तिरपाल बांधते समय उसकी रस्सी एक पुलिसकर्मी को लगी तो वह भड़क गया। उसने डंडे से दुकानदार की पिटाई शुरू कर दी। इतना ही नहीं बचाव में आए दुकानदार के भाई को भी नहीं बख्शा। आरोप है कि पुलिसकर्मी दोनों को थाने ले गया और उनके मोबाइल भी छीन लिए। घायल दुकानदारों को परिजन सामान्य अस्पताल लेकर गए। अन्य दुकानदारों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने विरोध जताना शुरू कर दिया। बढ़ते तनाव को देखकर कई पुलिसकर्मी अस्पताल पहुंच गए और समझौता करने का दबाव बनाने लगे।
मामला रविवार की सुबह करीब 10:15 का है। शहर थाने के बिल्कुल सामने एक कॉस्मेटिक की दुकान है। दुकान के बाहर दो भाई मनोज और गोविंद रेहड़ी लगाते हैं। मनोज ने बताया कि वह धूप से बचाव के लिए तिरपाल बांध रहा था। इस दौरान एक रस्सी नीचे लटकने लगी। इसी बीच वहां से बाइक से गुजर रहे एक पुलिसकर्मी के सिर में रस्सी लग गई। इससे खफा होकर पुलिसकर्मी ने छोटे भाई गोविंद की पिटाई शुरू कर दी। वह बचाव के लिए गया तो उसे भी पीट दिया। आरोप है कि दोनों को थाने में ले जाकर उनके मोबाइल भी पुलिसकर्मी ने छीन लिए। बाद में अन्य दुकानदारों और परिजनों की सहायता से वे अस्पताल पहुंचे।
आसपास के अन्य दुकानदार विरोध जताने लगे। सूचना पर शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप शर्मा, जैन चौक चौकी इंचार्ज दशरथ सिंह और अन्य पुलिस कर्मी अस्पताल पहुंचे और घायल युवकों के परिजनों को समझाने का प्रयास करने लगे। वहीं घायल युवकों की मां बिमला देवी आरोपी पर कार्रवाई की मांग पर अड़ी थी। वे इमरजेंसी में ही तेज आवाज में बातें करने लगी। इससे करीब पौने घंटे तक हंगामा हुआ। बाद में स्टाफ नर्सों ने समझाकर उन्हें बाहर किया। घायल मनोज को उपचार के लिए शहर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां से परिजन फिर उसे हिसार के एक अस्पताल ले गए। घायल गोविंद ने बताया कि एसएचओ संदीप ने उन्हें आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ चुनाव के बाद कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कोई समझौता नहीं किया है। दुकानदारों के मामा विजय कुमार और राज कुमार ने आरोप लगाया कि आरोपी पुलिसकर्मी अस्पताल में भी धमकी देकर गया है।