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परीक्षा केंद्रों में नकल पहुंचा रहे थे बाहरी, पुलिस खदड़ने में लगी रही

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सेठ किरोड़ीमल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के परीक्षा केंद्र की खिड़की पर चढ़कर नकल डालने का - फोटो : Bhiwani
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संजय वर्मा
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भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की बारहवीं की पहले दिन हिंदी की परीक्षा में खूब पर्ची का खेल चला। शहरी दायरे के परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षा दिलाने आए युवा व अभिभावक गाइड से नकल की पर्चियां फाड़कर परीक्षार्थी तक पहुंचाने में मशगूल रहे, क्योंकि परीक्षा शुरू होने के चंद मिनट बाद ही व्हाट्सएप पर प्रश्नपत्र वायरल हो गया। बाहरी लोग परीक्षा केंद्रों तक नकल पहुंचाने में लगे थे तो पुलिस उन्हें खदेड़ने में लगी रही।
कोरोना संक्रमण की वजह से दो साल से हरियाणा विद्यालय की बोर्ड परीक्षाएं नहीं हुई थीं। दो साल बाद बुधवार को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की सीनियर सेकेंडरी का पहला प्रश्नपत्र हिंदी का हुआ। हमारी टीम ने हनुमान ढाणी राजकीय उच्च विद्यालय में बने परीक्षा केंद्र का हाल जाना। वहां परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद ही युवा नकल डालने के लिए दीवार फांदते नजर आए। ये युवा अंदर परीक्षा देने वाली छात्राओं को नकल पहुंचाने का प्रयास कर रहे थे। वहीं, परीक्षा केंद्र में तैनात पुलिस ने उन्हें कई बार खदेड़ा। केंद्र में सिर्फ चार पुलिस कर्मचारी थे, जिनमें होमगार्ड भी था। ये सभी मिलकर कभी इधर तो कभी उधर दौड़ लगाते, लेकिन नकल कराने वाले छतों के रास्ते अंदर घुस परीक्षार्थियों को पर्चियां पकड़ा फिर से उछलकर दूसरी तरफ चले जाते। यही हाल पूरी परीक्षा के दौरान दिखा। इसी तरह शहर के सेठ किरोड़ीमल राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय में भी दिखा, जहां खिड़कियों पर नकल कराने वाले लटके थे और अंदर पर्चियां डालने में मशगूल दिखे। इस परीक्षा केंद्र के बाहर अभिभावक व बच्चे भी गाइड से पर्चियां फाड़ रहे थे। उनसे पूछा कि कौन-कौन से प्रश्न आए हैं, तो वे बोले व्हाट्एप पर आए पेपर में देखकर गाइड से हल तलाश रहे हैं। परीक्षा केंद्र के अंदर पुलिस तैनात थी, लेकिन पिछले हिस्से की खिड़कियों पर कोई पुलिस कर्मी नहीं था, जिसका फायदा नकल कराने वाले युवाओं ने जमकर उठाया।
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दो साल बाद भी नहीं बदले हालात, नकल के भरोसे परीक्षार्थी
भले ही दो साल से कोरोना में विद्यार्थियों को औसतन अंकों के आधार पर अगली कक्षा में पहुंचा दिया और नए विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हुए। वहीं, नकल कराने के पहले जैसे हालात परीक्षा के पहले ही दिन नजर आए। दीवारों और छतों पर नकल कराने वालों का जमघट लगा तो महिलाएं, बच्चे, युवा, बुजुर्ग हर कोई सड़कों के किनारे बैठ गाइड से पर्चियां बनाते नजर आए। पुलिस की गाड़ी को देख दौड़ते भी दिखे तो चोरी छीपे नकल पहुंचाने का भी प्रयास किया।
70 फीसदी सिलेबस से हो रही ढाई घंटे की परीक्षा
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने कोरोना संक्रमण के चलते पिछले दो साल से परीक्षाओं का सिलेबस 30 फीसदी तक कम कर रखा है। बुधवार को 70 फीसदी सिलेबस में से ही हिंदी विषय की परीक्षा हुई। 40 अंक का पहले सब्जेक्टिव प्रश्नपत्र दिया गया तो एक घंटे बाद 40 अंक का ऑब्जेक्टिव प्रश्नपत्र देकर परीक्षा कराई गई। परीक्षा करीब ढाई घंटे तक चली।
आधा घंटा पहले थे पहुंचने के आदेश, देरी से आने वालों को भी मिला प्रवेश
12वीं की बोर्ड परीक्षा में आधा घंटे पहले केंद्र पर पहुंचने के आदेश थे, लेकिन लेट आने वाले परीक्षार्थियों को भी प्रवेश मिला। साढ़े 12 बजे हिंदी का पेपर शुरू हुआ, दोपहर बाद तीन बजे परीक्षा समाप्त हुई। परीक्षार्थियों का रोल नंबर, आधार कार्ड जांचने के बाद ही अंदर प्रवेश मिला।
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नकल कराने वालों के आगे कम पड़ गए पुलिस कर्मी
नकल कराने वालों की तादाद परीक्षा केंद्र पर अधिक रही, जिनके आगे पुलिस कर्मचारी भी कम पड़ गए। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर चार पुलिस कर्मी लगाए गए। ये कर्मी परीक्षा केंद्र के एक छोर पर नकल कराने वालों को खदेड़ने लगे तो दूसरे छो पर घात बैठे युवा अपना काम कर गए। (संवाद)

हनुमान ढाणी स्थित राजकीय उच्च विद्यालय के परीक्षा केंद्र की दीवार फांदकर अंदर घुसने का प्रयास क?- फोटो : Bhiwani

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