भिवानी। जिले में एटीएम, चोरों और बदमाशों का आसान निशाना बन रही हैं। कारण है कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं होना। जिले में अधिकतर एटीएम पर सुरक्षा कर्मी नहीं हैं। इसके चलते अधिकतर एटीएम का शटर तो रात आठ बजे ही बंद कर दिया जाता है। कुछ ऐसे भी हैं, जहां न सुरक्षा कर्मी और न ही इन्हें बंद किया जाता।
एटीएम चोरी की कई वारदात अभी अनसुलझी है। चाहे वे एसबीआई के तीन एटीएम से करीब 48 लाख की नकदी पर हाथ साफ करना हो या जुई में एटीएम उखाड़ करीब 30 लाख की नकदी चोरी करना हो।
रोहतक, गुरुग्राम में हुई लूट के बाद पिछले सप्ताह ही पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह ने सभी बैंक अधिकारियों की बैठक लेकर सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अधिकतर बैंकों ने न तो अलार्म लगवाया है, न ही डीवीआर सिस्टम को बॉक्स में या अंदर किया है। सुरक्षा कर्मी के अभाव में शटर भी बंद नहीं किया जा रहा।
तीन एटीएम काट उड़ाये थे 47 लाख
अगस्त 2019 में बदमाशों ने शहर के तीन एटीएम को निशाना बनाया। तीनों एटीएम एसबीआई के थे। तीनों से करीब 47 लाख रुपये की नकदी कुछ मिनटों में ही मशीन काटकर उड़ा दी गई। बदमाश सीसीटीवी में तो कैद हुए मगर पुलिस के हाथ आज तक नहीं लगे। बदमाश रोहतक की ओर भागे थे। पुलिस ने रोहतक तक के रास्ते के सीसीटीवी खंगाले। बदमाश अभी तक नहीं पकड़े गए हैं।
जुई में 10 मिनट में एटीएम काट उड़ाए थे 32 लाख
22 दिसंबर 2020 में चोरों ने जुई स्थित एचडीएफसी बैंक के एटीएम को निशाना बनाया था। महज 10 मिनट में एटीएम काट बदमाश 32 लाख रुपये लूट ले गए थे। बदमाश एटीएम काट ट्रे अपने साथ ले गए थे। बाद में ये ट्रे दादरी क्षेत्र में नाले में मिली और नकदी नहीं मिली। बदमाशों ने एटीएम के बाहर लगे सीसीटीवी और मशीन के कैमरे पर स्प्रे मार दिया था। पड़ोस की दुकान के सीसीटीवी में यह घटना कैद हुई है। आज तक भी पुलिस इन बदमाशों का सुराग नहीं लगा पाई है।
पूरी तैयारी से आए थे बदमाश, 15 से 20 मिनट में वारदात को दिया अंजाम
कस्बे में एटीएम न को तोड़ने की वारदात तो पहले जरूर हुई है पर एटीएम को ही उखाड़कर ले जाने की यह पहली वारदात है। इससे पहले चोरों ने इलाहाबाद बैंक के एटीएम को कटर से काटने की कोशिश की थी लेकिन उसमें भी कैश ले जाने में कामयाब नहीं हो सके थे। इस बार बदमाशों ने एचडीएफसी बैक की एटीएम गाड़ी से बांधकर उखाड़ कर ले गए। वारदात को देखें तो चोर पूरी तैयारी से आए थे। आरोपियों ने एटीएम रूम में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया था और मशीन के कैमरा भी क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि पास की दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों में वारदात कैद हो गई। आरोपियों ने महज 15 से 20 मिनट में ही इस वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस कर्मी आने से बचा कैश
बदमाशों एटीएम को करीब तीन किलोमीटर दूर ले जाकर काटने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान वहां से एक पुलिस कर्मी गुजर रहा था। बताया जाता है कि वह एक शादी समारोह से लौट रहा था। इसके बाद उसने बहल थाना में सूचना दी। इसी दौरान पकड़े जाने के डर से बदमाश भाग गए और पौने दो लाख की नकदी बच गई।
तीन थे बदमाश
सीसीटीवी की मदद से पुलिस को पता चला कि वारदात को तीन आरोपियों ने अंजाम दिया। तीनों आरोपियों ने अपना मुंह कपड़े से पूरी तरह से ढक रखा था। पुलिस की माने तो आरोपियों ने मशीन को गाड़ी के पीछे बांध तो लिया पर उसे दूर तक घसीटकर ले जाना उनके लिए आसान नहीं रहा। गाड़ी के पीछे बांधकर घसीटने से मशीन की स्क्रीन टूट गई।
वर्जन
सभी बैंकों को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दे रखे है। मगर ये लापरवाही कर रहे हैं तो स्वयं जिम्मेदार हैं। सभी को सीसीटीवी लगाने, अलार्म लगाने, सीसीटीवी की डीवीआर बॉक्स में रखने, सुरक्षा कर्मी नहीं होने पर शटर बंद करने के निर्देश दे रखे हैं। इसके बावजूद बैंक कर्मी लापरवाही बरत रहे हैं। बहल में पुलिस कर्मी के आने से एटीएम की नकदी बच गई। - अजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक