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हर गांव में लगेंगे भाजपा-जजपा नेताओं के नो एंट्री बोर्ड

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कितलाना टोल पर आयोजित किसान महापंचायत को संबोधित करते संयुक्त किसान मोर्चा के नेता गुरनाम सिंह ? - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलनरत किसानों ने अब अपना कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। इस कड़ी में रविवार को हुई किसान महापंचायत में भाजपा-जजपा नेताओं के भिवानी-चरखी दादरी जिले के सभी गांवों में नो एंट्री बोर्ड लगाने का निर्णय लिया। साथ ही निर्णय लिया कि इन बोर्ड के बावजूद कोई भाजपा-जजपा नेता आता है तो उसे शांतिपूर्ण तरीके से काले झंडे दिखाए। इसके अलावा भी कुछ अहम फैसले लिए गए। रविवार को हुई किसान महापंचायत में किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी, गौरव टिकैत, महम से विधायक बलराज कुंडू, निर्दलीय विधायक सोमबीर सांगवान आदि ने जोश भरा।
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फसल कटाई का सीजन होने के बावजूद कितलाना टोल पर रविवार को हुई किसान महापंचायत में खासी भीड़ उमड़ी। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता गुरनाम सिंह चढूनी और गौरव टिकैत ने किसानों को संबोधित किया। महापंचायत से रूबरू होते हुए किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि आज कॉरपोरेट जगत और जनता के बीच जंग है और इसके लिए शोषित व पीड़ित वर्गों को एकजुट होने की जरूरत है। आज सरकार, मीडिया और अर्थव्यवस्था पर बड़े घरानों का कब्जा है। नीति निर्धारण करने वाली राज्यसभा में अरबपतियों का बोलबाला है, जो अपने माफिक कानून बनवाते हैं। ये तीनों कृषि कानून इसका प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के युवा नेता गौरव टिकैत ने कहा कि भाजपा भाईचारे को तोड़ना चाहती है लेकिन 36 बिरादरी इस जनांदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष कर रही है और सरकार के इस मंसूबे को सफल नहीं होने देगी। देश के अन्नदाताओं ने अंग्रेजों के समय भी अपने हकों को नहीं छोड़ा था और आज भी अपनी मांगों को पूरा करवाकर रहेंगे। महम से निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू ने कहा कि सरकार आंदोलन को दबाने और कुचलने का प्रयास कर रही है लेकिन कामयाब नहीं होगी। उन्होंने कहा कि किसान और मजदूरों ने इस आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक गुंजा दिया है। महापंचायत में कुछ अहम फैसले लिए गए, जिनका सभी ने हाथ उठाकर समर्थन किया। महापंचायत में 54 खाप, किसान, मजदूर, सामाजिक, व्यापारी और कर्मचारी संगठन शामिल हुए। मंच संचालन कामरेड ओमप्रकाश ने किया। महापंचायत में नरसिंह डीपीई, बलवंत नंबरदार, गंगाराम श्योराण, बिजेंद्र बेरला, विनोद गुलिया, तुलसी ग्रेवाल, फूल सिंह श्योकंद, जगमति सांगवान, राजू मान, सुरेखा, कमल प्रधान, बाबा सदानंद सरस्वती, रवि आजाद, विकास सीसर, जिले सिंह, ओमप्रकाश धनखड़, पूर्व विधायक नृपेंद्र श्योराण, सुशील साहुवास, अशोक जोगी, श्रीभगवान दहिया, ईश्वर शर्मा, गुलाब सिंह धीमाना, सुरेंद्र खत्री, विनोद सांगवान, नितिन जांघू, राजसिंह जताई, धर्मेन्द्र छपार, दिलबाग ग्रेवाल, रमेश टमाटरवाला, मनीषा बिश्नोई, अनिता सिहाग ने भी अपने विचार रखे। इस मौके पर रोशनलाल वशिष्ठ, कमलेश भैरवी, राजकुमार घिकाड़ा, सुरजभान सांगवान, आचार्य देवी सिंह, डिंपी पहलवान, रामोतार बलियाली, कृष्णा छपार, मुकेश पहाड़ी, सुखदर्शन सरोहा, ओमप्रकाश सैनी, विनोद मोड़ी, रामकुमार कादयान, दुष्यंत कलकल, रघुबीर श्योराण, सीताराम शर्मा, अनिल शेषमा, सुभाष यादव, सूबेदार सत्यवीर, पूर्व सरपंच समुंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
महापंचायत में ये लिए अहम फैसले
महापंचायत के मुख्य वक्ता व दादरी से निर्दलीय विधायक सोमबीर सांगवान ने महापंचायत में लिए गए निर्णय सुनाते हुए कहा कि हर गांव में 36 बिरादरी के सहयोग से 11-11 महिलाओं और पुरुषों की कमेटी बनाई जाएगी। हर घर और गाड़ी पर संयुक्त किसान मोर्चा का झंडा और स्टीकर लगाया जाएगा। संसद कूच की अभी से तैयारी की जाएगी। भाजपा और जजपा नेताओं के हर गांव में नो एंट्री के बोर्ड लगाए जाएंगे। इसके बावजूद आने पर शांतिपूर्ण ढंग से काले झंडे दिखाकर विरोध किया जाएगा। राज्यपाल सत्यदेव शास्त्री, सतपाल मलिक, जगदीप धनखड़ और कप्तान अभिमन्यु को किसान आंदोलन के संदर्भ में पत्र लिखा जाएगा। जब तक आंदोलन चलेगा सभी बॉर्डरों पर सभी खापें हर रोज खाद्य सामग्री भेजेंगी और हाजिरी बढ़ाएंगी। इसका पंचायत में हाजिर सभी लोगों ने हाथ उठाकर समर्थन किया।
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