भिवानी। अब पिछले एक दशक से अधूरी पड़ी ग्रामीण चौपालों पर भी ग्रामीणों की चहल-पहल होगी, क्योंकि इनके अधूरे कार्याें को पूरा कराने के लिए सरकार से ग्राम पंचायतों को बजट मिला है। ग्राम पंचायत अपने स्तर पर अधूरे पड़े ग्रामीण चौपालों के कामों को पूरा कराएंगे।
भिवानी जिले के 59 गांवों में 123 ग्राम चौपालों का काम पूरा करने के लिए सात करोड़ 26 लाख 65 हजार रुपये का बजट सरकार ने दिया है। इसमें बवानीखेड़ा खंड में 15, भिवानी में 43, बहल में 6, लोहारू में 10, तोशाम में 13 और सिवानी में 36 ग्रामीण चौपाल शामिल हैं।
भिवानी जिले में ग्रामीण चौपालों का काम ग्राम पंचायतों ने सरकार से बजट मिलने के बाद शुरू कराया था। इनमें से अधिकांश ग्रामीण चौपाल अब भी अधूरी पड़ी हैं, जिनके अंदर किसी में छत नहीं आई है तो किसी के अंदर शौचालय नहीं बने हैं। किसी ग्रामीण चौपाल के अंदर फर्श पक्के नहीं हैं तो किसी का प्लास्टर तक नहीं कराया गया है। पिछले काफी अर्से से अधूरी पड़ी ये ग्रामीण चौपाल अब खंडहर में तबदील होने लगी थी। लेकिन सरकार ने इनका काम पूरा कराने के लिए अब दूसरे चरण का बजट दिया है।
ये बजट ग्राम पंचायतों के खाता में जाएगा। इसके जरिए ग्राम पंचायत अपने स्तर पर ग्रामीण चौपालों के अधूरे पड़े कार्यों को जरूरत के हिसाब से पूरा कराएंगे। इसके लिए ग्राम पंचायतों को पांच लाख से नीचे के कार्य अपने स्तर पर कराने होंगे जबकि पांच लाख से अधिक के बजट के कार्यों के लिए ई-टेंडरिंग से ही काम कराना अनिवार्य होगा। हालांकि ग्राम पंचायतों को दस लाख तक के कार्य अपने स्तर पर कराने के दावे हो रहे हैं, मगर अभी तक इस संबंध में कोई नोटिफिकेशन नहीं आया है। ऐसे में पहले की नीति के अनुसार ही ग्राम पंचायतों को सरकारी बजट का प्रयोग करते हुए काम कराने होंगे।
ग्रामीण चौपालों के लिए नहीं रास्ता तो कई चौपालों पर नहीं छत
ग्रामीण क्षेत्र में एससी-बीसी की चौपालों की हालत खराब है। कई ग्रामीण चौपाल तक जाने का रास्ता पर कब्जा हो चुका है तो किसी ग्रामीण चौपाल पर छत तक नहीं है। इनकी दीवारें भी ढह चुकी हैं। अधूरी पड़ी चौपालों को पूरा कराकर इन्हें ग्रामीणों के लिए इस्तेमाल लायक बनाया जाना है। फिलहाल अधूरी पड़ी ग्रामीण चौपालों में झाड़ झंकाड़ उगे पड़े हैं, जहां किसी का जाना तो दूर झाड़ियों के अंदर चौपाल ही दिखाई नहीं दे रही हैं।
इन गांवों की अधूरी पड़ी अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग की चौपाल होंगी पूरी
भिवानी जिले के गांव जमालपुर, खेड़ी दौलतपुर, सिंकदरपुर, बलियाली, चांग, ढाणा, जताई, जाटूलुहारी, पूर, ढाणा द्वितीय, गुजरानी, कलिंगा, खरककलां, खरकखुर्द, मुंढाल कलां, रेवाड़ीखेड़ा, सिरसा घोघड़ा, ढाणा लाडनपुर, ढाणा नरसान, धारेडू, धीरानाकलां, हालुवास, कायला, कितलाना, नंदगांव, नवा, पूर्णपूरा, राजगढ़, रुपगढ़, उमरावत, बेरान, कासनीकलां, मंढोलीकलां, नुनसर, पाजू, अलाउद्दीनपुर, अमीरवास, बड़दू पूर्ण, बारवास, बिठन, बुढेड़ा, दमकोरा, ढाणी भाकरा, ढाणी लक्ष्मण, कुडल, लीलस, कतवार, खरकड़ी सोहान, निगानाकलां, पटौदी खुर्द, सागवान, तोशाम शामिल हैं।
ग्रामीण चौपालों के अधूरे पड़े कार्यों को पूरा कराने के लिए हरियाणा सरकार ने बजट जारी किया है। ये बजट ग्राम पंचायतों के खातों में डाला जा रहा है। जिस पर काम ग्राम पंचायतों की ओर से कराया जाएगा। ग्राम पंचायतों को इन कार्यों का कंप्लीशन सर्टिफिकेट भी देना होगा। वहीं पांच लाख से नीचे के कार्य अपने स्तर पर कराए जाएंगे जबकि पांच लाख से ऊपर के बजट के काम ई टेंडरिंग से कराने अनिवार्य होंगे।
-संभव जैन, कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज तकनीकी विंग भिवानी।