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Bhiwani News: फरियादी की दरखास्त पर पुलिस फोन कर ले रही फीडबैक

Tue, 28 Nov 2023 11:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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पुलिस अधीक्षक कार्यालय में फीडबैक सैल में ​शिकायतकर्ता से फोन पर बात कर ,​शिकायतकर्ता की राय जा
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भिवानी। अब फरियादी की दरखास्त पर पुलिस फोन कर उसका फीडबैक ले रही है। इसके लिए भिवानी जिला पुलिस मुख्यालय पर फीडबैक सेल बनाया गया है। इसमें 18 अगस्त से अब तक पुलिस चौकी और थानों में दर्ज कराई जा चुकी 6400 शिकायतों पर शिकायतकर्ताओं का फीडबैक जाना है। इनमें 80 फीसदी शिकायतों पर पुलिस कार्रवाई पर शिकायतकर्ताओं ने संतुष्टि जताई है, जबकि 20 फीसदी शिकायतों पर पुलिस कार्रवाई पर असंतोष जाहिर भी शिकायतकर्ताओं ने किया है।
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असंतुष्ट शिकायतकर्ताओं की शिकायतों का भी अब शत प्रतिशत निदान कराने के लिए अलग से कमेटी का गठन किया जा रहा है। जो ऐसे मामलों को सुलझाएगी। फीडबैक सेल में स्पेशल सेल इंचार्ज के साथ अलग से स्टाफ की तैनाती की गई है, जो दर्ज शिकायतों पर सिर्फ फीडबैक लेकर पुलिस कार्रवाई के बारे में लोगों की राय जानने का काम कर रही है।
हरियाणा पुलिस ने हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल करने के साथ-साथ लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने और शिकायतों पर निगरानी बढ़ाने के साथ जांच की खामियों को सुधारने के मकसद से फीडबैक सेल का गठन किया है। फीडबैक सेल में एएसआई सुखबीर को इंचार्ज बनाया गया है। वहीं अलग से स्टाफ की तैनाती की गई है। स्टाफ शिकायतों पर फीडबैक लेने के लिए खास तौर पर प्रशिक्षित भी किया गया है।
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फीडबैक सेल में तैनात कर्मचारी भिवानी जिले में पुलिस चौकियों और थानों में दर्ज होने वाली शिकायतों पर रोजाना मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इसके अलावा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आने वाली शिकायतों पर भी पुलिस कार्रवाई को लेकर फीडबैक जाना जा रहा है। फीडबैक सेल में दो तरह की शिकायतें आ रही हैं। एक तो पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आने वाली शिकायतें और दूसरी पुलिस चौकी और थानों में दर्ज होने वाली शिकायतें। एसपी कार्यालय में आने वाली शिकायतों को रिकॉर्डिंग कॉल कर फीडबैक लेते हैं। जबकि पुलिस चौकी और थानों में दर्ज शिकायतों पर रिकॉर्डिंग कर पुलिस कार्रवाई से संबंधित संतुष्टि के बारे में जाना जाता है। इसमें अधिकांश शिकायतों में तो कार्रवाई पर संतोषजनक जवाब मिलता है जबकि कुछ मामलों में कार्रवाई को लेकर शिकायतकर्ता असंतुष्ट होते हैं। ऐसे मामलों को फिर अलग रखा जाता है। जिसके निपटान के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अलग से कमेटी का भी गठन की प्रक्रिया चल रही है। संवाद


थानों में दर्ज एफआईआर पर अलग से जानी जाती है शिकायतकर्ता की प्रतिक्रिया
जिन शिकायतों पर संबंधित पुलिस थानों में केस रजिस्टर्ड हो जाते हैं, उनमें अलग से फीडबैक सेल में शिकायतकर्ता की प्रतिक्रिया लेते हैं। इसमें अब तक पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और जांच से जुड़ी बातें होती हैं। इसमें आरोपियों की गिरफ्तारी से लेकर न्यायालय में चालान पेश करने तक की प्रक्रिया को शामिल किया गया है।


रुक्का पर भी फीडबैक ले रही पुलिस
किसी अपराध में अगर कोई व्यक्ति घायल होकर अस्पताल में इलाज के लिए जाता है तो उसकी एमएलआर कटने के बाद अस्पताल से संबंधित चौकी और थाने में आने वाले रुक्का पर भी फीडबैक लिया जा रहा है। पुलिस कर्मचारी यह जानेगा कि समय पर उसके बयान दर्ज हुए हैं या नहीं, उसी दिन घटनास्थल पर जांच अधिकारी पहुंचा या नहीं या घटना स्थल की वीडियो बनाई है या नहीं। इस तरह कई सवालों का जवाब शिकायतकर्ता से जाना जाएगा।


अगर आप भूल गए तो पुलिस याद दिलाएगी कोर्ट में गवाही
जो मामले न्यायालय तक पहुंच गए हैं। उसमें अगर आपकी गवाही है तो फीडबैक ऑफिस से आपके पास एक दिन पहले फोन आएगा कि आपकी अगले दिन कोर्ट में गवाही है। गवाही से जुड़ी बातें भी बताई जाएंगी और गवाही से संबंधित कोई संशय है तो वह भी दूर किया जाएगा।

हर शिकायत पर लोगों का फीडबैक लिया जा रहा है। इसमें हम दोबारा यह देखते हैं कि जांच में कोई कमी तो नहीं रह गई है। इससे जांच अधिकारी को भी और सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं। इसी के साथ पुलिस में दर्ज होने वाली शिकायतों पर जनता का कार्रवाई को लेकर संतुष्टि का स्तर भी हमें पता लगता है। इस व्यवस्था से सभी थाना प्रबंधक अपनी कार्य शैली में सुधार लाए हैं इससे जनता को और अधिक उचित सेवाएं मिल रही हैं।
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-वरुण सिंगला, पुलिस अधीक्षक भिवानी।
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