जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी और आपातकालीन विभाग में मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही अव्यवस्थाओं का आलम बन रहा है। इससे निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने भी ढांचागत सुविधाओं में विस्तार के लिए जरूरी कदम उठाए हैं। अगले साल से नागरिक अस्पताल मेडिकल कॉलेज का हिस्सा होगा। इसी को लेकर यहां ओपीडी और आपातकालीन विभाग का अपग्रेडेशन भी किया जाएगा।
इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने पीडब्ल्यूडी विभाग को पत्र लिखकर ओपीडी और आपातकालीन सेवाएं विभाग के अपग्रेड किए जाने की संभावनाएं तलाशे जाने का आग्रह किया है। दोनों ही जगह अब छोटी पड़ रही हैं। कुछ दिन पहले सीएमओ के निरीक्षण में भी यहां कई खामियां मिली थीं। जिनको चिह्नित कर उन्हें दूर कराए जाने के निर्देश दिए गए थे।
भिवानी के नागरिक अस्पताल की ओपीडी में रोजाना ही करीब 1200 से अधिक मरीज आ रहे हैं। जबकि आपातकालीन सेवाएं विभाग में भी 500 से 600 गंभीर मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। ओपीडी के साथ खाली जगह और आपातकालीन विभाग के पास की जगह को विस्तार के दायरे में शामिल किया जाएगा। इसके लिए पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी यहां का जायजा लेकर इसका खाका तैयार करेंगे।
पीडब्ल्यूडी विभाग कराएगा कार्य, स्वास्थ्य विभाग देगा बजट
जिला नागरिक अस्पताल को पीजीआई के अस्पताल के तौर पर अपग्रेड किए जाने का काम शुरू हो चुका है। लेकिन अभी भी ओपीडी और आपातकालीन सेवाएं विभाग को अपग्रेड नहीं किया गया है। इसका खाका पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा तैयार किया जाएगा। जबकि इस पर आने वाला खर्च के लिए बजट स्वास्थ्य विभाग मुहैया कराएगा।
भिवानी का मेडिकल कॉलेज 2024 में शुरू हो जाएगा। इसके लिए नागरिक अस्पताल को भी मेडिकल कॉलेज के हिसाब से अपग्रेड किया जाएगा। इसका कार्य पीडब्ल्यूडी विभाग के माध्यम से कराया जाएगा। इस पर आने वाला खर्च स्वास्थ्य विभाग मुहैया कराएगा। ओपीडी और आपातकालीन सेवाएं विभाग का विस्तार किया जाना है।
-डॉ रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।