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Bhiwani News: अब बिजलानाबास गांव की दो एकड़ पंचायती भूमि पर बनेगा 10 हजार क्यूबिक फीट नहरी पानी भंडारण का टैंक

Fri, 11 Oct 2024 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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गांव बिजलानाबास में वाटर टैंक बनाने के लिए चयनित की गई भूमि।
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भिवानी। अब गांव बिजलानाबास की दो एकड़ पंचायती भूमि पर करीब दस हजार क्यूबिक फीट नहरी पानी भंडारण का टैंक निर्माण होगा। इस टैंक में नहरी पानी के अतिरिक्त भंडारण की व्यवस्था रहेगी, जिसका इस्तेमाल इलाके के लोगों की पेयजल जरूरतों के साथ सिंचाई जरूरतें भी पूरी होंगी। वहीं भूमिगत पानी भी रिचार्ज होगा। करीब एक करोड़ 40 लाख का मसौदा सिंचाई विभाग ने मुख्यालय को भेजा है। जिस पर अगले सप्ताह मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इसके बाद अक्तूबर के अंत तक इस पर काम भी शुरू हो जाएगा।

कैरू क्षेत्र के गांव बिजलानाबास में करीब एक करोड़ 40 लाख की अनुमानित लागत से दो एकड़ में नहरी पानी भंडारण का टैंक बनाया जाएगा। इस टैंक को जूई कैनाल सिस्टम से सीधा जुड़ा जाएगा। कैनाल में अतिरिक्त पानी को इस टैंक के अंदर भंडारण किया जाएगा, जबकि जरूरत व किल्लत के समय इसी पानी का इस्तेमाल उस क्षेत्र की पानी की जरूरतों को पूरा करने में संभव हो पाएगा। इस दौरान भूमिगत पानी का रिचार्ज भी लगातार होता रहेगा।
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दरअसल, कैरू खंड के अधिकांश गांवों में भूमिगत जलस्तर काफी नीचे जा चुका है। इससे पीने के पानी का स्वाद भी बिगड़ चुका है। जूई कैनाल से मरुस्थली इलाके के करीब 78 से अधिक गांव जुड़े हैं। इसमें तोशाम और कैरू इलाके के करीब 40 गांवों में जूई कैनाल से जलघर टैंकों और खेतों की सिंचाई में पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
गर्मियों के दौरान तो इन गांवों के जोहड़ भी सूख जाते हैं। ऐसे में इस सूखाग्रस्त इलाके में बड़े टैंक के जरिए नहरी पानी का अतिरिक्त भंडारण यहां की पीने के पानी की जरूरतों को पूरा करने में अहम कदम रहेगा। सिंचाई विभाग अटल भूजल योजना के तहत इस बड़ी परियोजना पर काम कर रहा है। इस टैंक के अतिरिक्त भंडारण से पशुओं के लिए पीने के पानी की जरूरतें भी पूरी होंगी।
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जूई कैनाल सिस्टम पर एक रिजर्व वायर तैयार किया जाएगा। इसमें नहर के अतिरिक्त पानी का भंडारण होगा। जरूरत पड़ने पर दोबारा से उसे नहर में इस्तेमाल करना संभव होगा। रिजर्व वायर के लिए गांव बिजलानाबास में दो एकड़ पंचायती भूमि चिह्नित हो चुकी है। इसे जूई सिस्टम में चैनल के जरिए जोड़ा जाएगा। मुख्यालय को मसौदा भेजा जा चुका है। अगले सप्ताह जिसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इसके बाद अक्तूबर के अंत तक इस पर काम भी शुरू करा दिया जाएगा। इसके अलावा भी सिंचाई विभाग कई अन्य मसौदों पर काम कर रहा है। जिन्हें जल्द सिरे चढ़ाया जाएगा।
- अमनदीप देशवाल, कार्यकारी अभियंता, जूई सिस्टम वाटर सर्विसेज सिंचाई विभाग भिवानी।
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