भिवानी। चेयरमैन पर जानलेवा हमला करने के आरोपी ठेकेदार रामअवतार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय से लेकर घंटाघर चौक तक पार्षदों व जनसंगठनों के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व नगर परिषद उपाध्यक्ष मामनचंद प्रजापति ने किया।
प्रदर्शन के दौरान घंटाघर चौक पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलते ही सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शहर के सबसे व्यस्त चौक पर जाम लगने की वजह से सैकड़ों वाहन फंस गए। जाम की वजह से कई वाहन चालक को डिवाइडर को लांघकर ही वापस जाने लगे। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस भी जाम से निपटने में व्यस्त रही। मौके पर एसपी की तरफ से सिटी पुलिस अधिकारियों ने आरोपी ठेकेदार को दो से तीन दिन में गिरफ्तार किए जाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद ही करीब 40 मिनट बाद जाम खोला गया। वहीं मंगलवार शाम को घटना के 13 दिन बाद नप चेयरमैन रणसिंह यादव गुरुग्राम अस्पताल से छुट्टी लेकर भिवानी अपने आवास पर पहुंचे। कैंप ऑफिस में नप चेयरमैन का हालचाल जानने के लिए पार्षदों के साथ शहरवासियों का भी तांता लगा। चेयरमैन ने मीडिया के सामने इस प्रकरण को लेकर चुप्पी साध ली।
18 अगस्त को मंडी टाउनशिप में नप चेयरमैन रणसिंह यादव, उप चेयरमैन मामनचंद प्रजापति व पार्षद नरेंद्र सर्राफ के साथ मारपीट किए जाने के मामले को लेकर मंगलवार को एक बार फिर पार्षदों का गुस्सा फूट पड़ा। पार्षदों ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत रेलवे रोड स्थित नगर परिषद कार्यालय से घंटाघर चौक तक विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन दोपहर 12 बजे शुरू हुआ। 12 बजकर 20 मिनट पर प्रदर्शनकारी घंटाघर चौक पर पहुंच गए। यहां पर आरोपी ठेकेदार की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज लोगों ने घंटाघर चौक पर जाम लगा दिया। जाम में दिनोद गेट, हांसी गेट, सराय चौपटा व रेलवे रोड की तरफ से आने वाले वाहन जाम में फंस गए। त्योहार पर सबसे व्यस्त रहने वाले चौराहे पर जाम लगने से वाहन चालकों को भी परेशानी हुई। वहीं पुलिस को भी जाम खुलवाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वाहन चालक जाम से बचने के लिए टूटे हुए डिवाइडरों से अपने वाहन वापस मोड़कर जाने लगे, जिससे व्यवस्था और बिगड़ गई। नप उपाध्यक्ष मामनचंद प्रजापति ने कहा कि घटना के 13 दिन बाद भी आरोपी ठेकेदार की पुलिस ने गिरफ्तारी नहीं की है। उन्होंने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए और शहरवासियों की जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाया। मामनचंद ने कहा कि शहर की मिनी सरकार पर हमला करने के आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और मीडिया में भी फिजूल बयानबाजी कर रहे हैं, जबकि पुलिस मुख्य आरोपी को अब तक सामने नहीं ला पाई है और न ही उसकी गिरफ्तारी हुई है। जिससे पार्षदों व शहरवासियों में भी रोष है। मौके पर पहुंचे जैन पुलिस चौकी इंचार्ज दशरथ ने एसपी की तरफ से प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि आगामी दो से तीन दिन में आरोपी ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके बाद करीब एक बजे पार्षद व जनसंगठनों के पदाधिकारी सड़क से हटे और जाम खुल गया।
कैंप ऑफिस में पहुंचे चेयरमैन तो हालचाल जानने वालों की जुटी भीड़
मंगलवार शाम को गुरुग्राम अस्पताल से छुट्टी लेकर नप चेयरमैन रणसिंह यादव घटना के 13 दिन बाद भिवानी स्थित अपने कैंप ऑफिस पहुंचे, जहां पर चेयरमैन के आने की सूचना पाकर पहले से ही काफी लोगों व पार्षदों की भीड़ जुटी थी। नप चेयरमैन कुर्सी पर बैठे और इस दौरान वहां मामनचंद व पार्षद नरेंद्र सर्राफ भी उनके साथ मौजूद थे। कार्यकर्ताओं को मामनचंद ने ही संबोधित किया और चेयरमैन की तबीयत की जानकारी थी। इस दौरान मीडिया भी वहां पहुंच गई, लेकिन चेयरमैन रणसिंह ने चिकित्सकों की सलाह का हवाला देते हुए इस प्रकरण पर चुप्पी साधे रखी।
मामनचंद ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शहर में प्रदर्शन किया गया है और पुलिस प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम भी दिया है, अगर आरोपी ठेकेदार गिरफ्तार नहीं होता तो फिर आगामी रणनीति बनाकर आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान पार्षद गोविंदराम, विजय तंवर, पूर्व चेयरमैन भवानी प्रताप, नरेंद्र तंवर, मुकेश रहेजा, मांगेराम शर्मा, कमल यादव, कर्मवारी यादव, प्रवीन मास्टर, दलबीर छोटू, पवन सैनी, ललित सैनी, सुभाष तंवर, मदन जूसवाला, अशोक जोगी, अशोक कामरा, राजकुमार, पन्नू मस्ता, संदीप भारद्वाज, बलवान सिंह सहित अनेक समर्थक व शहरवासी मौजूद थे।