एसडीएम कार्यालय में हुए फर्जी आरसी घोटाले की जांच में जुटी पुलिस को प्राथमिक जांच में सामने आया है कि राजस्थान, पंजाब में लोन पर लिए गए ट्रैक्टरों की फर्जी तरीके से आरसी बनाई गई है। फर्जी आरसी की संख्या 38 नहीं बल्कि इससे अधिक हो सकती है। हालांकि जांच के बाद ही तस्वीर सामने आएगी कि कितनी फर्जी आरसी बनाई गई। पुलिस टीम ने शुक्रवार को भी एसडीएम कार्यालय में चार-पांच कर्मचारियों से पूछताछ की है।
मालूम हो कि तोशाम एसडीएम कार्यालय में छुट्टी के दिन एक साथ 38 ट्रैक्टरों की फर्जी आरसी तैयार करने का मामला सामने आया है। मामला सबके सामने आने के भय से 79 दिन बाद सभी आरसी को रद्द कर दिया गया। तोशाम एसडीएम ने डीसी को पत्र लिखकर तोशाम एसडीएम कार्यालय व पंजीकरण अधिकारी कार्यालय का सोशल ऑडिट करवाने की मांग की है। डीसी को लिखे गए पत्र के अनुसार 21 अगस्त 2019 को 38 नए ट्रैक्टरों की आरसी फीस जमा करने के बाद उनका चालान बैंक में जमा करवाया गया। इस पूरी प्रक्रिया को कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा पूरा कि या गया। एसडीएम ने इस बात का भी उल्लेख किया है कि रजिस्ट्रेशन के लिए जिन कागजातों का प्रयोग किया गया है वे सभी फर्जी थे। वीरवार को पुलिस ने जैनावास निवासी सतबीर की शिकायत पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ।
एसीपी वरूण सिंगला ने बताया कि मामले में संबंधित कार्यालय के चार-पांच कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पूछताछ की जा रही है। फर्जी आरसी की संख्या अधिक होने व ट्रेक्टर पंजाब और राजस्थान के होने की बाबत उन्होंने बताया कि अभी मामले में जांच चल रही है। पुलिस हरेक एंगल से केस की जांच कर रही है।