भिवानी। गांव बड़ेसरा में सरपंच हत्याकांड के मुख्य गवाह राजकुमार पर जानलेवा हमला करने के मामले में सीआईए द्वितीय पुलिस ने चार बदमाशों को भालगढ़ सोनीपत से हथियारों सहित काबू किया है। आरोपियों की पहचान अजय निवासी फाजिलपुर सोनीपत, दीपक उर्फ बॉक्सर निवासी देवसर भिवानी, रोहित उर्फ काला निवासी फाजिलपुर सोनीपत, अमन उर्फ रसगुल्ला निवासी बंदेपुर सोनीपत के रूप में हुई।
पुलिस पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि राजकुमार की हत्या करने के लिए वे मध्यप्रदेश के इंदौर जिले से अवैध हथियार लेकर आए थे। इस काम के लिए जेल के अंदर बंद महिला सरपंच के पति आनंद ने ही उन्हें राजकुमार की हत्या के लिए सुपारी दी थी, जिसके लिए जेल में बंद आनंद ने उन्हें एक बार दो लाख और फिर 73 हजार रुपये की राशि भी दिलाई थी। जेल के अंदर ही आनंद के पास फोन भी बरामद हुआ था, जिसकी मदद से आनंद ने ही राजकुमार की हत्या के लिए साजिश जेल के अंदर बदमाशों के साथ मिलकर रच डाली थी। आनंद को दो बार जिला पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर बाहर लाई और गहन पूछताछ की, जिसके बाद हमलावरों का सुराग पुलिस को लगा। राजकुमार पर हमला करने वाले दो आरोपियों के खिलाफ पहले भी लूट और छीनाझपटी के कई केस दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों से छह अवैध पिस्तौल, 29 कारतूस व पांच मैगजीन बरामद की हैं।
गांव बड़ेसरा में 26 जून को सरपंच हत्याकांड में मुख्य गवाह राजकुमार पर पांच बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। हमले में राजकुमार को दो गोलियां लगी थीं। वारदात स्थल से भी पुलिस को चार खोल बरामद हुए थे। जवाब में राजकुमार की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने भी फायरिंग की थी। मगर आरोपी फरार हो गए थे। इस संबंध में बवानीखेड़ा थाने में आरोपियों पर केस दर्ज हुआ था। सीआईए द्वितीय के इंचार्ज ललित कुमार ने बताया कि राजकुमार पर हमले के चार आरोपियों को भालगढ़ सोनीपत से गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान अजय निवासी फाजिलपुर सोनीपत, दीपक उर्फ बॉक्सर निवासी देवसर, रोहित उर्फ काला निवासी फाजिलपुर सोनीपत, अमन उर्फ रसगुल्ला निवासी बंदेपुर सोनीपत के रूप में हुई। उल्लेखनीय है कि इस मामले में बडेसरा गांव में आपसी रंजिश को लेकर अब तक पांच लोगों की हत्या हो चुकी है।
ये हथियार हुए बरामद
पुलिस ने अजय से एक अवैध पिस्तौल, दो मैगजीन, पांच कारतूस, एक कट्टा, 13 कारतूस बरामद हुए। आरोपी दीपक उर्फ बॉक्सर से एक देशी पिस्तौल, दो मैगजीन, तीन कारतूस बरामद किए। आरोपी रोहित उर्फ काला से एक अवैध पिस्तौल देशी, एक मैगजीन व दो कारतूस मिले। अमन से दो अवैध पिस्तौल देशी, छह कारतूस मिले। आरोपी अजय पर सोनीपत व भिवानी में लड़ाई-झगड़ा, जेल में मोबाइल फोन पहुंचाने व रोहतक गेट से एक व्यापारी से पैसे छीनने के केस दर्ज हैं। आरोपी दीपक उर्फ बॉक्सर पर बाइक छीनने व व्यापारी से पैसे लूटने के तीन केस भिवानी में दर्ज हैं।
दो बार में एमपी से लाए गए थे हथियार
पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह ने बताया कि पूछताछ में आरोपी अजय ने बताया कि जेल में वह व्यापारी से पैसे छीनने के मामले में सजा काट रहा था। तभी उसकी पहचान बबलू उर्फ आनंद निवासी बड़ेसरा से हुई थी। जिसने राजकुमार निवासी बड़ेसरा की हत्या के लिए सुपारी दी थी। अजय ने अपने साथियों के साथ मिलकर राजकुमार की हत्या के लिए साजिश रची। इसके लिए अजय मध्यप्रदेश से दो बार रेल में बैठकर अवैध हथियार व कारतूस खरीदकर लाया था। जिसकी जानकारी आनंद को भी थी। 24 जून को अजय अपने साथियों के साथ भिवानी में एक जगह एकत्र हुए, जहां पर राजकुमार की हत्या के लिए साजिश रची। मुख्य आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ 25 जून की रात को बड़ेसरा में आनंद उर्फ बबलू के मकान जा रुके थे।
पहचान के लिए यूट्यूब पर दिखाया था वीडियो
आनंद उर्फ बबलू के मकान पर आरोपी अजय ने अमित निवासी धनौरा जिला अमरोहा उत्तरप्रदेश को रैकी के लिए राजकुमार की बैठक दिखाई और राजकुमार की पहचान के लिए यूट्यूब पर उसका विडियो भी दिखाया था। आरोपी अमित ने रैकी करने के लिए गांव में फेरी लगाकर आम बेचकर राजकुमार की लोकेशन भी बदमाशों को दी थी। इसके बाद अजय और अपने साथियों के साथ बाइक पर सवार होकर मौके पर पहुंचा और राजकुमार पर अंधाधुंध फायरिंग की। राजकुमार के अंगरक्षकों ने भी जवाबी फायरिंग की। इस दौरान राजकुमार को घायल हालत में अस्पताल लाया गया था।
वारदात के लिए खरीदी थी बाइक
आरोपी अजय ने पुलिस को बताया कि दो बाइकों को वारदात के लिए खरीदा था। इसमें एक बाइक 12 हजार में सोनीपत से खरीदी और दूसरी बाइक 16 हजार में रोहतक से खरीदी थी। पुलिस को वारदात स्थल पर एक बाइक, चाकू व देशी पिस्तौल भी बरामद हुआ था।
आरोपियों को रिमांड पर लिया
सरपंच हत्याकांड के गवाह राजकुमार पर जानलेवा हमले में चार बदमाश गिरफ्तार किए हैं। आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। जेल में ही हत्या की साजिश रची थी और चार बदमाशों को आनंद ने राजकुमार की हत्या की सुपारी दी थी। फिलहाल चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर उनका रिमांड हासिल किया है। अजय का पांच दिन व अन्य आरोपियों को एक-एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। इस मामले में दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के भी प्रयास किए जा रहे हैं।
-अजीत सिंह शेखावत, पुलिस अधीक्षक भिवानी।