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मजदूर बोले, हमारे जाने की व्यवस्था करो, नहीं होती तो हमें पैदल ही जाने दो...

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शहर के रोहतक रोड पर कतारबद्ध होकर जाते प्रवासी मजदूर। - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। साहब, एक सप्ताह से वैश्य कॉलेज में ठहरे हैं। मेडिकल सर्टिफिकेट भी आठ मई को बन गया था। हर रोज कहते हैं आज-कल में जाने की व्यवस्था हो जाएगी। आज सुबह पूछा तो कहने लगे आपको यहां ठहरना है तो रहो, नहीं तो चले जाओ। इसी कारण हम पैदल ही जा रहे हैं। यह कहना यूपी के मुरादाबाद के खरपरवास वासी गिरीराज का। गिरीराज सहित 80 मजदूर पैदल ही अपने घरों की रवाना हो गए। करीब आठ किलोमीटर का सफर तय कर रोहतक रोड पर हुन्नामल प्याऊ के पास पहुंचे तो पुलिस नाके पर तैनात कर्मचारियों ने उन्हें वापस भगा दिया। इसके बाद सभी 80 मजदूर वापस वैश्य कॉलेज पहुंचे। मजदूरों ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन उनकी मदद नहीं कर रहा। बसें आई थीं, मगर वापस कर दी गई।
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जिला प्रशासन की ओर से प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजने के लिए अलग-अलग जगह ठहराया हुआ है। भिवानी के वैश्य कॉलेज में भी करीब 80 मजदूर ठहरे हैं, जो यूपी के विभिन्न जिलों से हैं। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें एक सप्ताह से यहां रखा हुआ है, मगर भेजने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जा रही। मजदूरों ने आरोप लगाया कि वे यहां परेशान हो गए हैं और हमारे परिजन भी चिंतित हैं। इसलिए हम जाना चाहते है। प्रशासन कोई व्यवस्था नहीं कर रहा तो हमें पैदल ही जाने दो। बंद करके क्यों रखा गया है।
दिन में चार बार पूछते हैं, हर बार बहाना
मजदूर हरिसिंह ने बताया कि एक सप्ताह से वे वैश्य महाविद्यालय में ठहरे हैं। मेडिकल बनाते ही बस में बैठाने की बात कही थी, मगर पांच दिन हो गए। बस भी थी मगर वापस भेज दी। आज कह रहे हैं कि कोई व्यवस्था नहीं होगी, जाओ कही भी। इसी कारण वे पैदल जा रहे थे। अब वहां सभी पुलिस ने वापस भेज दिया। मजदूर गिरीराज ने बताया कि सभी 80 मजदूर तनाव में हैं। हमें समझ नहीं आ रहा कि हो क्या रहा है और अब क्या करें। सुबह बोले जाओ कही भी। पैदल जा रहे थे तो नाके से पुलिस ने वापस यहां भेज दिया।
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दूसरे राज्यों की सरकार जब मजदूरों को लेने के लिए तैयार होगी, तभी मजदूरों को भेजा जा सकेगा। अब यहां से मजदूरों को भेज दें और वहां सीमा पर एंट्री ही नहीं मिले तो क्या करेंगे। मजदूर धैर्य रखें, जल्द ही उनके लिए जाने की व्यवस्था होगी। पैदल जाने की किसी को अनुमति नहीं है। - वीरेंद्र सिंह, डीएसपी
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