भिवानी। अब शहर के पुराने जलघर को जल्द ही नया पानी का टैंक मिलेगा। जबकि दो नए पानी के टैंक पहले ही बनकर तैयार हो चुके हैं, जिन्हें चालू भी किया जा चुका है। फिलहाल पुराने जलघर से शहर को 22 दिनों तक पानी की आपूर्ति का ही काम चलता है। जबकि नहरों में पानी 32 दिनों बाद मिलता है। इतना ही नहीं जलघर के टैंकों में जल्द ही जलीय पौधों की सफाई भी कराई जाएगी।
भिवानी के महम रोड स्थित पुराने जलघर में फिलहाल नौ पानी के टैंकों में से सिर्फ दो टैंक ही नए बने हैं। एक नए टैंक की क्षमता 125 मिलियन लीटर तो दूसरे टैंक की क्षमता 130 मिलियन लीटर की है। ये दोनों ही टैंक फिलहाल चालू हैं। जिसके बाद भी पुराने शहर की आबादी को पेयजल आपूर्ति देने में सिर्फ 22 दिनों तक ही काम चलता है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अतिरिक्त नहरी पानी पर निर्भर रहते हैं। जिस महीने में नहरी पानी कम मिलता है, उस महीने में तो शहर जलसंकट से घिर जाता है। लेकिन अब पुराने जलघर में तीसरा नया टैंक बनाने की तैयारी की है। जलघर में 99 मिलियन लीटर का एक पुराना टैंक है, जिसकी क्षमता अब घटकर मात्र 60 मिलियन लीटर रह गई है। इस पुराने टैंक की तलहटी में पांच से सात फुट तक मिट्टी जमा हो चुकी है। इसी टैंक को तोड़कर इसकी जगह नया टैंक बनेगा। जिसका मसौदा भी जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों ने तैयार किया है। जिस पर मुख्यालय से सर्वेक्षण कराया जाएगा। जिसके बाद इस टैंक निर्माण के कार्य पर बजट निर्धारित कर इसके कार्यों का टेंडर कराया जाएगा।
पुराने जलघर और डाबर कॉलोनी के जलघर टैंकों की जल्द होगी सफाई
पुराने और डाबर कॉलोनी के जलघरों के टैंकों की जल्द सफाई कराई जाएगी। फिलहाल इन टैंकों के अंदर बारिश के बाद काफी जलीय पौधों की भरमार है। इन पौधों की अब टैंकों से जल्द ही छंटाई कराई जाएगी। इसके लिए विभागीय अधिकारियों ने ठेकेदारों से भी संपर्क किया है।
पुराने जलघर के टैंकों के पानी की भंडारण क्षमता 22 दिनों तक पेयजल आपूर्ति की है। जिसकी क्षमता बढ़ाने के लिए एक और नया टैंक निर्माण का मसौदा तैयार किया है। ये टैंक पहले से बने दो टैंकों जितना ही बनेगा। जिसके बाद जलघर में पानी का भंडारण 32 दिनों तक आपूर्ति के लायक हो जाएगा। इसका सर्वेक्षण का कार्य होना अभी बाकी है। जिसके बाद ही ये प्रक्रिया आगे बढ़ पाएगी।
-सचिन तलेजा कनिष्ठ अभियंता जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी।