भिवानी। शिक्षा विभाग की ओर से राजकीय विद्यालयों में शिक्षा स्तर में सुधार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे है। अब विभाग की ओर से विद्यार्थियों के पढ़ने के कौशल का विकास करने के लिए स्कूलों में पठन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत विद्यालयों में पठन प्रचार माह मनाया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों के पढ़ने के कौशल में सुधार लाया जा सके।
स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की तरफ से समग्र शिक्षा के तहत अधिकारियों को स्कूलों में गतिविधियां करवाने के आदेश दिए हैं। पठन कौशल में विद्यार्थी लिखित भाषा को पढ़कर उसका अर्थ समझेंगे। पढ़ने कौशल विकसित करने के लिए शिक्षक पैराग्राफ़, शब्द या वाक्यांश का अर्थ समझाने में मदद करेंगे। इसी उद्देश्य से स्कूलों में छठी से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए पठन वर्धन गतिविधि आयोजित की जाएंगी।
इस वर्ष यह गतिविधियां दो भागों में होंगी। इनमें पठन संबंधित गतिविधियां व जादू मधुमक्खी प्रतियोगिताएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त वर्तनी, प्रश्नोत्तरी, बुक परेड जैसी गतिविधियां भी शामिल की जा सकेंगी। गतिविधियों के लिए प्रत्येक सरकारी विद्यालय में एक पठन क्लब की स्थापना की जाएगी।
कक्षा छठी से आठवीं व नौवीं से 12वीं स्तर तक के विद्यार्थियों को आयु व स्तर अनुसार पढ़ने के लिए पुस्तकें उपलब्ध करवाई जाएंगी।
विद्यालयों में पठन कौशल को विकसित करने के लिए सामुदायिक भागीदारी को सुनिश्चित होगी। पठन कौशल विकास के लिए आयोजित होने वाली गतिविधियों का निरीक्षण भी किया जाएगा। इसके लिए सभी जिला परियोजना संयोजक को जिम्मेदारी सौंपी गई है।