गांव कुड़ल के प्राइमरी स्कूल में लोहारू केंद्र के तहत सरसों की सरकारी खरीद के दौरान एक फर्जी नंबर की आयशर गाड़ी में गोदाम तक सरसों ले जाने के लिए एक गाड़ी में 320 बैग भरे थे, जो गोदाम तक नहीं पहुंचे और फिर गाड़ी की पड़ताल करने पर पता चला कि ये नंबर ही फर्जी हैं। जिस पर सरपंच प्रतिनिधि की शिकायत पर जुईकलां पुलिस थाना में सरसों चोरी व धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है।
गांव कुड़ल वासी रामकिशन ने जुई कलां पुलिस थाना में दी शिकायत में बताया कि उसकी पुत्रवधू राजेश कुमारी गांव कुड़ल ग्राम पंचायत में सरपंच है। वर्ष 2020-21 के दौरान गांव के प्राइमरी स्कूल में सरसों खरीद का कार्य लोहारू केंद्र के अंतर्गत उपकेंद्र के तौर पर किया गया था। कुड़ल सरसों खरीद उपकेंद्र में शिवनगर कॉलोनी भिवानी वासी अनुप शर्मा बतौर ट्रांसपोर्टर कार्य कर रहा था। उपकेंद्र कुड़ल पर लोहारू एसडीएम द्वारा लेबर कार्य व सरसों की खरीद का कार्य सुचारु रूप से चलाने के लिए उसकी पुत्रवधू राजेश कुमारी सरपंच को कार्य सौंपा था। जिस पर वह सरपंच प्रतिनिधि के तौर पर सरसों की खरीद का कार्य देख रहा था। सरसों खरीद के दौरान नौ मई को एक कैंटर जिसका नंबर फर्जी था, जिसे गाड़ियों की कमी की वजह से उठान पर लगाया गया था। चालक धर्मेंद्र सांगा वासी के माध्यम से गाड़ी मंगवाई थी। उस गाड़ी में 230 बैग यानी 145 क्विंटल 45 किलो ग्राम सरसों लोड कर वेयर हाउस बाड़ो पट्टी बरवाला हिसार के लिए भेजी थी। मगर गाड़ियों की पहुंच रिपोर्ट बरवाला से आई तो ये गाड़ी वहां पहुंची ही नहीं। इस पर पड़ताल करने पर पता चला कि गाड़ी का नंबर ही फर्जी था। इसके बाद ढुलाई ठेकेदार अनुप द्वारा माल को दोबारा खुद के खर्च से खरीदकर वेयर हाउस में भेजा गया। लेकिन अपने तौर पर फर्जी नंबर वाली गाड़ी में सरसों चोरी की पड़ताल पर भी कोई सुराग नहीं लगा। इस मामले की शिकायत जुईकलां पुलिस थाना में दी गई। पुलिस ने महिला सरपंच प्रतिनिधि की शिकायत पर सरसों चोरी व धोखाधड़ी के तहत केस दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी।