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Bhiwani News: सरसों में पाले की मार, कम हुई तेल की धार, नहीं मिल रहे किसानों को खरीदार

Tue, 14 Mar 2023 11:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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नई अनाज मंडी में सरसों की नमी को सूखने के लिए पांव से बिखेरता किसान। 
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भिवानी। सरसों में पाले की मार ने तेल की धार भी कम कर दी है। वहीं किसानों को खरीदार भी नहीं मिल रहे हैं। जिला मुख्यालय की मंडी में रोजाना करीब 300 सौ क्विंटल सरसों की आवक हो रही है। लेकिन अगेती सरसों की फसल में पाले की मार की वजह से कम तेल और रंगत भी नहीं है। इसकी वजह से किसानों की सरसों प्राइवेट तौर पर 4500 से 5200 रुपये प्रति क्विंटल के दाम ही मिल रहे हैं। हालांकि सरकार ने इस बार किसानों के लिए 5450 रुपये प्रति क्विंटल सरसों पर एमएसपी देने की घोषणा की हुई है।
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मंगलवार को खरीद एजेंसी हैफेड के अधिकारियों ने जिला मुख्यालय की मंडी का दौरा किया। जहां पर किसानों की सरसों की फसल भी जांची। अधिकारियों ने फिलहाल किसानों की सरसों में अधिक नमी और साफ सफाई कम दिखाई दी। जिसके लिए उन्होंने आज केवल निर्देश ही दिए हैं, जबकि बुधवार से मुख्यालय की मंडी में सरसों की सरकारी खरीद शुरू होने की संभावना है। भिवानी जिले में सरसों की खरीद के लिए जिला मुख्यालय सहित भिवानी की नौ मंडियों में होगी सरसों की खरीद होगी। फिलहाल किसानों की सरसों की प्रावइेट बोलीदाता भी खास रुझान नहीं दिखा रहे हैं।
मंडी के आढ़ती अश्वनी कुमार ने बताया कि मंडी में रोजाना ही करीब एक हजार कट्टे सरसों आ रहेे हैं। अगेती सरसों में पाले की मार है, इसलिए इसमें ज्यादा तेल की मात्रा भी नहीं है। इसलिए किसानों को प्रति क्विंटल 4500 से 5200 रुपये का भाव ही मिल रहा है। जबकि सरकारी रेट 5450 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया हुआ है। उसने बताया कि फिलहाल मंडी पहुंच रही सरसों में प्रति क्विंटल 28 से 30 किलो तेल ही आंका जा रहा है, जबकि पिछले साल की सरसों में 38 से 40 किलो प्रति क्विंटल तेल की मात्रा पाई गई थी। अभी सरसों की कटाई चल ही रही है। ऐसे में किसानों को एमएसपी पर खरीद शुरू होने पर ही राहत मिल सकती है।
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ई नेम और ई खरीद पोर्टल पर बना असमंजस
मंडी आने वाले किसानों के लिए ई नेम और ई खरीद पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन को लेकर भी अभी असमंजस बना है। हालांकि हैफेड खरीद एजेंसी के अधिकारी ई खरीद पोर्टल व मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्टर्ड किसानों की सरसों ही खरीद करने की बात कह रहे हैं, लेकिन जिन किसानों ने अभी तक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है वे ई नेम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन से प्राइवेट आढ़तियों को भी सरसों बेच रहे हैं।
तीन लाख 60 हजार एकड़ में हुई थी सरसों की बिजाई
कृषि विभाग के आंकड़ों की बात करें तो इस बार तीन लाख 60 हजार एकड़ में सरसों की बिजाई की गई थी। जबकि तीन लाख 65 हजार एकड़ में किसानों ने सरसों की बिजाई की थी। इसके अलावा 25 हजार एकड़ में चना और सात हजार एकड़ में जौ की बीजाई हुई है। इस बार मौसम की मार भी सरसों की फसल पर पड़ी है, जिससे उत्पादन में गिरावट की संभावना भी है।
मिलर भी नहीं खरीद रहे सरसों
जिले में 10 से अधिक तेल मिल मालिक भी हैं। लेकिन अभी तक मिलरों ने भी सरसों की खरीद को लेकर ज्यादा रुझान नहीं दिखाया है। फिलहाल आढ़ती ही अपनी सुविधा के अनुसार किसानों की सरसों को औने-पौने दामों में खरीद कर रहे हैं।
अधिकांश किसानों की मंडी में सुख रही सरसों की फसल
जो किसान अगेती सरसों को लेकर मंडी आ रहे हैं, उनकी फसल में आढ़ती भी अधिक नमी बनाकर किनारा कर रहे हैं। जिससे परेशान किसान अपनी फसल को मंडी में ही बिछाकर उसे धूप में सुखाने में जुटे हैं। खरीद एजेंसी अधिकारियों ने भी उन्हें फसल में नमी कम करने के लिए फसल सुखाने की हिदायतें दी हैं।
आज मंडी में किसानों की सरसों की फसल का जायजा लिया है। सरसों में नमी ज्यादा है और सफाई भी नहीं है। इसके लिए मंडी में आए किसानों को जरूरी हिदायतें दी हैं। बुधवार से मंडी में सरसों की खरीद की संभावना है।
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- नवीन कुमार, परचेजर हैफेड सरकारी खरीद एजेंसी।
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