बहल(भिवानी)। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए पूरा पानी उपलब्ध करवाने के लिए यमुना नदी के किशाऊ डैम पर काम किया जाना है। इसके बाद दक्षिण हरियाणा के अलावा प्रदेश के साथ लगते राजस्थान क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा।
वे रविवार को कस्बे की अनाज मंडी में आयोजित किसान मेले में किसान गोष्ठी व कार्यशाला में किसानों को संबोधित कर रहे थे। कृषि मंत्री ने कहा कि आज प्रदेश के किसानों की जो हालत है वह सिर्फ इसलिए है कि भाजपा से पूर्व सरकारों ने किसान की दशा सुधारने के लिए प्रयास नहीं किया। उन सरकारों में बिचौलिया प्रथा हावी थी जिसकी वजह से न तो किसानों को उपज के पूरे दाम नहीं मिल पाते थे और न ही किसान को खेती की नवीनतम तकनीक की जानकारी मिली। सरकार ने बिचौलियों की भूमिका खत्म करने के लिए पोर्टल के माध्यम से पैसा सीधा किसान के खाते में डाला है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने किसान की आय बढ़ाने के लिए ही बागवानी के उत्कृष्टता केंद्र स्थापित कर किसानों को फसल विविधीकरण से जोड़ा है। वहीं, किसान की आय बढ़ाने के लिए जापान से 3000 करोड़ रुपये का ऋण लिया जा रहा है। इससे करीब पांच सौ पैकेजिंग हाउस खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि गन्नौर में करीब साढ़े 500 एकड़ में एशिया की सबसे बड़ी मंडी स्थापित की जा रही है। इस मंडी में प्रदेश सरकार 10 से 12 हजार करोड़ रुपए का निवेश करेगी। किसान को जोखिम रहित बनाने के लिए फसल और पशुओं का बीमा किया जा रहा है।
कार्यक्रम में सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता व मीकाडा के प्रशासक डॉ. सतबीर सिंह कादयान, बागवानी विभाग के महानिदेशक डॉ. अर्जुन सिंह सैनी ने किसानों को अपने विभागों की विभिन्न स्कीमों की जानकारी दी। इस अवसर पर मीकाडा के निदेशक डॉ. पवन कुमार, डीएचओ डॉ. देवीलाल, एक्सईएन मुनीष देशवाल, सीई बिजेन्द्र नारा व अन्य मौजूद रहे।
किसान बने अतिथि, कृषि मंत्री बैठे दर्शक दीर्घा में
कार्यक्रम में बनाए गए मंच पर मुख्यातिथि कृषि मंत्री जेपी दलाल व उच्चाधिकारियों के लिए कुर्सियां लगाई गई थी। पर, कृषि मंत्री ने मंच पर यह कहकर बैठने से मना कर दिया कि यह कार्यक्रम किसानों का है तो वे ही मंच पर बैठेंगे। इसके बाद पंडाल में बैठे धोती कुर्ता पहने बुजुर्ग किसानों को मंच पर लगे सोफों पर बिठाया गया जबकि कृषि मंत्री व अन्य अधिकारी स्टेज से नीचे किसानों के बीच बैठे।
किसानों को दिया करीब 18 करोड़ रुपये की राशि का लाभ
कार्यक्रम में मीकाडा के तहत 3157 किसानों के खाते में 8 करोड़ 87 लाख रुपए ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से किसानों के खातों में सीधे डाले गए। वहीं, बागवानी विभाग द्वारा 18 प्रगतिशील किसानों को नेट हाउस अपने पर सब्सिडी के तौर पर 3 करोड़ 37 लाख रुपए के स्वीकृति प्रदान किए गए। कृषि मंत्री व विभाग के अधिकारियों ने प्रगतिशील किसानों को भी सम्मानित किया। मेले में किसानों को जानकारी देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी 37 स्टालें लगाई गई।
कृषि मंत्री ने भिवानी रोड से कार्यक्रम स्थल तक चलाया ट्रैक्टर
किसान सम्मेलन में आने वाले किसानों में उत्साह था। खुद कृषि मंत्री जेपी दलाल भी किसानों के साथ उनके रंग में रंगे नजर आए। कृषि मंत्री भिवानी रोड से ट्रैक्टर पर सवार हुए तो खुद स्टेयरिंग थाम लिया। वे भिवानी रोड से नई अनाज मंडी तक खुद ट्रैक्टर चलकर लाए। लोहारू क्षेत्र के बरालू गांव के किसान अशोक भी बाजरे की ऐसे किस्म के सीटे लेकर पहुंचे जिनकी लंबाई करीब साढ़े चार फीट थी। कृषि मंत्री ने किसान अशोक की पीठ थपथपाई।
किसान पर बनी फिल्म देखी तो भावुक हुए कृषि मंत्री
कार्यक्रम में गायक कलाकार रामकेश जीवनपुरिया द्वारा निर्देशित फिल्म किसान बिजनेसमैन दिखाकर किसानों को अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए परंपरागत खेती के अलावा फल, फूल और बागवानी से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। फिल्म में जब किसान की माली हालत दिखाई जा रही थी तो कृषि मंत्री जेपी दलाल की आंखें भर आईं।