीज, कीटनाशक आदि मिल सकें। इसके अतिरिक्त अनाज भंडारण के सिस्टम को भी दुरुस्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशक दवाइयों का अंधाधुंध प्रयोग न करके ऑर्गेनिक व प्राकृतिक खेती पर ध्यान देना चाहिए, जिससे कैंसर जैसी लाइलाज बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकें। उन्होंने कहा कि लावारिस पशुओं की रोकथाम के लिए सरकार गंभीर है, इसके लिए विभाग द्वारा केवल बछड़ियां ही पैदा हो इसके नई तकनीक की खोज की गई है। इस मौके पर बवानीखेड़ा के विधायक बिशंबर बाल्मीकि, लोहारू के एसडीएम मनोज खत्री, जिला बागवानी अधिकारी हीरा लाल, उपमंडल कृषि अधिकारी सतबीर शर्मा, ठाकुर विक्रम सिंह, सुनील नबंदार, रविन्द्र मंढ़ोली, सोनू शर्मा, लीला ढाका, सतेन्द्र परमार, जोगेन्द्र सिंह, कमल फौजी, पूर्व चेयरमैन कपूर वाल्मीकि, संजय दलाल, दयानंद सिंधड़, रोहित सिंह, नवनीत श्योराण आदि मौजूद रहे।