शहर की सरकार ने पार्षदों को भी अपने-अपने वार्ड में 10-10 लाख तक के विकास कार्य कराने का अधिकार दिया है। इतना ही नहीं शहर वासियों के लिए आफत बने बंदरों को पकड़ने के लिए 25 लाख का टेंडर छोड़ा जाएगा और लावारिस कुत्तों की नसबंदी की जाएगी। शहर में 2500 नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। मंगलवार को नप कार्यालय में हुई बैठक में डेढ़ करोड़ के विकास कार्यों पर मंजूरी की मोहर लगाई गई। मीट शॉप को शहर से बाहर करने, सफाई व्यवस्था का टेंडर छोड़े जाने के भी निर्णय लिए गए।
मंगलवार को रेलवे रोड स्थित नगर परिषद कार्यालय में शहर की सरकार यानी नप हाउस सदन की आम बैठक हुई। चेयरमैन रण सिंह यादव की अनुपस्थिति में कार्यवाहक चेयरमैन एवं उपाध्यक्ष मामनचंद ने अध्यक्षता की। बैठक में नगर परिषद के ईओ दीपक गोयल व नप सचिव राजेश महता भी मौजूद रहे। बैठक की शुरूआत पार्षदों द्वारा अपने अपने वार्डों की समस्याएं गिनाने से हुई। एक-एक समस्या को सुनने के बाद समाधान के लिए बैठक में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिये गए। बैठक में नगर परिषद द्वारा 2500 हाईमास्ट व नई स्ट्रीट लाइटों की खरीद किए जाने का प्रस्ताव पास हुआ। इसी के साथ 25-25 लाख रुपये की लागत से नगर परिषद कार्यालय के प्रथम तल पर मीटिंग हॉल व कॉमन सर्विस सेंटर निर्माण के मसौदे पर भी पार्षदों ने सहमति जताई। शहर के सभी पार्कों के अंदर ओपन जिम लगाए जाने व बच्चों के लिए झूले लगाकर उनके सौंदर्यीकरण की बात कही गई। इसके अलावा शहरी वार्डों में नई गलियों के निर्माण पर भी लाखों का बजट खर्च होगा। बैठक में आमजन की मुख्य समस्या बंदर और कुत्तों को लेकर भी बातचीत हुई। बंदरों को पकडने के लिए वन्य प्राणी विभाग से अनुमति लेकर टेंडर छोड़ने का निर्णय लिया गया। पशुपालन विभाग के साथ मिलकर कुत्तों की नसबंदी कराने का निर्णय लिया गया। इन कार्यों की निगरानी के लिए पांच पार्षदों की निगरानी कमेटी का भी गठन किया जाएगा। जिसकी रिपोर्ट के बाद ही संबंधित ठेकेदारों को राशि का भुगतान होगा।
पीएमएवाई स्कीम पर बैठक में मचा बवाल, कर्मचारियों को फटकारा
प्रधानमंत्री आवास योजना में नगर परिषद के पास 12 करोड़ का बजट आया हुआ है। लेकिन अधिकांश पात्र परिवारों को अभी तक इस योजना का लाभ नहीं मिला है। वजह मकान का नक्शा पास कराने पर अटका है। इसमें कर्मचारी की भूमिका भी संदेह के घेरे में पाई गई। इस पर नप कार्यवाहक चेयरमैन मामनचंद ने कर्मचारी को चेतावनी दी। वहीं बैठक में मौजूद ईओ ने भी कर्मचारी को खूब लताड़ा। पीएमएवाई के मकान निर्माण में 30 वर्ग गज तक का नक्शा स्टेंडर्ड नक्सा सरकार द्वारा पास किया हुआ है। उसी नक्शे को तुरंत पास किया जाए, जबकि धरातल पर अगर कोई इससे अधिक निर्माण करता है तो उसके लिए अलग से नक्शे की जरूरत नहीं। नक्शे को लेकर किसी भी पात्र को योजना से वंचित नहीं रखे जाने की सख्त हिदायत भी दी गई।
पार्षद बोले मकान बनाने की ख्वाहिश लेकर चार लोग हो चुके अलविदा
वार्ड नंबर 31 के पार्षद बलवान सिंह ने कहा कि पीएमएवाई स्कीम में लोग दरदर की ठोकरें खा रहे हैं। अब तक चार लोग तो पीएमएवाई का मकान पास होने के बावजूद मकान बनाने की ख्वाहिश लेकर अलविदा हो चुके हैं, जिनकी मौत के बाद अब मकान का मामला भी खटाई में पड़ चुका है और परिजन भी छत से महरूम रह गए हैं। इस योजना में कर्मचारियों की लापरवाही भारी पड़ रही है।
जहां जरूरत वहां नहीं लगी लाइट
बैठक में पार्षदों ने स्ट्रीट लाइट के मुद्दे को उठाया, इस पर कुछ पार्षदों ने तो स्ट्रीट लाइटों की बार बार डिमांड रखे जाने पर भी लाइटें नहीं मिलने की बात कही। कई पार्षदों ने बिना डिमांड के ही उनके वार्ड में लाइटें लगाए जाने की बात कही। इस पर नप बैठक में मौजूद अधिकारियों को भी नहीं मालूम था कि आखिर ये लाइटें कौन लगा आया। जबकि पार्षद की बिना सहमति के बगैर स्ट्रीट लाइटें नहीं लगाने की सख्त हिदायतें दी गई।
पार्षदों ने मांगा 25 लाख से सड़क रिपेयरिंग का हिसाब
नप बैठक में पार्षदों ने जब अधिकारियों से वार्डों के अंदर 25 लाख रुपये के बजट से सड़क रिपेयरिंग के काम का हिसाब मांगा तो अधिकारी तनाव में आ गए। अधिकारियों की चुप्पी पर नप बैठक में पार्षद भडक़ उठे और भविष्य में पार्षद की संतुष्टि पर ही कर्मचारियों द्वारा सड़क रिपेयरिंग का काम पूरा कराने की सख्त हिदायतें दी गई।
शहर से बाहर होंगी मीट शॉप, पशु डेयरी भी बाहर भेजने के लिए सरकार को भेजेंगे प्रस्ताव
नप बैठक में पार्षदों ने शहर से बाहर सभी मीट शॉप भेजे जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। स्लाटर हाउस में ड्रा के माध्यम से मीट शॉप संचालकों को जगह मुहैया कराई जाएगी। इसके अलावा रिहायशी इलाकों से पशु डेयरियों को बाहर भेजने के लिए भी सरकार के समक्ष प्रस्ताव भेजा जाएगा।
ये पार्षद रहे मौजूद
नप की बैठक में विजय पंचगांवा, मुकेश रहेजा, सुशीला पूनिया, सुशीला देवीी, हर्षदीप, मंजू रानी, रेखा राघव, दलबीर छोटू, कविता, ज्योति तंवर, ज्योति कामरा, राजकुमार, गोविंदराम बिल्लू बादशाह, नरेंद्र सर्राफ, आशा रानी चावला मौजूद रहे।