गंदे नाले में मिले गोवंश के अवशेष मामले में सीआईए द्वितीय टीम ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दिल्ली से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें एक को मंगलवार को पकड़ा था, जिसे कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। दो अन्य आरोपियों को बुधवार को पकड़ा गया है, जिन्हें वीरवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दादरी रोड स्थित नगर परिषद के मुख्य डंपिंग प्वाइंट पर ही गोवंश की हत्या की जाती थी। यहां से उनके अवशेष नाले में फेंक दिए जाते थे और मांस को दिल्ली में बेचा जाता था। रास्ते में पुलिस न रोके, इसलिए लग्जरी गाड़ियों से मांस की सप्लाई की जाती थी। पुलिस फिलहाल आरोपियों से पूछताछ में जुटी है।
उल्लेखनीय है कि इसी साल छह मार्च को लोहारू रोड स्थित गंदे नाले में गोवंश के 20 सिर, 36 खुर और 10 खालें प्लास्टिक कट्टों में बंद मिली थीं। ढाणा रोड दादरी गेट वासी दयानंद अपना सेफ्टी टैंक खाली करने लोहारू रोड पर गंदे नाले के पास गया था। जहां उसे गोवंश का अवशेष दिखाई दिया। इसकी सूचना देने पर गोसेवकों ने गोवंश को नाले में गिरने से मौत का मामला समझ सींग पकड़ बाहर निकालने का प्रयास किया तो प्लास्टिक कट्टा निकला, जिसमें सिर्फ गोवंश का सिर था। उसमें और भी गोवंश के अवशेष थे। तब पुलिस ने शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ हरियाणा गोवंश संवर्धन अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था। नौ मार्च को फिर से नाले में गोवंश के करीब 24 खुर मिले। 10 मार्च को गोवंश का एक सिर और करीब सात खालें मिलीं। उसके बाद पुलिस ने 150 पुलिस कर्मियों के साथ सर्च अभियान चलाया था।
नदीम की गिरफ्तारी के बाद हुआ पूर मामले का खुलासा
एसपी अजीत सिंह शेखावत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे जांच के लिए सीआईए द्वितीय को सौंपा। इंचार्ज इंस्पेक्टर श्रीभगवान के नेतृत्व में सीआईए द्वितीय की टीम ने मामले की जांच शुरू की। इस क्रम में मस्जिद वाली गली, कदमपुरी दिल्ली से आरोपी नदीम (30) को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया। उसे कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया तो गोकशी के खेल का खुलासा हुआ। उसके बाद पुलिस ने दिल्ली से ही उसके दो और साथियों बरेली वासी इरफान व दिल्ली वासी मोहसिन को गिरफ्तार किया। ये मूलरूप से उत्तर प्रदेश के संभल के रहने वाले हैं।
लग्जरी गाड़ियों से होती थी मांस की सप्लाई, आगे चलती थी एक पायलेट गाड़ी
प्राथमिक पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी पुलिस और गोसेवकों से बचने के लिए लग्जरी गाड़ियों का प्रयोग करते थे। मांस को बड़े पॉलिथीन में डालकर लग्जरी गाड़ियों में भरते थे। इस खेल में एसएक्स-4 और स्कार्पियो गाड़ी का प्रयोग किया जाता था। जिस गाड़ी में मांस होता उससे थोड़ा आगे दूसरी गाड़ी पायलेट करते हुए चलती थी। जहां खतरा नजर आता वहीं से आरोपी मार्ग बदल लेते थे।
10 मिनट में एक गोवंश को काट कर देते थे पॉलिथीन में पैक
तस्कर इस काम के इतने माहिर है कि महज 10 मिनट में एक गोवंश को काट कर उसका मांस पॉलिथीन में पैक कर देते थे। एक समय में चार से पांच गोवंश को निशाना बनाया जाता था। यह खेल पिछले करीब दो माह से चल रहा था।
कचरे के पास रहने वाले गोवंश थे आसान शिकार
शहर भर का कचरा नगर परिषद की ओर से दादरी रोड स्थित खाली जगह में डाला जाता है। इसके बाहरी तरफ चहारदीवारी खिंची हुई है। अंदर घने कचरे में खासी संख्या में लावारिस पशु मुंह मारते रहते हैं। इस जगह पर लावारिस पशु तस्करों का आसान शिकार बने। गोवंश का मांस काटने के बाद अवशेष पकड़े न जाएं, इससे बचने के लिए प्लास्टिक कट्टों में अवशेष डाल वहीं नाले में फेंक दिए जाते थे।
स्थानीय लोगों की मिलीभगत से चल रहा था खेल
आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि इस घिनौने खेल में स्थानीय लोग भी शामिल थे। रुपये के लालच में दिनोद मार्ग के एक गांव के कुछ लोग जो फिलहाल डाबर कॉलोनी में रह रहे हैं, वे भी इससे जुड़े थे। उन्हीं की मदद से ये सारा खेल चल रहा था।
गोवंश के अवशेष मिलने के मामले में तीन आरोपियों को पकड़ा गया है। प्राथमिक जांच में ये सामने आया है कि नप के कचरे वाली जगह पर गोवंश काटकर मांस सप्लाई किया जाता था और अवशेषों को नाले में फेंक दिया जाता था। कुछ स्थानीय लोगों के नाम भी आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- इंस्पेक्टर श्रीभगवान यादव, इंचार्ज सीआईए द्वितीय।