भिवानी। अब शहर का मुख्य सीवर सिस्टम दुरुस्त किया जाएगा। इसके लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग शहर के अंदर दस किलोमीटर दायरे में मुख्य सीवर लाइन की सफाई कराएगा। इस पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग दो करोड़ 90 लाख का बजट भी खर्च करेगा।
शहर के सीवर सिस्टम की सफाई कार्य को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग मुख्यालय ने मंजूरी दी है। करीब डेढ़ माह में मुख्य सीवर लाइनों की सफाई का काम पूरा होगा। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग जल्द ही इसकी डीएनआईटी भी तैयार कर मुख्यालय भेजेंगे। इसके करीब 20 दिन के अंदर कार्यों के टेंडर और वर्क ऑर्डर की प्रकिया भी पूरी की जाएगी। मुख्य सीवर लाइन की सफाई का काम सुपर शकर मशीनों के जरिए ही कराया जाएगा। शहर में चार तरह की सीवर लाइनों की सफाई के कार्य को मंजूरी मिली है।
भिवानी शहर में 10 से लेकर 28 फीट गहराई तक सीवर की सीवर मुख्य सीवर लाइनों का रखरखाव जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग करा रहा है। लंबे अर्से से सीवर लाइनों की सफाई का काम नहीं हुआ है। ऐसे में अब जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने सीवर लाइनों के सफाई कार्य का मसौदा मुख्यालय भेजा था, जिस पर मुख्यालय ने मंजूरी दी है। अब इस कार्य की डीएनआईटी तैयार कर मुख्यालय को भेजी जाएगी।
सुपर शकर मशीनों से सफाई कार्य पर 2.90 करोड़ का बजट भी खर्च आएगा। फिलहाल विभाग के पास छोटी सुपर शकर मशीनें हैं, जिनके जरिये मुख्य सीवर लाइनों की थोड़ी बहुत रुकावट दूर कर लाइनों को चालू किया जा सकता है। लेकिन मुख्य लाइन की सफाई के लिए बड़ी हैवी सुपर शकर मशीनों की जरूरत है। ये कार्य विभाग टेंडर कराकर प्राइवेट एजेंसी को वर्क ऑर्डर अलॉट कर कराएगा।
-
शहर के इन हिस्सों में हैं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की सीवर लाइन
शहर के सरकुलर रोड के अलावा शहर के मुख्य रास्तों और गलियों के अंदर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की सीवर लाइनें हैं। सीवर लाइनों को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। इसमें 10 फीट से लेकर 28 फीट की गहराई तक की बड़ी सीवर लाइनें भी शामिल हैं। इनमें से हनुमान ढाणी क्षेत्र, दादरी गेट क्षेत्र, घोषियान चौक क्षेत्र, बीटीएम चौक क्षेत्र, कृष्णा कॉलोनी क्षेत्र, दिनोद गेट क्षेत्र सहित कई हिस्सों में सीवर लाइन ठप रहती है।
-
सीवर की सफाई कार्य को मंजूरी मिल चुकी है। करीब 20 दिनों में इस कार्य की डीएनआईटी तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी। हैवी सुपर शकर और सुपर शकर मशीनों के जरिए ही सीवर लाइन की सफाई का काम कराया जाएगा। इन लाइनों की सफाई के बाद ठप सीवर की समस्या से निजात मिलेगी वहीं बारिश के दौरान भी पानी की निकासी में किसी तरह की बाधा नहीं आएगी।
-आशीष कुमार, कनिष्ठ अभियंता, शहरी सीवरेज शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।
शहर के अंदर सीवर लाइनों के ठप होने की हर माह करीब 20 से 25 शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं। इसी के चलते सीवर लाइनों की सफाई का मसौदा मुख्यालय भेजा था। इसे अब मंजूरी मिल चुकी है। वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद एजेंसी की ओर से करीब डेढ़ माह में सीवर सफाई का काम पूरा कर लिया जाएगा। जिन हिस्सों में सबसे अधिक दिक्कतें हैं, वहां से सीवर सफाई के कार्य को प्राथमिकता दी जाएगी। इस दौरान मुख्य सीवर लाइनों की जांच भी कराई जाएगी, ताकि भविष्य में गंदे पानी की निकासी को लेकर किसी तरह की कोई समस्या न बने।
-सुनील कुमार रंगा, कार्यकारी अभियंता, शहरी सीवरेज शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।