भिवानी। डीसी साहिल गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम को तेजी से लागू करें ताकि जिले में अधिक से अधिक उद्योग स्थापित हो सकें और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की एमएसएमई केंद्र द्वारा चलायी जा रही योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित टारगेट और ऋण निर्धारित समयावधि में पूरा किए जाएं।
डीसी ने यह निर्देश लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए हॉल में एमएसएमई केंद्र की योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी कहा कि वे जिले के बेरोजगारों को केवाईसी और एमएएमएमई के माध्यम से स्वरोजगार के अवसरों के प्रति अधिक से अधिक जागरूक करें। बैठक में डीसी ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत चल रही योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की और एमएसएमई केंद्र की उप निदेशक निलिमा को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उप निदेशक ने डीसी को बताया कि जिले में लघु उद्योगों के लिए निर्धारित टारगेट ऋणों को पूरा कर लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए उद्यम स्थापित कर रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं साथ ही परंपरागत कारीगरों और बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने योजना की प्रमुख विशेषताएं भी साझा कीं। इसके तहत लाभार्थी को परियोजना लागत पर 15 से 35 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है। उद्योग स्थापित करने के लिए विनिर्माण क्षेत्र में अधिकतम 50 लाख और सेवा क्षेत्र में अधिकतम 20 लाख रुपये की परियोजना लागत पर सहायता प्रदान की जाती है।
बैठक में एलडीएम विभूति पांडे, डीएफओ एमएमएमई से हिना भाटी, राजकीय पॉलिटेक्निक से ब्रिजेश मोहन, आरएसईटीआई से रमन, एचएचईडीसी से रमेश चंद्र व हरपाल सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।