भिवानी(ढिगावा मंडी)। लोहारू क्षेत्र के गांव ढाणी लक्ष्मण में मंगलवार दोपहर मनीषा मौत मामले को लेकर पंचायत हुई। इस दौरान मनीषा के पिता संजय ने हाथ जोड़कर सभी से बेटी को न्याय दिलाने की भावुक अपील की। पंचायत में निर्णय लिया गया कि 30 नवंबर को सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक गांव के मैन बस स्टैंड पर सांकेतिक धरना और भूख हड़ताल की जाएगी। साथ ही सीबीआई से अपील की गई कि मनीषा की मौत का सच सबके सामने लाया जाए और अब तक की जांच परिजनों को साझा की जाए।
पंचायत की अध्यक्षता पूर्व सरपंच अणतराम शर्मा ने की। किसान नेता सुरेश कोथ, शहीद भगतसिंह ट्रस्ट के अध्यक्ष मोनू तालु, गो रक्षक कालु कुड़ल, सूबे सिंह सरपंच कारी मोद श्यामी समाज दादरी जिला अध्यक्ष, नरेश पहाड़ी, राजकुमार हडोदी, अनिल मोटु काकडोली, बिन्टु करनाल सरपंच जयसिंह, पूर्व सरपंच शम्भू और जितेन्द्र शर्मा ने अपने विचार रखे।
मनीषा के पिता संजय ने पंचायत में न्याय के लिए हाथ जोड़कर गुहार लगाई। सुरेश कोथ ने कहा कि हमने पहले भी कहा था कि धरने को स्थगित कर रहे हैं। जब तक बेटी को न्याय नहीं मिलेगा यह लड़ाई जारी रहेगी। सरकारी स्तर पर हमारी सीबीआई से जांच की मांग और एम्स में पोस्टमार्टम कराने की बात को माना गया था लेकिन अब इसे ठंडे बस्ते में डाल रखा है। इससे प्रदेश का आम आदमी नाराज है।
सुरेश कोथ ने बताया कि पंचायत में एक दिन का सांकेतिक धरना देने की अपील की गई और इसके लिए ग्रामीणों ने 30 नवंबर की तारीख तय की। उन्होंने कहा कि हमने जांच एजेंसी और सरकार को समय देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है लेकिन सत्य आज तक सामने नहीं आया। यह बात हजम नहीं हो रही है। यह न्याय की लड़ाई है कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। इस तरह की घटनाएं समाज की अन्य बेटियों की पढ़ाई-लिखाई में भी बाधा बनती हैं। अगर मनीषा को न्याय नहीं मिलेगा तो हर माता-पिता के दिल में भय बना रहेगा कि मनीषा के हत्यारे आज तक सामने नहीं आए हैं। हम एक दिन का सांकेतिक धरना देकर सरकार और सीबीआई को यह बताना चाहते हैं कि बेटी को जल्दी न्याय दिलाया जाए वरना देर से मिला न्याय भी अन्याय के बराबर होगा। करनाल से आए बिन्टु ने कहा कि हरियाणा के डीजीपी आज बदमाशों के खिलाफ बहुत ही सराहनीय काम कर रहे हैं। ऐसे दरिंदों के खिलाफ भी उन्हें सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
मनीषा की मौत को 91 दिन और सीबीआई जांच को 70 दिन पूरे
11 अगस्त से घर से लापता ढाणी लक्ष्मण निवासी 19 वर्षीय मनीषा का शव 13 अगस्त को सिंघानी नहर के पास मिला था। मनीषा की मौत को 91 दिन हो चुके हैं और सीबीआई की जांच भी 70 दिन पूरे कर चुकी है लेकिन मौत का सच अब तक सामने नहीं आया। तीन सितंबर से मनीषा मौत मामले की जांच में जुटी सीबीआई तीसरी बार दिल्ली लौट गई। 27 अक्तूबर को सीबीआई भिवानी से दिल्ली गई थी और अब तक वापस नहीं लौटी। हालांकि सीबीआई के अधिकारी दिल्ली में ही इस मामले की तहकीकात में लगे हैं।
पंचायत में लिया फैसला: बेटी को मिले जल्द न्याय
मनीषा के पिता संजय ने बताया कि पंचायत में सभी ने फैसला लिया कि बेटी को न्याय मिले। इसी के चलते 30 नवंबर को सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक एक दिन का सांकेतिक धरना और भूख हड़ताल गांव ढाणी लक्ष्मण के मुख्य बस स्टैंड पर किया जाएगा। साथ ही सीबीआई से अब तक की जांच में सामने आए तथ्यों को उजागर करने की अपील की गई है।