भिवानी। शहर में करोड़ों के भूमि घोटाले की जांच अभी धीमी पड़ी भी नहीं थी कि अब नगर परिषद में एक और नया करोड़ों रुपयों की सरकारी भूमि का गड़बड़झाला सामने आया है। लाइनपार की एमसी कॉलोनी में राजकीय मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल मुख्य गेट के आगे रातोंरात ईंट और गारा (चिकनी मिट्टी) से भूमि के चारों तरफ नींव अवैध रूप से खिंच डाली। ये नगर परिषद की भूमि बताई जा रही है। कॉलोनी के लोगों को जब इसकी भनक लगी तो आसपास के चार नगर पार्षदों को लेकर मौजिज लोगों ने मामले की शिकायत नगर परिषद अधिकारियों को दी। इसके बाद नगर परिषद अधिकारियों में भी खलबली मच गई और अधिकारी भी हरकत में आ गए।
रेलवे लाइनपार एमसी कॉलोनी में नगर परिषद की राजकीय मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल के आसपास करीब आठ सौ वर्गगज भूमि है, जिसकी मार्केट वैल्यू करीब दो करोड़ से अधिक की आंकी गई है। वार्ड 19 के लोगों को जब रातोंरात इस भूमि पर ईंटों और गारा से चिनाई किए जाने की भनक लगी तो मामले की जानकारी वार्ड के पार्षद को दी। वार्ड के पार्षद ने तुरंत आसपास के वार्डों के पार्षदों को साथ लेकर मामले की शिकायत नगर परिषद अधिकारियों को कर डाली। दरअसल लोगों का कहना है कि नगर परिषद की कभी कॉलोनी में पांच एकड़ भूमि होती थी, लेकिन भूमाफिया और अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी भूमि अवैध कब्जों की शिकार होती चली गई। हाल ही में नगर परिषद में भूमि घोटाला भी उजागर हुआ था, जिसमें पिछली योजना के जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठे थे। इसके बाद इस मामले में जिला प्रशासन ने कार्रवाई की और एफआईआर भी दर्ज हुई थी। इसकी जांच अभी चल ही रही है। अब नए भूमि गड़बड़झाले ने फिर से नगर परिषद अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। अधिकारियों की टीम ने मौके का मुआयना भी किया।
2015-16 में भी हुआ था कब्जे का प्रयास
वार्ड 19 के पार्षद शिवकुमार गोठवाल और कॉलोनी के अन्य मौजिज लोगों का कहना है कि एमसी कॉलोनी में नगर परिषद की काफी भूमि है। 2015-16 में भी नगर परिषद की भूमि पर नाजायज कब्जा करने का प्रयास हुआ था। मामला उस समय काफी सुर्खियों में आया और फिर दब भी गया था। लेकिन एक बार फिर से यहां भूमि पर नाजायज कब्जा जमाने के लिए भूमाफिया सक्रिय हो गए हैं। जिस संबंध में नगर परिषद को भी शिकायत दी गई है।
कॉलोनी के लोगों ने दिया विकल्प
कॉलोनी के लोगों ने नगर परिषद अधिकारियों के समक्ष कब्जाधारियों से निपटने और सरकारी भूमि के सदुपयोग का विकल्प भी दिया। इसमें कॉलोनी के लोगों ने बताया कि सरकारी प्राइमरी स्कूल में इस समय 800 से अधिक बच्चे पहली से पांचवीं तक पढ़ाई कर रहे हैं। अधिक बच्चों की वजह से स्कूल तीन शिफ्टों में लग रहा है। यहां करीब एक हजार वर्गगज भूमि अगर सरकारी स्कूल को सुपुर्द की जाए तो बच्चों की बैठने के लिए शिक्षा विभाग से बेहतर व्यवस्था कराई जा सकती है।
नगर परिषद अधिकारियों की मिलीभगत के बिना ये संभव नहीं : बृजपाल
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने बताया कि नगर परिषद अधिकारियों की मिलीभगत के बिना ऐसा संभव नहीं है। नगर परिषद अधिकारी यहां पहले भी काफी सरकारी जमीन पर कब्जा करा चुके हैं, शहर में अन्य जगहों पर भी सरकारी भूमि को मिलीभगत से बेचा जा चुका है। इसमें एफआईआर तक दर्ज हुई हैं। लेकिन फिर भी भूमाफिया नगर परिषद की भूमि को दबाने की कोशिश में लगे हैं। इस संबंध में संगठन ने जिला प्रशासन व नगर परिषद से भी कार्रवाई की मांग की है। जरूरत पड़ी तो मामला उच्च न्यायालय तक भी ले जाया जाएगा।
नगर परिषद की तकनीकी टीम मौका मुआयना कर इस संबंध में कार्रवाई कर रही है। नगर परिषद की भूमि पर किसी भी सूरत में कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो पुलिस बल के साथ मौके पर कार्रवाई भी की जाएगी।
- अशोक कुमार दांगी, सचिव नगर परिषद, भिवानी।