पांच साल बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने बस स्टैंड से अनाज मंडी ओवरब्रिज तक के खस्ताहाल मार्ग की सुध ली है। करीब साढ़े तीन सौ गड्ढों के कारण यह मार्ग लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। कई जगह तो काफी बड़े गड्ढे बने हुए हैं। अब एनएचएआई ने यहां सात-सात मीटर चौड़ी दोनों तरफ तारकोल-कंकरीट की कारपेट बिछाने की तैयारी कर ली है। अगले दो दिन में काम शुरू हो जाएगा और करीब 12 दिन के अंदर सड़क दुरुस्त करने का यह काम पूरा कर दिया जाएगा।
दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709-ई शहर के बीच से गुजरता है। पिछले करीब तीन-चार साल से इस मार्ग की हालत खस्ता बनी हुई है और लोग गड्ढों के कारण परेशानी झेल रहे हैं। सड़क के करीबन पांच किलोमीटर के हिस्से में 350 से अधिक गड्ढे बने हुए हैं, जिनमें दुपहिया वाहन के साथ तिपहिया वाहन भी असंतुलित होकर हादसों का शिकार हो चुके हैं। अब एनएचएआई रोहतक मंडल ने घनी आबादी से गुजर रहे नेशनल हाईवे के इस खस्ताहाल हिस्से को दुरुस्त कराने का प्लान बनाया है। एनएचएआई द्वारा नया बस स्टैंड से लेकर लोहारू रोड रेलवे ओवरब्रिज तक करीबन पांच किलोमीटर की सड़क पर सवा इंची तारकोल की कारपेट बिछाई जाएगी। इसके साथ ही सड़क के बीच बने डिवाइडर की हालत भी सुधारी जाएगी। एनएचएआई की ओर से सड़क पर तारकोल-कंकरीट की कारपेट बिछाने से पहले सड़क के आसपास के हिस्से को भी समतल किया जा रहा है। ताकि दो दिन बाद शुरू होने वाले काम में ट्रैफिक को लेकर कोई अव्यवस्था न बने।
हर रोज गुजरते हैं 50 हजार वाहन : दिल्ली को रोहतक, राजस्थान, पिलानी, लोहारू व दादरी से जोड़ने वाले बस स्टैंड से अनाज मंडी ओवरब्रिज तक के मार्ग से औसतन हर रोज 50 हजार से ज्यादा वाहन दिनभर में गुजरते हैं। दिल्ली-राजस्थान जाने वाले भारी वाहन इसी मार्ग से गुजरते हैं। इस कारण यह मार्ग खस्ताहाल बना हुआ है।
बारिश तोड़ रही सड़कें, कैसे सुधरे हालात : मार्ग के क्षतिग्रस्त होने का मुख्य कारण सड़क पर जलभराव होना है। यहां हलकी बारिश के दौरान ही पानी जमा हो जाता है और काफी दिनों तक जमा रहता है। जलभराव के कारण ही यह सड़क टूट रही है। दादरी गेट, बावड़ी गेट, हालुवास गेट, रोहतक गेट, सब्जी मंडी, रोहतक रोड पर बस स्टैंड व राधा स्वामी सत्संग भवन के पास ज्यादा जलभराव की समस्या इस नेशनल हाईवे पर होती है। एनएचएआई अब सड़क निर्माण तो कर रही है मगर बारिश के पास की निकासी की व्यवस्था अभी भी यहां नहीं है। जिस कारण यहां जलभराव आगे भी होगा, जिसमें सड़क का ज्यादा समय तक टिकना मुश्किल है। हालांकि शहर से बारिश के पानी की तुरंत निकासी के लिए नई लाइनें बिछाने का काम चल रहा है। जिसमें छह से नौ माह का समय और लगेगा।
एनएच 709-ई पर करीबन पौने पांच किलोमीटर के हिस्से पर तारकोल की नई कारपेट डाली जाएगी। इस काम को आगामी दो दिनों में शुरू कर दिया जाएगा। करीबन दस दिन के अंदर ये काम पूरा होने की उम्मीद है। इस कार्य पर करीबन डेढ़ करोड़ रुपये की लागत आएगी। पहले बनी सड़क पर ही काम होगा। सड़क फिलहाल चौड़ी नहीं की जाएगी।
- राहुल चहल, कार्यकारी अभियंता, एनएचएआई, रोहतक मंडल।