गो रक्षकों व नगर परिषद अधिकारियों के बीच लावारिस पशुओं के इलाज को लेकर लगातार गतिरोध बना है। मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय के बाहर गो रक्षकों के धरने पर न्यू ऑटो यूनियन पदाधिकारियों ने भी अपना समर्थन दिया। वहीं स्कूली बच्चे भी लावारिस पशुओं के इलाज की मांग को लेकर धरने पर पहुंचे और हनुमान चालीसा का पाठ कर नगर परिषद अधिकारियों की सद्बुद्धि की प्रार्थना की।
लगातार छठे दिन क्रमिक अनशन पर गो रक्षा दल सदस्य बैठे। इसी कड़ी में 29 नवंबर को धरना स्थल पर विभिन्न सामाजिक संगठनों की बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें नगर परिषद अधिकारियों के खिलाफ संघर्ष को तेज करने की रणनीति तैयार की जाएगी। गोरक्षा दल के प्रधान संजय परमार ने कहा कि छोटे-छोटे मासूम बच्चों को भी जानवरों की जान की परवाह है। जिन अधिकारियों की ड्यूटी जानवरों की जान बचाना है, वे अपनी ड्यूटी से बचते नजर आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि घायल जानवर संबंधी 26 नवंबर को 17 और 27 नवंबर का 11 केस आए थे। लेकिन नगर परिषद के अधिकारी एक भी केस अटेंड नहीं कर पाए। ठेकेदार गाड़ी खराब होने का बहाना बनाकर ड्यूटी से बच रहे है। इस संबद्ध में अतिरिक्त उपायुक्त को भी मेल के माध्यम से सूचना दे दी गई है।
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि या तो अधिकारी गो रक्षकों की मांग माने या फिर कोई विकल्प तलाश करें, ताकि जानवरों की जान बच सकें। गो रक्षकों के धरने का समर्थन करने पहुंचे न्यू ऑटो रिक्शा यूनियन भिवानी के प्रधान राजेंद्र सोनी ने कहा कि गो रक्षक जायज मांग को लेकर धरने पर बैठे है, जिसे अधिकारी नहीं मान रहे तथा अपनी मनमानी कर रहे है। जिसके चलते गो सेवकों में रोष है। इस मौके पर सुल्तान सैनी, बलदेव, आदी तंवर, कुकी परमार सहित अनेक गो रक्षक मौजूद रहे। संवाद