फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhiwani: हनुमान बने हरिश कक्कड़ की अंतिम विदाई पर लोगों की भर आई आंख, दिनभर रही PM और CM के सदेंश की चर्चा

Tue, 23 Jan 2024 04:08 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)

सार

हरीश कुमार कक्कड़ 61 वर्ष के थे और पिछले करीब 25 वर्षों से रामलीला मंचन के दौरान हनुमान का किरदार निभाते आ रहे थे। लेकिन भिवानी में श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा के दौरान मंचन के दौरान हृदयाघात से निधन हो गया।
विज्ञापन
हरिश कुमार कक्कड़ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अयोध्या में श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा के दौरान मंचन के दौरान ही हनुमान का किरदार निभा रहे भिवानी के एमसी कॉलोनी निवासी 61 वर्षीय हरिश कुमार कक्कड़ का हृदयाघात से निधन हो गया था। मंगलवार को हरिश का अंतिम संस्कार किया। इस मौके पर भिवानी से पूर्व मंत्री एवं भाजपा विधायक घनश्याम सर्राफ व पार्षद प्रतिनिधि विनोद चावला सहित शहर के अनेक गणमान्य लोगों ने नम आंखों से विदाई दी। हर कोई हरिश के अचानक दुनिया से इस तरह विदा हो जाने से अचंभित था।

विज्ञापन


उनके अंतिम संस्कार में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के अलावा नवदुर्गा सेवा सहयोग संस्था, बनारसीनाथ रामलीला कमेटी कोंट रोड, नवयुवक कला संगम, न्यू वासिकी नाथ रामलीला कमेटी सहित विभिन्न संगठन के पदाधिकारी भी शामिल हुए। नवयुवक कला संगम कोंट रोड के कलाकार सुरेश सैनी (लक्ष्मण), मंच संचालक रत्न प्रजापति व न्यू वासिकी नाथ रामलीला कमेटी के प्रधान संजय पंवार ने बताया कि हरीश कुमार कक्कड़ 61 वर्ष के थे और पिछले करीब 25 वर्षों से रामलीला मंचन के दौरान हनुमान का किरदार निभाते आ रहे थे।

उन्होंने बताया कि फिलहाल वे न्यू वासिकी नाथ रामलीला कमेटी के बैनर तले आयोजित रामलीला मंचन में अभिनय कर रहे थे। उन्होंने बताया कि कलाकार हरीश कुमार कक्कड़ शानदार प्रतिभा के धनी थे तथा जब भी मंच पर अभिनय करने उतरते थे तो दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरते थे। इसके अलावा वे सामाजिक प्रवृत्ति के व्यक्ति भी थे, जो हमेशा सामाजिक कार्यो में बढ़-चढक़र भाग लेते थे। उन्होंने कहा कि हरीश कुमार कक्कड़ के निशुल्क अपना किरदार निभाते थे और हमेशा रामसेवक के तौर पर ही खुद की पहचान बनाए हुए थे।
विज्ञापन


शहर के गणमान्य व्यक्ति महाबीर डालमिया, भाजपा नेता धर्मेंद्र जिंदल, मुकेश वर्मा, अनिल परमार, रवि सैनी, नवीन सैनी, दीपक जांगड़ा, मनोज लखेरा, संजय शर्मा ने बताया कि हरिश का निधन बड़े ही नाटकीय ढंग से हुआ है। जिसमें हर कोई भगवान राम की भक्ति में लीन था इसी दौरान हरिश ने भी प्रभु श्रीचरणों में अपने प्राण त्याग दिए।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के संदेश की भी चली दिनभर चर्चा
हरिश के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोन पर शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने और मुख्यमंत्री मनोहरलाल के संदेश की चर्चाएं भी दिनभर चलीं। वहीं, शोक संतप्त परिवार में हरिश के बेटे शमांस कक्कड़ और पुत्रवधू नेहा कक्कड़ ने बताया कि अभी तक उनके पास किसी का फोन नहीं आया है,चंडीगढ़ से उनके पास संदेश आने की सूचना जरूर आई थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें