भिवानी। अब गांव के पास बसी ढाणियों में घरेलू बिजली कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ता को लाइन खर्च देना होगा, जबकि निगम बिजली ट्रांसफार्मर मुहैया कराएगा। ढाणी में बिजली कनेक्शन को लेकर दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने दो श्रेणी निर्धारित की हैं, जिसमें पहली श्रेणी में जिन ढाणियों में कोई भी बिजली कनेक्शन नहीं है, उनके अंदर घरेलू बिजली कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ता को लाइन का आधा खर्च का भार झेलना पड़ेगा। जबकि दूसरी श्रेणी में जहां ढाणियों के अंदर पहले से ही कृषि यानी एपी के ट्यूबवेल कनेक्शन जारी किए हुए हैं, वहां पर घरेलू बिजली कनेक्शन लेने के लिए लाइन शिफ्टिंग का पूरा खर्च उपभोक्ता ही भरेगा। ढाणी में घरेलू उपभोक्ताओं को 16 घंटे बिजली आपूर्ति मिलेगी, जबकि कृषि क्षेत्र में सिर्फ आठ घंटे बिजली आपूर्ति का पहले से ही प्रावधान है। भिवानी सर्कल के भिवानी और चरखी दादरी जिले में दस हजार 643 ढाणियों की पहचान बिजली निगम कर चुकी है। जिसमें पहले से ही कृषि क्षेत्र के अधिकांश एपी कनेक्शन हैं।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के भिवानी सर्कल में चार लाख 57 हजार 706 बिजली उपभोक्ता हैं, जिसमें भिवानी जिले में तीन लाख पांच हजार 503 और चरखी दादरी में एक लाख 52 हजार 203 बिजली उपभोक्ता हैं। भिवानी सर्कल के तहत कुल 468 गांव आते हैं, जिनके अंदर बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली सुविधा दी जा रही है। अकेले भिवानी जिले के 309 और चरखी दादरी के 159 गांव शामिल हैं। सर्कल में दस हजार 642 ढाणियां आती हैं। इसमें भिवानी जिले में पांच हजार 712 ढाणी और चरखी दादरी जिले में 4930 ढाणी शामिल हैं। इन ढाणियों में रहने वाले उपभोक्ता अगर एपी से घरेलू बिजली कनेक्शन में तब्दील होना चाहते हैं तो उन्हें लाइन शिफ्टिंग का पूरा खर्च वहन करना पड़ेगा। जबकि ट्रांसफार्मर निगम खुद मुहैया कराएगा। जिन ढाणियों के अंदर निगम का पहले कोई बिजली कनेक्शन नहीं है और वहां से कुछ आवेदन निगम के पास घरेलू कनेक्शन के लिए आते हैं तो फिर इस सूरत में उपभोक्ता पर लाइन का आधा खर्च डाला जाएगा। इसमें लाइन का आधा खर्च और बिजली ट्रांसफार्मर लगाने का भार निगम पर पड़ेगा।
ढाणी के अंदर एपी में आठ तो घरेलू में मिलेगी 16 घंटे बिजली
निगम की नीति के अनुसार ढाणी में एपी कनेक्शन में मात्र आठ घंटे बिजली आपूर्ति ट्यूबवेल के लिए मिलेगी। जबकि ढाणी में रिहायशी क्षेत्र के घरेलू कनेक्शन में उपभोक्ता को 16 घंटे बिजली दी जाएगी। पहले से अगर कोई कृषि उपभोक्ता अपना घरेलू कनेक्शन लेना चाहता है तो उसे भी इसी श्रेणी में 16 घंटे बिजली का प्रावधान का लाभ मिलेगा।
एपी कनेक्शनों पर लगाए गए हैं पेट ट्रांसफार्मर, पावर सब स्टेशन में कंट्रोल
कृषि क्षेत्र के एपी कनेक्शनों पर निगम पेट(पायलेट एडवांस ट्रांसफार्मर) लगा रहा है। इस ट्रांसफार्मर की खास बात ये है कि इसे ऑन कर देने पर सिंगल फेज बिजली आपूर्ति मिलती है और इसे बंद करने पर थ्री फेज बिजली आपूर्ति चालू हो जाती है। इन ट्रांसफार्मरों को चालू और बंद करने का कंट्रोल भी संबंधित पावर सब स्टेशन के अंदर ही लगाया गया है। सर्कल की नौ हजार 760 ढाणियों के अंदर पेट ट्रांसफार्मर लगे हैं।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम गांवों के नजदीक बसी ढाणियों के अंदर भी कृषि के अलावा घरेलू बिजली कनेक्शन दे रहा है। इसके लिए दो श्रेणी निर्धरित की गई है। पहली श्रेणी में जहां निगम का कोई कनेक्शन नहीं है, वहां घरेलू कनेक्शन चालू करने के लिए उपभोक्ता से लाइन का आधा खर्च जमा कराया जा रहा है, जबकि ट्रांसफार्मर निगम दे रहा है। दूसरी श्रेणी में जहां पहले से एपी कनेक्शन दिए हुए हैं, वहां घरेलू कनेक्शन देने के लिए उपभोक्ता से लाइन का पूरा खर्च लिया जाएगा और ट्रांसफार्मर निगम का होगा। ढाणियों से इस तरह के आवेदनों पर निगम तत्परता से कनेक्शन भी जारी करेगा।
-बिजेंद्र सिंह लांबा, महाप्रबंधक, भिवानी सर्कल दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम।