भिवानी। भिवानी शहर के इतिहास से जुड़ा सेठ किरोड़ीमल पार्क के स्वरूप बदलाव की आहट से चैरिटी ट्रस्ट के सदस्य बिफर गए हैं। जिला प्रशासन ने सेठ किरोड़ीमल पार्क का जीर्णोद्धार कर बेहतरीन पार्क के साथ स्ट्रीट वेंडिंग जोन बनाने, पार्किंग बनाने की तैयारी की थी। इसी को लेकर सेठ किरोड़ीमल चैरिटी ट्रस्ट के मनोनीत ट्रस्टी विजय बंसल टैनी ने एडवोकेट नरेंद्र पंघाल के माध्यम से उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त व स्वदेशी जागरण मंच को लीगल नोटिस भिजवाया है।
मनोनीत ट्रस्टी का कहना है कि भिवानी का सेठ किरोड़ीमल पार्क सौ साल से भी अधिक पुराना है। ये पार्क सेठ किरोड़ीमल की धरोहर है। इसे बच्चों की खेलकूद गतिविधियों के लिए इसी तरह खुले मैदान के तौर पर छोड़ा गया था। इसी पार्क को लेकर भिवानी न्यायालय द्वारा भी फैसला दिया गया है कि इस पार्क के मूल स्वरूप से किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं होगा और न ही कोई छेड़छाड़ की जाएगी, लेकिन जिला प्रशासन अब इस पार्क के मूल स्वरूप में बदलाव की योजना बना रहा है। ऐसा करना न्यायालय के आदेशों की अवमानना के दायरे में भी आता है।
महात्मा गांधी भी सेठ किरोड़ीमल पार्क में दे चुके हैं भाषण
गौरतलब होगा कि भिवानी का सेठ किरोड़ीमल पार्क देश की आजादी से पहले से ही बड़े जलसों और आयोजनों के लिए जाना जाता रहा है। इस पार्क के मैदान में महात्मा गांधी से लेकर देश की राजनीति के कई बड़े दिग्गत नेता, स्वतंत्रता सेनानी और महान विभूतियां यहां आ चुकी हैं। उनके भाषणों की गूंज से यहां का माहौल भी लाखों की भीड़ जुटाने का गवाह बन चुका है। भिवानी के सेठ किरोड़ीमल पार्क में जुड़े कुछ बड़े व ऐतिहासिक आयोजनों का जिक्र भी इसी परिसर में बनी पंडित नेकीराम शर्मा जिला लाइब्रेरी की पुस्तकों में दर्ज है। करीब दस एकड़ का ये पार्क कई दशकों से ऐसे ही मैदान के रूप में है, जिसमें सर्कस, धार्मिक व राजनीतिक जलसे, अन्य सार्वजनिक आयोजन होते रहे हैं। अब जगह की कमी और जाम की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन और सरकार ने इस पार्क के सदुपयोग की योजना बनाई है। इसी को लेकर स्ट्रीट वेंडिंग जोन बनाने, जिसमें रेहड़ियों को मामूली शुल्क पर लगाने की अनुमति देने व वाहन पार्किंग के साथ-साथ हरा भरा पार्क बनाने की योजना का खाका तैयार हुआ है। इसी पार्क के कुछ हिस्से पर शहर की संस्था स्वदेशी जागरण मंच द्वारा प्रशासन की अनुमति से पेड़ पौधे भी लगाए गए हैं। जिसकी बाड़बंदी भी की हुई है। मनोनीत ट्रस्टी ने इस पर भी कड़ा एतराज जताया है।
बच्चों के खेलने के लिए छोड़ा था पार्क
शहर का प्राचीन सेठ किरोड़ीमल पार्क सेठ किरोड़ीमल की धरोहर है। कोर्ट के आदेश के अनुसार इस पार्क को सेठ किरोड़ीमल ट्रस्ट द्वारा बच्चों के खेलने के लिए छोड़ा गया था। इस पार्क के मूल स्वरूप से किसी भी तरह की छेड़छाड़ करना कोर्ट के आदेशों की अवमानना का दोषी माना जाएगा। इसी को लेकर जिला उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त सह डीएमसी व स्वदेशी जागरण मंच को लीगल नोटिस भेजा गया है। अगर फिर भी प्रशासन इस पार्क के स्वरूप से छेड़छाड़ करता है तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
-विजय बंसल टैनी, मनोनीत ट्रस्टी, सेठ किरोड़ीमल चैरिटी ट्रस्ट भिवानी।